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किसान को भेजा नोटिस रद्द नहीं किया तो 14 को प्रदर्शन कर देंगे गिरफ्तारी : आजाद
Thu, 11 Sep 2025 11:39 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 11 Sep 2025 11:39 PM IST
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11जेएनडी34-उचाना तहसील परिसर में धरना स्थल पर आजाद पालवां धरने पर लिए फैसले की जानकारी देते हुए
उचाना। उचाना तहसील परिसर में धरना स्थल पर वीरवार को वेद प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता में बैठक हुई। मुख्य मुद्दा किसान पाला खटकड़ का नोटिस जारी कर 14 सितंबर को पुलिस स्टेशन उचाना में पहुंचने को लेकर विचार विमर्श किया गया। धरना संयोजक आजाद पालवां ने कहा कि इस तरह के नोटिस पहले भी किसान नेताओं को जारी किए गए हैं।
यह सरकार किसान व मजदूर को डराने, दबाने व धरने को कमजोर करने के लिए पुलिस के मध्यम से ओच्छे हथकंडे अपनाकर झूठे मुकदमे का भय दिखा कर किसान आंदोलन को कमजोर करना चाहती है। यह सरकार की ओच्छी मानसिकता है। सर्वसम्मति से फैसला किया कि 14 सितंबर से पहले नोटिस रद्द नहीं किया गया तो को किसान पालाराम के साथ धरना स्थल पर एकत्रित होकर पुलिस स्टेशन तक विरोध प्रदर्शन कर पाला राम के साथ गिरफ्तारी दी जाएगी।
पालवां ने कहा कि ज्यादा बारिश से बर्बाद फसल, मकान व पशुधन में हुए नुकसान की भरपाई स्पेशल जांच पड़ताल सरकार करवा कर मुआवजा दे। 70 हजार रुपये प्रति एकड़ किसान को मुआवजा दिया जाना चाहिए। मकान व पशुधन के नुकसान की भरपाई जल्दी से जल्दी सरकार करें। इस मौके पर लीला छापड़ा, बलबीर सिंह सूबेदार, बीरा करसिंधु, जोधाराम कामरेड, रामफल, टेकराम, जंगीर पालवां, मियां सिंह व फूल सिंह उपस्थित रहे।
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यह सरकार किसान व मजदूर को डराने, दबाने व धरने को कमजोर करने के लिए पुलिस के मध्यम से ओच्छे हथकंडे अपनाकर झूठे मुकदमे का भय दिखा कर किसान आंदोलन को कमजोर करना चाहती है। यह सरकार की ओच्छी मानसिकता है। सर्वसम्मति से फैसला किया कि 14 सितंबर से पहले नोटिस रद्द नहीं किया गया तो को किसान पालाराम के साथ धरना स्थल पर एकत्रित होकर पुलिस स्टेशन तक विरोध प्रदर्शन कर पाला राम के साथ गिरफ्तारी दी जाएगी।
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पालवां ने कहा कि ज्यादा बारिश से बर्बाद फसल, मकान व पशुधन में हुए नुकसान की भरपाई स्पेशल जांच पड़ताल सरकार करवा कर मुआवजा दे। 70 हजार रुपये प्रति एकड़ किसान को मुआवजा दिया जाना चाहिए। मकान व पशुधन के नुकसान की भरपाई जल्दी से जल्दी सरकार करें। इस मौके पर लीला छापड़ा, बलबीर सिंह सूबेदार, बीरा करसिंधु, जोधाराम कामरेड, रामफल, टेकराम, जंगीर पालवां, मियां सिंह व फूल सिंह उपस्थित रहे।
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