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मौसम में हो रहे परिवर्तन से बढ़ रहे बुखार के मरीज
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मरीजों का इलाज करते डॉ. राजेश भोला।
- फोटो : Jind
मौसम बदलने के साथ ही जिले में बुखार, खांसी, गले में खराश व एलर्जी के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। पहले औसतन जहां प्रतिदिन 75 मरीज बुखार के आते थे, वहीं अब 200 के आसपास आने लगे हैं। इसके अलावा गले में खराश, एलर्जी के रोगियों की संख्या भी पहले के मुकाबले 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ गई है। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 800 के आसपास ओपीडी होती है। इनमें सबसे अधिक बुखार के मरीजों की संख्या होती है।
मौसम में बदलवा आ रहा, मगर लोग सावधानी नहीं बरत रहे। अब भी लोग फ्रिज की ठंडी वस्तुओं का प्रयोग कर रहे हैं। इस मौसम में फ्रिज की ठंडी वस्तुओं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। ठंडी वस्तुएं खाने से गले में खराश हो जाती है तथा इसके बाद बुखार बन जाता है। इसके अलावा ठंडी वस्तुओं के कारण शरीर का तापमान भी प्रभावित होता है। इससे बुखार रोगियों की संख्या बढ़ रही है। इतना ही नहीं लोग अब भी खुले में सोते हैं। रात में ओस पड़ने से तापमान में काफी गिरावट आती है, जिसकी वजह से बुखार के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। वहीं रात में पंखा चलाकर सोने वाले लोग भी बीमार हो रहे हैं।
ठंडी, खट्टी चीजों से करें परहेज
डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि इस समय मौसम बदलने के साथ ही बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। लोगों इस समय ठंडी चीजों से परहेज करना चाहिए। दिन में यदि पानी पीना हो तो वह गर्म पीना चाहिए। इसके अलावा खट्टी चीजों जैसे दही, लस्सी, अचार से भी परहेज करें। खट्टी चीजों से गला खराब होता है। गला खराब होने के बाद बुखार हो जाता है। रात को सोते समय गर्म दूध पीकर सोएं। इस समय नहाते समय भी गर्म पानी का प्रयोग करें। बुखार होने पर तुरंत चिकित्सक के पास जाएं।
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मौसम में बदलवा आ रहा, मगर लोग सावधानी नहीं बरत रहे। अब भी लोग फ्रिज की ठंडी वस्तुओं का प्रयोग कर रहे हैं। इस मौसम में फ्रिज की ठंडी वस्तुओं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। ठंडी वस्तुएं खाने से गले में खराश हो जाती है तथा इसके बाद बुखार बन जाता है। इसके अलावा ठंडी वस्तुओं के कारण शरीर का तापमान भी प्रभावित होता है। इससे बुखार रोगियों की संख्या बढ़ रही है। इतना ही नहीं लोग अब भी खुले में सोते हैं। रात में ओस पड़ने से तापमान में काफी गिरावट आती है, जिसकी वजह से बुखार के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। वहीं रात में पंखा चलाकर सोने वाले लोग भी बीमार हो रहे हैं।
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ठंडी, खट्टी चीजों से करें परहेज
डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि इस समय मौसम बदलने के साथ ही बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। लोगों इस समय ठंडी चीजों से परहेज करना चाहिए। दिन में यदि पानी पीना हो तो वह गर्म पीना चाहिए। इसके अलावा खट्टी चीजों जैसे दही, लस्सी, अचार से भी परहेज करें। खट्टी चीजों से गला खराब होता है। गला खराब होने के बाद बुखार हो जाता है। रात को सोते समय गर्म दूध पीकर सोएं। इस समय नहाते समय भी गर्म पानी का प्रयोग करें। बुखार होने पर तुरंत चिकित्सक के पास जाएं।
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