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दूसरे दिन भी हुई बारिश, एक मकान की दीवार तो दूसरी की छत गिरी
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बेरीखेड़ा गांव में बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुआ मकान। संवाद
- फोटो : Jind
वीरवार को दूसरे दिन भी जिले भर में बारिश हुई। हालांकि बारिश कम रही और दोपहर तक लोगों को गर्मी से राहत मिली। दोपहर बाद धूप निकलने से उमस बढ़ गई और गर्मी ने परेशान किया। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश की संभावना जताई। हालांकि जिले में कई क्षेत्रों में बारिश के कारण खेतों में जलभराव की स्थिति है। इससे किसानों में चिंता है।
बुधवार को हुई बारिश के बाद वीरवार सुबह कुछ क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई। इससे गर्मी से राहत मिली, लेकिन अब किसान अधिक बारिश से फसलों को हो रहे नुकसान से डर रहे हैं। वीरवार को जींद में तीन एमएम, नरवाना पांच व उचाना में सात एमएम बारिश दर्ज की गई। अन्य स्थानों पर बूंदाबांदी हुई।
कपास की फसल को पहुंच रहा नुकसान
उचाना में बारिश से अब लोगों को परेशानी होने लगी है। खेतों में पानी भरने से कपास की फसल को नुकसान होने लगा है। वीरवार को सुबह हुई बारिश के बाद बाजारों में पानी भरने से दुकानदारों के साथ-साथ राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। डाकघर रोड पर एसबीआई, राजेंद्रा कॉलोनी में बैंक कांप्लेक्स के पास व डाकघर के पास पानी भरा रहा। हाईवे पर सड़क किनारे बने नाले से पानी की निकासी नहीं होने से हाईवे पर दोनों तरफ बारिश का पानी भरा रहा। सड़क पर पानी भरने से वाहन चालकों को सड़क में गड्ढे होने का डर बन गया है। बुडायन व भौंगरा सहित आसपास के गांवों में जहां बारिश का पानी खेतों में भरा है, वहां कपास की फसल को नुकसान होने लगा है। किसान दलबीर, जितेंद्र, दलेर व सुनील ने कहा कि दो दिन से बारिश हो रही है। इससे पहले भी पिछले सप्ताह बारिश हुई थी। खेतों में पानी भरने से कपास की फसल खराब होने लगी है। कई खेतों में तो कपास की फसल बिल्कुल खराब हो चुकी है। पानी भरने से फसल को हुए नुकसान का मुआवजा गिरदावरी करवा कर किसानों को दिया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान की कुछ भरपाई हो। वहीं एसडीएम डॉ. राजेश खोथ ने कहा कि बारिश के पानी की निकासी को लेकर हाईवे प्रशासन को लिखेंगे। फोटो कैप्शन
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बेरीखेड़ा में बारिश से गिरी मकान की दीवार, पीड़़ित परिवार ने चौपाल में ली शरण
पिल्लूखेड़ा के बेरीखेड़ा गांव में बुधवार रात को बारिश के चलते मकान की दीवार गिर गई। मकान क्षतिग्रस्त होने के चलते मकान मालिक अनिल ने परिवार के साथ गांव की चौपाल में शरण ली।
गांव के सरपंच राजेश कुमार ने बताया कि गांव में बीती रात अनिल के मकान की दीवार गिर गई, जिससे पीड़ित का परिवार बाल-बाल बच गया। सरपंच ने कहा कि अनिल का मकान क्षतिग्रस्त होने के चलते उसके पास रहने को जगह नहीं रहा। इससे अनिल को गांव की चौपाल में शरण लेनी पड़ी। पीड़ित मकान मालिक अनिल ने बताया कि वह एक जरूरतमंद व्यक्ति है। 12 वर्ष पहले शरीर में लकवा मार गया था। अनिल ने प्रशासन से मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है।
सिरसा खेड़ी में बारिश के चलते गिरी मकान की छत
गांव सिरसा खेड़ी में भी बारिश के कारण नसीब के मकान की छत गिर गई है। उन्होंने प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। समाजसेवी रेखा धीमान ने कहा कि नसीब के पिता सुरेंद्र और मां बबीता का देहांत तो नसीब के बचपन में ही हो गया था। सिर पर माता-पिता का साया नहीं होने के कारण 12वीं की पढ़ाई के बाद पैसों की कमी के कारण आगे की पढ़ाई भी जारी नहीं रख पाया और मजदूरी कर छोटे भाई आशीष को भी पढ़ा रहा है। 28 जुलाई को हुई भारी बारिश के कारण नसीब के घर की छत गिर गई। बचाव यह रहा कि इस हादसे में किसी को कोई जान की हानि नहीं हुई है, लेकिन घर का नुकसान हुआ है। ऐसे में उन्होंने प्रशासन व सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द इन दोनों भाइयों को आर्थिक और अन्य जरूरी सामग्री के साथ सहायता की जाए।
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बुधवार को हुई बारिश के बाद वीरवार सुबह कुछ क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई। इससे गर्मी से राहत मिली, लेकिन अब किसान अधिक बारिश से फसलों को हो रहे नुकसान से डर रहे हैं। वीरवार को जींद में तीन एमएम, नरवाना पांच व उचाना में सात एमएम बारिश दर्ज की गई। अन्य स्थानों पर बूंदाबांदी हुई।
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कपास की फसल को पहुंच रहा नुकसान
उचाना में बारिश से अब लोगों को परेशानी होने लगी है। खेतों में पानी भरने से कपास की फसल को नुकसान होने लगा है। वीरवार को सुबह हुई बारिश के बाद बाजारों में पानी भरने से दुकानदारों के साथ-साथ राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। डाकघर रोड पर एसबीआई, राजेंद्रा कॉलोनी में बैंक कांप्लेक्स के पास व डाकघर के पास पानी भरा रहा। हाईवे पर सड़क किनारे बने नाले से पानी की निकासी नहीं होने से हाईवे पर दोनों तरफ बारिश का पानी भरा रहा। सड़क पर पानी भरने से वाहन चालकों को सड़क में गड्ढे होने का डर बन गया है। बुडायन व भौंगरा सहित आसपास के गांवों में जहां बारिश का पानी खेतों में भरा है, वहां कपास की फसल को नुकसान होने लगा है। किसान दलबीर, जितेंद्र, दलेर व सुनील ने कहा कि दो दिन से बारिश हो रही है। इससे पहले भी पिछले सप्ताह बारिश हुई थी। खेतों में पानी भरने से कपास की फसल खराब होने लगी है। कई खेतों में तो कपास की फसल बिल्कुल खराब हो चुकी है। पानी भरने से फसल को हुए नुकसान का मुआवजा गिरदावरी करवा कर किसानों को दिया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान की कुछ भरपाई हो। वहीं एसडीएम डॉ. राजेश खोथ ने कहा कि बारिश के पानी की निकासी को लेकर हाईवे प्रशासन को लिखेंगे। फोटो कैप्शन
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बेरीखेड़ा में बारिश से गिरी मकान की दीवार, पीड़़ित परिवार ने चौपाल में ली शरण
पिल्लूखेड़ा के बेरीखेड़ा गांव में बुधवार रात को बारिश के चलते मकान की दीवार गिर गई। मकान क्षतिग्रस्त होने के चलते मकान मालिक अनिल ने परिवार के साथ गांव की चौपाल में शरण ली।
गांव के सरपंच राजेश कुमार ने बताया कि गांव में बीती रात अनिल के मकान की दीवार गिर गई, जिससे पीड़ित का परिवार बाल-बाल बच गया। सरपंच ने कहा कि अनिल का मकान क्षतिग्रस्त होने के चलते उसके पास रहने को जगह नहीं रहा। इससे अनिल को गांव की चौपाल में शरण लेनी पड़ी। पीड़ित मकान मालिक अनिल ने बताया कि वह एक जरूरतमंद व्यक्ति है। 12 वर्ष पहले शरीर में लकवा मार गया था। अनिल ने प्रशासन से मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है।
सिरसा खेड़ी में बारिश के चलते गिरी मकान की छत
गांव सिरसा खेड़ी में भी बारिश के कारण नसीब के मकान की छत गिर गई है। उन्होंने प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। समाजसेवी रेखा धीमान ने कहा कि नसीब के पिता सुरेंद्र और मां बबीता का देहांत तो नसीब के बचपन में ही हो गया था। सिर पर माता-पिता का साया नहीं होने के कारण 12वीं की पढ़ाई के बाद पैसों की कमी के कारण आगे की पढ़ाई भी जारी नहीं रख पाया और मजदूरी कर छोटे भाई आशीष को भी पढ़ा रहा है। 28 जुलाई को हुई भारी बारिश के कारण नसीब के घर की छत गिर गई। बचाव यह रहा कि इस हादसे में किसी को कोई जान की हानि नहीं हुई है, लेकिन घर का नुकसान हुआ है। ऐसे में उन्होंने प्रशासन व सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द इन दोनों भाइयों को आर्थिक और अन्य जरूरी सामग्री के साथ सहायता की जाए।

सिरसा खेड़ी गांव में बारिश के कारण गिरी छत दिखाता व्यक्ति। संवाद- फोटो : Jind

हाईवे पर भरे पानी से गुजरते वाहन। संवाद- फोटो : Jind

बुडायन गांव में बारिश से खराब हुई कपास की फसल को दिखाता किसान दलबीर। संवाद- फोटो : Jind