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Hydrogen Train: हाइड्रोजन ट्रेन सप्ताह में छह दिन दौड़ेगी, हर रविवार होगा रखरखाव; नई तकनीक और सुरक्षा पर फोकस

Mon, 13 Jul 2026 01:00 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, जींद
अमर उजाला नेटवर्क, जींद Published by: Sharukh Khan Updated Mon, 13 Jul 2026 01:00 PM IST
सार

देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन सप्ताह में छह दिन दौड़ेगी उसका हर रविवार को उसका रखरखाव होगा। आठ फ्यूल सेल और 440 किलोग्राम हाइड्रोजन भंडारण क्षमता से लैस ट्रेन एक बार में 350-360 किमी तक चलेगी। 17 जुलाई को पीएम मोदी शुभारंभ करेंगे।
 

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Hydrogen Train Service Weekly Maintenance Scheduled Every Sunday for Enhanced Safety
Hydrogen Train - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जींद से करेंगे। उद्घाटन के बाद ट्रेन का नियमित संचालन सप्ताह में छह दिन किया जाएगा। प्रत्येक रविवार को इसे निर्धारित रखरखाव और तकनीकी जांच के लिए दिल्ली स्थित शकूरबस्ती रेलवे वर्कशॉप भेजा जाएगा।
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हाइड्रोजन ट्रेन अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। इसमें कुल आठ फ्यूल सेल लगाए गए हैं, जो हाइड्रोजन गैस से बिजली पैदा कर ट्रेन को संचालित करेंगे। ट्रेन में करीब 440 किलोग्राम संपीड़ित (कंप्रेस्ड) हाइड्रोजन संग्रहित करने की क्षमता है। 
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यही हाइड्रोजन फ्यूल सेल के माध्यम से विद्युत ऊर्जा में बदलकर मोटरों को शक्ति प्रदान करेगी। इस प्रक्रिया में धुएं या कार्बन उत्सर्जन के बजाय केवल जलवाष्प निकलती है, जिससे यह पर्यावरण के अनुकूल परिवहन का उदाहरण बनेगी।
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एक बार हाइड्रोजन भरने पर ट्रेन करीब 350 से 360 किलोमीटर तक का सफर तय करने में सक्षम होगी। इससे बार-बार ईंधन भरने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और संचालन अधिक प्रभावी रहेगा। रेलवे नियमित अंतराल पर ट्रेन की तकनीकी जांच, फ्यूल सेल प्रणाली और अन्य सुरक्षा उपकरणों का निरीक्षण करेगा, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित की जा सके।

नई तकनीक, सुरक्षा पर विशेष फोकस
रेलवे ने इस परियोजना के लिए लोको पायलटों, तकनीकी कर्मचारियों और रखरखाव टीम को विशेष प्रशिक्षण दिया है। चूंकि भारत में पहली बार हाइड्रोजन आधारित तकनीक का उपयोग रेल संचालन में किया जा रहा है, इसलिए सभी सुरक्षा मानकों का विशेष रूप से पालन किया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि जींद परियोजना के सफल संचालन के बाद भविष्य में देश के अन्य रेल मार्गों पर भी हाइड्रोजन ट्रेनों का विस्तार किया जाएगा।
 
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