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आज समाप्त हो जाएगी खटकड़ में धरने की अनुमति

Fri, 10 Jun 2016 12:27 AM IST
jind
jind Updated Fri, 10 Jun 2016 12:27 AM IST
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jat agitation,permission in jind
ध्‍ारने पर बैठे लाोग - फोटो : bureau
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से खटकड़ गांव में दिए जा रहे धरने की अनुमति शुक्रवार शाम छह बजे समाप्त हो जाएगी। इसके बाद धरने की अनुमति पर क्या फैसला होगा, यह शुक्रवार को ही तय होगा। वहीं, जाट नेताओं ने साफ कर दिया कि वे शांतिपूर्ण धरना लगातार चलाएंगे। वीरवार को जाट नेता धर्मपाल छोत ने क्षेत्र के खाप नेताओं से आंदोलन को समर्थन देने का आह्वान किया है। गौरतलब है कि क्षेत्र की खापें फिलहाल आंदोलन में शामिल नहीं हैं।
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धरने पर पहुंचे जाट नेताओं ने सरकार पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की नीयत में खोट है। यही कारण है कि जाटों को आरक्षण नहीं मिल पा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि यदि जाट आरक्षण को नौंवी सूची में सरकार डाल देती तो इसको चुनौती नहीं दी जा सकती थी, लेकिन सरकार की आरक्षण देने की मंशा नहीं है।
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13 जून के बाद आंदोलन में सक्रिय हो सकती हैं खाप
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेता धर्मपाल छोत के अनुसार कुछ गुटों की ओर से 17 जून से आंदोलन के बयान आए हैं। 13 जून को अदालत में जाट आरक्षण पर सुनवाई होनी है। ऐसे में 13 के बाद खाप आंदोलन में सक्रिय हो सकती हैं।
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सरकार जाटों को लड़वाना चाहती है
सरकार जाटों को आपस में लड़वाना चाहती है। इसके चलते ही दो जून को खापों और संघर्ष समिति की अलग-अलग मीटिंग बुलाई गई। चंडीगढ़ में प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला और कृषि मंत्री ओपी धनखड़ के साथ हुई मीटिंग में खापों ने कोई आंदोलन शुरू नहीं होने देने का आश्वासन दिया, जबकि दिल्ली में परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार के साथ हुई संघर्ष समिति की बैठक में आंदोलन की घोषणा हो गई। ऐसे में अब सरकार ने जाटों को ही दो गुटों में बांट दिया है।
धर्मपाल छोत, प्रदेशाध्यक्ष आरक्षण संघर्ष समिति

क्यों करें आंदोलन
सरकार ने जाटों को आरक्षण दिया है। अब इसे अदालत में चुनौती दी गई है। यहां आरक्षण की पैरवी के लिए खापों की मांग पर सरकार ने निजी वकील भी तैयार किए हैं। सरकार मजबूती से जाट आरक्षण की पैरवी कर रही है। ऐसे में आंदोलन करने का कोई आधार नहीं बनता। मैं किसी के आंदोलन के खिलाफ नहीं, लेकिन जाट समाज के लोगों से अपील है कि वे शांति बनाए रखें। यदि सरकार की ओर से कोई कमी रही तो आंदोलन किया जाएगा। अभी मामला अदालत में है।
सूबे सिंह समैण, सदस्य सर्व जाट संगठन

शुक्रवार तक है इजाजत, फिर लेंगे मंजूरी
प्रशासन ने शुक्रवार शाम तक धरने को मंजूरी दी है। जाट शांति पूर्ण धरना दे रहे हैं और प्रशासन के साथ कोई टकराव भी नहीं चाहते। ऐसे में शुक्रवार या शनिवार को दोबारा मंजूरी ली जाएगी।
कैप्टन भूपेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति

कानून व्यवस्था प्राथमिकता
प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। शांति पूर्ण आंदोलन करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन हिंसा सहन नहीं की जाएगी। कानून के दायरे में रहकर जो लोग आंदोलन कर रहे हैं, वे करें।

विनय सिंह डीसी, जींद

निडाना के युवकों को मिली जमानत
जाट आरक्षण के लिए निडाना गांव के बस स्टॉप पर धरना देने के आरोप में गिरफ्तार दोनों युवकों को अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया। गतौली चौकी प्रभारी धर्मबीर के अनुसार राजपाल और दिनेश को जमानत मिल गई है।

अगले सप्ताह से तहसील स्तर पर धरने
आंदोलन को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई तो 13 जून से तहसील स्तर पर धरना देकर विरोध किया जाएगा।
कैप्टन भूपेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति
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