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Jind News: दिहाड़ी के पैसे नहीं दिए तो मजदूर ने ट्रेन कट कर दे दी जान

Tue, 04 Jul 2023 12:13 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Tue, 04 Jul 2023 12:13 AM IST
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If the wages were not paid, the laborer cut off the train and died
संवाद न्यूज एजेंसी
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जींद। दो ईंट भट्ठा मालिकों ने प्रवासी मजदूर मुन्ना केवट को दिहाड़ी के पूरे पैसे नहीं दिए। जब वह पैसे लेने गया तो मारपीट कर भगा दिया। इससे परेशान होकर उसने ललित खेड़ा गांव के पास गोहाना रेल लाइन पर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। राजकीय रेलवे पुलिस ने दोनों ईंट भट्ठा मालिकों, मुंशी समेत आठ लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

बिहार के जिला नालंदा के गांव जनकपुर निवासी अखिलेश ने जीआरपी को दी शिकायत में बताया कि उसकी चार बहने हैं। उसकी बहन जिरवा देवी व उसके पति मुन्ना केवट और दूसरी बहन शैला देवी व उसके महेश केवट अपने-अपने परिवार के साथ श्याम भट्ठा और ढांडा भट्ठा ललित खेड़ा गोहाना रोड पर काम कर रहे थे। अक्तूबर 2022 में वह और उसके जीजा महेश अपने-अपने परिवार सहित मुंशी संदीप के कहने पर श्याम भट्ठा पर काम करने के लिए आए थे। उसके कुछ दिन बाद उसके दूसरे जीजा मुन्ना केवट भी मुंशी संदीप के कहने और उसके खाते में किराया भेजने पर अपने परिवार सहित काम करने के लिए श्याम भट्ठा पर आ गए थे। उसके जीजा मुन्ना केवट ने इस ईंट भट्ठे पर 14-15 दिन काम किया। इसके बदले में कुछ राशि भट्ठा मालिक ने दी थी। इसके बाद मुन्ना केवट के 3810 रुपये बकाया रह गए थे जिसे देने से भट्ठा मालिक और मुंशी ने इंकार कर दिया था। इसके बाद मुंशी और इंदू रानी ने मुन्ना केवट को ललित खेड़ा के ढांडा भट्ठा पर लगा दिया था। जहां पर मुन्ना ने 25 जून तक अपने परिवार के साथ काम किया।
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उसने 1.30 लाख ईंटों की पथाई की थी जिनका भट्ठा मालिक ने पूरा हिसाब नहीं किया। भट्ठा, मालिक और मुंशी ने खाना तथा खर्चा के पैसे के अलावा 12 हजार रुपये नकद, 1500 रुपये किराया के दिए थे। महेश के करीब 58 हजार और उसके करीब 28 हजार रुपये बनते हैं। इंदू रानी के मार्फत उसने 90 हजार रुपये पेशगी के रूप में लिए थे। उस समय स्टाम्प पर लिखकर उसका अंगूठा लगवा लिया था। बाद में उसकी कॉपी में 90 हजार की जगह एक लाख चार हजार रुपये पेशगी के रूप में लिख दिया गया। इसके बाद 27 जून को मुन्ना केवट श्याम भट्ठा पर बकाया 3810 रुपये लेने गया था। वहां जयभगवान, बल्लू, आशीष, श्याम भट्ठा, मालिक और मुंशी संदीप ने मुन्ना के साथ गाली-गलौज की थी और मारपीट कर भगा दिया। उन्होंने धमकी दी थी कि दोबारा आए तो तुम्हें पूरे परिवार सहित खत्म कर देंगे। आरोप लगाया कि इससे तंग आकर 30 जून को मुन्ना केवट ने गोहाना रेल लाइन पर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मामले में बीती रात मुकदमा दर्ज किया गया।
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30 जून को हिसाब करवाने के लिए ईंट भट्ठे पर ले गया था मुंशी

शिकायतकर्ता अखिलेश के अनुसार 30 जून की शाम जब वह गांव ललित खेड़ा से राशन लेकर आया तो उसकी बहन जिरवा देवी ने बताया कि बाइक पर संदीप मुंशी आया था और मुन्ना केवट को यह कहकर अपने साथ ले गया कि श्याम भट्ठा और ढांडा भट्ठा पर जो तुम्हारा हिसाब बकाया है वह दिलवा देंगे। इसके बाद रात भर मुन्ना घर नहीं आया। सुबह उनका शव ललित खेड़ा गांव के पास रेललाइन पर मिला। उसके जीजा मुन्ना ने श्याम भट्ठा और ढांडा भट्ठा के मालिकों, संदीप मुंशी, जयभगवान, आशीष, बल्लू, कुलदीप और जमादारनी इंदू सहित अन्य ने मजदूरी के पूरे पैसे का हिसाब नहीं किया। गालगलौज कर मारपीट मुन्ना के साथ मारपीट की जिससे मुन्ना ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की है।


वर्जन

प्रवासी मजदूर मुन्ना केवट के आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने श्याम भट्ठा और ढांडा भट्ठा मालिकों, संदीप मुंशी, जयभगवान, आशीष, बल्लू, कुलदीप और जमादारनी इंदू रानी के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है।-बुद्ध देव, जांच अधिकारी, जीआरपी जींद।
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