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महंगाई की मार : भैंस का दूध 100, गाय का 80 रुपये किलो...बैठक में तय किए रेट
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02जेएनडी26: करसोला गांव के पशुपालक दूध के दाम बढ़ाने का सामूहिक फैसला लेते हुए। संवाद
जुलाना। गांव करसोला के पशुपालकों ने पशुपालन की बढ़ती लागत को देखते हुए दूध और घी के नए भाव तय किए हैं। भैंस का दूध 100 रुपये और देशी गाय का दूध 80 रुपये प्रति किलो किया गया है। साथ ही दूध-घी में मिलावट पाए जाने पर 21 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का सामूहिक फैसला लिया गया है।
गांव के सरपंच महेंद्र सिंह लाठर की अध्यक्षता में हुई बैठक में पशुपालन से जुड़े बढ़ते खर्चों पर चर्चा की गई। पशुपालकों ने कहा कि पिछले कुछ समय में पशुओं के चारे, बाखर और अन्य जरूरी सामग्री के दाम बढ़ने के साथ पशुओं की खरीद भी महंगी हुई है। ऐसे में पुराने भाव पर दूध बेचना पशुपालकों के लिए मुश्किल होता जा रहा है।
बैठक में सर्वसम्मति से भैंस के दूध का भाव 100 रुपये प्रति किलो और देशी गाय के दूध का भाव 80 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया। पशुपालकों ने दूध से तैयार होने वाले शुद्ध घी के दाम भी तय किए। इसके अनुसार भैंस के दूध का शुद्ध घी 1500 रुपये प्रति किलो और गाय के दूध का शुद्ध घी 2200 रुपये प्रति किलो के भाव से उपलब्ध कराया जाएगा।
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मिलावट मिलने पर 21 हजार रुपये का जुर्माना
बैठक में पशुओं के व्यापारी एवं अनुभवी पशुपालक संजय लाठर ने कहा कि पशुपालन की लागत लगातार बढ़ रही है। चारे से लेकर पशुओं की खरीद तक हर स्तर पर खर्च बढ़ा है। ऐसे में दूध के भाव में संशोधन जरूरी हो गया है। पशुपालकों ने दूध और घी की गुणवत्ता को लेकर भी सामूहिक नियम बनाया। तय मानकों का उल्लंघन करने अथवा दूध या घी में मिलावट कर बेचने वाले व्यक्ति पर 21 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला लिया गया। बैठक में मौजूद ग्रामीणों और पशुपालकों ने निर्णय का समर्थन करते हुए शुद्ध दूध और घी उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
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गांव के सरपंच महेंद्र सिंह लाठर की अध्यक्षता में हुई बैठक में पशुपालन से जुड़े बढ़ते खर्चों पर चर्चा की गई। पशुपालकों ने कहा कि पिछले कुछ समय में पशुओं के चारे, बाखर और अन्य जरूरी सामग्री के दाम बढ़ने के साथ पशुओं की खरीद भी महंगी हुई है। ऐसे में पुराने भाव पर दूध बेचना पशुपालकों के लिए मुश्किल होता जा रहा है।
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बैठक में सर्वसम्मति से भैंस के दूध का भाव 100 रुपये प्रति किलो और देशी गाय के दूध का भाव 80 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया। पशुपालकों ने दूध से तैयार होने वाले शुद्ध घी के दाम भी तय किए। इसके अनुसार भैंस के दूध का शुद्ध घी 1500 रुपये प्रति किलो और गाय के दूध का शुद्ध घी 2200 रुपये प्रति किलो के भाव से उपलब्ध कराया जाएगा।
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मिलावट मिलने पर 21 हजार रुपये का जुर्माना
बैठक में पशुओं के व्यापारी एवं अनुभवी पशुपालक संजय लाठर ने कहा कि पशुपालन की लागत लगातार बढ़ रही है। चारे से लेकर पशुओं की खरीद तक हर स्तर पर खर्च बढ़ा है। ऐसे में दूध के भाव में संशोधन जरूरी हो गया है। पशुपालकों ने दूध और घी की गुणवत्ता को लेकर भी सामूहिक नियम बनाया। तय मानकों का उल्लंघन करने अथवा दूध या घी में मिलावट कर बेचने वाले व्यक्ति पर 21 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला लिया गया। बैठक में मौजूद ग्रामीणों और पशुपालकों ने निर्णय का समर्थन करते हुए शुद्ध दूध और घी उपलब्ध कराने पर जोर दिया।