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राजा की कोठी के पास रातोंरात बनाई गई झोंपड़ियों की खुफिया एजेंसियों ने की जांच
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राजा की कोठी के पास बनी झोपडिय़ां। संवाद।
- फोटो : Jind
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। अमरहेड़ी रोड पर राजा की कोठी की तरफ जाने वाली सड़क के साथ एक एकड़ में एकदम से पनपी झुग्गी-झोपडिय़ों को आमजन तथा खूफिया एजेंसियों के निशाने पर ला दिया। इन्हें लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो व झुग्गियों के फोटो वायरल हुए। सूचना मिलते ही खुफिया एजेंसियों के कर्मी मौके पर पहुंचे और सर्च अभियान चलाया। हालांकि सूचना मिली थी कि ये झोपड़ियां रोहिंग्या की हैं लेकिन जब खूफिया एजेंसियों ने यहां रहने वाले लोगों की पहचान को लेकर जांच की तो वह असम के रहने वाले पाए गए। यह लोग पहले जींद में अलग-अलग स्थानों पर रहते थे और शहर में कबाड़ एकत्रित करते हैं। अब एक साथ मिलकर रहने के चलते एक एकड़ जमीन को किराये पर लिया है। यहां व्यवस्थित तरीके से झुग्गियां बनाई गई हैं।
राजा की कोठी की तरफ जाने वाली सड़क के साथ कुछ दिनों से झुग्गियों बनाए जाने का कार्य किया जा रहा था। आसपास गुजरने वाले लोगों ने पहले तो इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। शनिवार को अचानक से किसी ने सोशल मीडिया पर इन झोपडिय़ों की वीडियो तथा फोटो को वायरल कर दिया। इस बारे में जैसे ही खूफिया एजेंसियों के कर्मियों को पता चला तो तुरंत इन झोपडिय़ों की जांच को लेकर सर्च अभियान चलाया गया। खूफिया एजेंसियों के कर्मी यहां पहुंचे और यहां रहने वाले लोगों के कागजातों की जांच की। जांच में कुछ लोगों के पास असम के तो कुछ के स्थानीय पहचान पत्र भी पाए गए। यहां रह रहे लोगों ने बताया कि वह जींद शहर में काफी समय से रह रहे हैं। पहले सभी परिवार अलग-अलग जगहों पर रहते थे। अब सभी ने फैसला लिया है कि एक साथ रहें। इसे लेकर राजा की कोठी की तरफ जाने वाली सड़क के साथ जमीन को ठेके पर लिया है। अब वह झोपडिय़ां और कबाड़ एकत्रित करने के लिए गोदाम बना रहे हैं।
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जींद। अमरहेड़ी रोड पर राजा की कोठी की तरफ जाने वाली सड़क के साथ एक एकड़ में एकदम से पनपी झुग्गी-झोपडिय़ों को आमजन तथा खूफिया एजेंसियों के निशाने पर ला दिया। इन्हें लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो व झुग्गियों के फोटो वायरल हुए। सूचना मिलते ही खुफिया एजेंसियों के कर्मी मौके पर पहुंचे और सर्च अभियान चलाया। हालांकि सूचना मिली थी कि ये झोपड़ियां रोहिंग्या की हैं लेकिन जब खूफिया एजेंसियों ने यहां रहने वाले लोगों की पहचान को लेकर जांच की तो वह असम के रहने वाले पाए गए। यह लोग पहले जींद में अलग-अलग स्थानों पर रहते थे और शहर में कबाड़ एकत्रित करते हैं। अब एक साथ मिलकर रहने के चलते एक एकड़ जमीन को किराये पर लिया है। यहां व्यवस्थित तरीके से झुग्गियां बनाई गई हैं।
राजा की कोठी की तरफ जाने वाली सड़क के साथ कुछ दिनों से झुग्गियों बनाए जाने का कार्य किया जा रहा था। आसपास गुजरने वाले लोगों ने पहले तो इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। शनिवार को अचानक से किसी ने सोशल मीडिया पर इन झोपडिय़ों की वीडियो तथा फोटो को वायरल कर दिया। इस बारे में जैसे ही खूफिया एजेंसियों के कर्मियों को पता चला तो तुरंत इन झोपडिय़ों की जांच को लेकर सर्च अभियान चलाया गया। खूफिया एजेंसियों के कर्मी यहां पहुंचे और यहां रहने वाले लोगों के कागजातों की जांच की। जांच में कुछ लोगों के पास असम के तो कुछ के स्थानीय पहचान पत्र भी पाए गए। यहां रह रहे लोगों ने बताया कि वह जींद शहर में काफी समय से रह रहे हैं। पहले सभी परिवार अलग-अलग जगहों पर रहते थे। अब सभी ने फैसला लिया है कि एक साथ रहें। इसे लेकर राजा की कोठी की तरफ जाने वाली सड़क के साथ जमीन को ठेके पर लिया है। अब वह झोपडिय़ां और कबाड़ एकत्रित करने के लिए गोदाम बना रहे हैं।
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