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Jind News: समय-समय पर कानों की जांच करवाना जरूरी
Sat, 28 Feb 2026 12:24 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 28 Feb 2026 12:24 AM IST
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27जेएनडी07: नागरिक अस्पताल में जागरूक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए डॉ. अरविंद। स्रोत
- फोटो : गांधी इंटर कॉलेज में यूपी बोर्ड की परीक्षा देकर बाहर निकलते छात्र।
जींद। नागरिक अस्पताल में विश्व श्रवण दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को जागरूकता कार्यक्रम सीएमओ डॉ. सुमन कोहली की अध्यक्षता में हुआ। इसमें डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला और ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अरविंद ने आमजन को श्रवण स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम से पूर्व नर्सिंग व फार्मेसी छात्राओं ने रैली निकालकर लोगों को कानों की देखभाल का संदेश दिया।
डॉ. राजेश भोला ने बताया कि प्रत्येक वर्ष तीन मार्च को विश्व श्रवण दिवस मनाया जाता है जिसका उद्देश्य लोगों को सुनने की क्षमता से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि अक्सर जब तक व्यक्ति को सुनने में कमी का अहसास होता है, तब तक कान की लगभग 30 प्रतिशत हियर सेल्स नष्ट हो चुकी होती हैं। इसलिए समय-समय पर कानों की जांच करवाना जरूरी है।
उन्होंने सलाह दी कि घर पर कान साफ करने की कोशिश न करें और न ही हेयरपिन, माचिस की तीली या अन्य नुकीली वस्तु कान में डालें, इससे कान का पर्दा फट सकता है। बिना चिकित्सकीय परामर्श के दर्द निवारक या एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन भी हानिकारक हो सकता है। तेज आवाज और लाउड म्यूजिक से दूरी बनाए रखें तथा सुनने में कमी महसूस होने पर ऑडियोमेट्री जांच अवश्य कराएं।
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ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अरविंद ने बताया कि कान में वैक्स जमना, संक्रमण, दर्द, पस आना, बुखार या सीटी जैसी आवाज सुनाई देना हियरिंग लॉस के संकेत हो सकते हैं।
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डॉ. राजेश भोला ने बताया कि प्रत्येक वर्ष तीन मार्च को विश्व श्रवण दिवस मनाया जाता है जिसका उद्देश्य लोगों को सुनने की क्षमता से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि अक्सर जब तक व्यक्ति को सुनने में कमी का अहसास होता है, तब तक कान की लगभग 30 प्रतिशत हियर सेल्स नष्ट हो चुकी होती हैं। इसलिए समय-समय पर कानों की जांच करवाना जरूरी है।
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उन्होंने सलाह दी कि घर पर कान साफ करने की कोशिश न करें और न ही हेयरपिन, माचिस की तीली या अन्य नुकीली वस्तु कान में डालें, इससे कान का पर्दा फट सकता है। बिना चिकित्सकीय परामर्श के दर्द निवारक या एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन भी हानिकारक हो सकता है। तेज आवाज और लाउड म्यूजिक से दूरी बनाए रखें तथा सुनने में कमी महसूस होने पर ऑडियोमेट्री जांच अवश्य कराएं।
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ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अरविंद ने बताया कि कान में वैक्स जमना, संक्रमण, दर्द, पस आना, बुखार या सीटी जैसी आवाज सुनाई देना हियरिंग लॉस के संकेत हो सकते हैं।