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Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Irregularities in the politics of development in the city council storm

विकास कार्यों में अनियमितताओं पर नगर परिषद की राजनीति में तूफान

Mon, 16 Jun 2014 12:58 AM IST
जींद
जींद Updated Mon, 16 Jun 2014 12:58 AM IST
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अनियमितताओं की शिकायत के बाद डीसी द्वारा विकास कार्य रोकने के आदेश जारी होते ही नगर परिषद की राजनीति में आया तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है।
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इसी कड़ी में नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता विनोद आसरी ने भी नप चेयरपर्सन के पति पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। आसरी ने दो साल में हुए विकास कार्यों की जांच मुख्यमंत्री से कराने की मांग की है।  
शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में विनोद आसरी ने आरोप लगाया कि नगर परिषद चेयरपर्सन मुकेश देवी के पति धर्मेंद्र पहलवान ने विकास कार्यों के टेंडर में गड़बड़ी की है। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2012 से लेकर पांच मई 2014 तक हुए विकास कार्यों की जांच करवाने पर सारे तथ्य सामने आ जाएंगे। विनोद आसरी ने कुल 15 बिंदुओं पर मुख्यमंत्री को शिकायत की है। मुख्यमंत्री को भेजे शिकायत पत्र में आसरी ने कहा कि अनुसूचित जातियों से मिली ग्रांट को सामान्य बस्तियों और वार्डों में खर्च किया गया है। नियमानुसार इस मद से जहां भी राशि खर्च हो, वहां 50 प्रतिशत घर अनुसूचित जाति के होने जरूरी हैं। इसके अलावा पूर्व प्रधान ने कहा कि सरकार के आदेश होने के बावजूद नगर परिषद में करीब 20 करोड़ रुपये के काम बिना टेंडर के करवाए हैं। सरकार ने सभी काम ई- टेंडरिंग से करवाने के आदेश दिए हैं, लेकिन इनकी पालना भी नहीं की गई है।
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इसके अलावा नगर परिषद में स्ट्रीट लाइट, ट्यूब, हाईमास्ट लाइट और तार खरीदने में भी कथित रूप से घोटाले के आरोप लगाए हैं। आसरी ने कहा कि शहर में घर-घर कूड़ा उठाने के लिए प्रतिमाह करीब 25 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस कार्य में बिना कूड़ा उठवाए ही भुगतान किया गया है। आरोप है कि इस कार्य में 50 प्रतिशत घपला किया गया है। मुख्यमंत्री को दी शिकायत में पूर्व प्रधान ने यहां तक कह दिया कि नगर परिषद अराजक तत्वों का अखाड़ा बनकर रह गई है।
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जिला कारागार में बनाई सड़क
आसरी ने कहा कि नप चेयरपर्सन और उनके पति द्वारा मिलकर जिला कारागार में करीब 20 लाख रुपये की लागत से सड़क बनवाई गई है। यह बिलकुल असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि यहां पीडब्ल्यूडी या पुलिस हाऊसिंग कारपोरेशन काम करता है और इसका सारा खर्च जेल विभाग देता है।


ऐसे में चेयरपर्सन और उनके पति द्वारा शक्तियों का दुरुपयोग किया गया है। आसरी के अनुसार डस्टबिन की खरीद भी बिना टेंडर के की गई है। इसमें भी भारी गोलमाल है। पूर्व प्रधान ने आरोप लगाया कि करीब दो साल में जितने भी नक्शे पास हुए हैं, वे अवैध कालोनियों के हैं। 
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