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Jind News: चोट लगने पर खिलाड़ी महंगा इलाज कैसे कराएं? मंत्री बोले -20 लाख तक मुफ्त बीमा दे रही सरकार

Tue, 25 Aug 2026 12:37 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 25 Aug 2026 12:37 AM IST
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How can players afford expensive treatment if they get injured? The minister said the government is providing free insurance up to 20 lakh rupees.
जींद। प्रदेश के खिलाड़ियों को तकनीक, चोटों से बचाव और बेहतर प्रदर्शन की टिप्स देने और तैयारी की राह में आ रही परेशानियों को जानने के लिए सोमवार को जींद से प्रदेशव्यापी ‘खेल पे चर्चा’ अभियान की शुरुआत की गई। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के योग भवन में आयोजित पहले कार्यक्रम में खेल एवं युवा मामले मंत्री गौरव गौतम ने खिलाड़ियों से सीधा संवाद किया।
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उन्होंने खिलाड़ियों की समस्याएं सुनीं और उनके सवालों के जवाब दिए। यह भी कहा कि यह अभियान प्रदेश के हर जिले तक पहुंचाया जाएगा। सरकार खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
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मंत्री ने कहा कि प्रदेश में करीब 50 हजार खिलाड़ियों से संवाद करने की मुहिम चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 के विकसित भारत में हरियाणा को नंबर वन बनाने के लिए खेल प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का संकल्प लिया गया है। प्रदेश में पहली बार खेलों के लिए करीब 36 हजार करोड़ रुपये का बजट आया है। सरकार का प्रयास है कि खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, सुविधाओं और आर्थिक सहायता के मामले में किसी तरह की परेशानी न हो।
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संवाद में सफीदों के राजकीय स्कूल के खिलाड़ी तुषार ने खेल मंत्री से पूछा कि खेलते समय चोट लगने पर निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च काफी अधिक होता है। कोई खिलाड़ी चोटिल हो जाए तो क्या करे। इसके जवाब में खेल मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि खेल मैदान में चोट लगने की स्थिति में खिलाड़ियों को आर्थिक परेशानी से बचाने के लिए नायब सिंह सैनी सरकार ने 20 लाख तक का मुफ्त बीमा कराया है। चोट लगने पर खिलाड़ियों को इलाज के खर्च में आर्थिक सहायता मिलेगी।
संवाद में खिलाड़ियों ने चोट लगने पर महंगे इलाज, छात्रवृत्ति में देरी, स्टेडियम के खराब ट्रैक, खेल नर्सरियों में सुविधाओं की कमी और आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों को मदद देने जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए। मंत्री ने सरकार की योजनाएं गिनाते हुए समाधान का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम में पीजीआईएमएस रोहतक के स्पोर्ट्स इंजरी विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश रोहिला ने खेल चोटों से बचाव, प्राथमिक उपचार और सुरक्षित तरीके से मैदान पर वापसी के गुर बताए। वहीं, साई की हाई परफॉर्मेंस मैनेजर पूनम बेनीवाल ने खिलाड़ियों को दबाव नियंत्रित कर निरंतर बेहतर प्रदर्शन करने के टिप्स दिए। एलीट बॉक्सिंग कोच टीएल गुप्ता ने ‘नोविस टू यूथ बॉक्सिंग-इट्स डेवलपमेंट इन हरियाणा विषय पर बॉक्सिंग की तकनीक और प्रशिक्षण की जानकारी दी। कार्यक्रम में पैरा ओलंपियन रामपाल चहल ने अपनी संघर्षपूर्ण जीवन यात्रा साझा कर खिलाड़ियों में जोश भरा।
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संवाद में खिलाड़ियों के सवाल और मंत्री के जवाब
साहिल, वेट लिफ्टिंग खिलाड़ी : सफीदों से नरवाना आने-जाने में परेशानी होती है क्या करें?
सरकार की ओर से खिलाड़ियों को 500 रुपये प्रतिदिन डाइट मनी दी जाती है। प्रदेश में करीब 2000 खेल नर्सरियां संचालित हैं और इनकी संख्या आगे और बढ़ाई जाएंगी। खिलाड़ियों को अकादमी में रहकर प्रशिक्षण लेने की सुविधा भी उपलब्ध है। वहां भी रहा जा सकता है।
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कुलम , रोइंग खिलाड़ी जींद : 2036 के ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए अभी से कैसे तैयारी करें।
भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दिशा में प्रयास कर रहा है। हरियाणा सरकार ने ‘मिशन ओलंपिक’ योजना शुरू की है। प्रतिभावान खिलाड़ी इससे जुड़कर प्रशिक्षण और अन्य सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं।
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अनिकेत , जींद : एकलव्य स्टेडियम के सिंथेटिक ट्रैक की खराब हालत है, क्या करें।
स्टेडियम में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से नया ट्रैक बनाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य खेल सुविधाओं को बढ़ावा देना है, ताकि खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से बेहतर माहौल मिल सके।
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नैना, रोइंग खिलाड़ी जींद : खेल छात्रवृत्ति का पैसा समय पर क्यों नहीं मिलता?
सरकार की ओर से खिलाड़ियों की छात्रवृत्ति राशि जारी की जा रही है। पिछले सप्ताह करीब 15 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है । पात्र खिलाड़ियों को यह राशि मिल जाएगी। भुगतान प्रक्रिया को डिजिटल और समयबद्ध किया जाएगा।
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खेल नर्सरी के बाद 19 साल की उम्र में क्या होगा
सवाल : एक खिलाड़ी ने पूछा कि खेल नर्सरी में 19 वर्ष की उम्र तक सरकार का सहयोग मिलता है, इसके बाद खिलाड़ी को प्रशिक्षण और सुविधाएं कैसे मिलेंगी।
जवाब : मंत्री ने नरवाना की रेजिडेंशियल अकादमी का उदाहरण देते हुए कहा कि खेल नर्सरी से निकलने वाले खिलाड़ी वहां रहकर आगे भी प्रशिक्षण और सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि खेल नर्सरी की राशि हर महीने जारी की जाती है, लेकिन सत्यापन में समय लगने के कारण कई बार तीन-चार महीने की राशि एक साथ पहुंचती है। इसे डिजिटल कर समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

एसडी स्कूल के खराब बास्केटबॉल मैदान पर अगली बैठक तक सुधार का भरोसा
खिलाड़ी अंकुश ने एसडी स्कूल के बास्केटबॉल मैदान की खराब हालत का मुद्दा उठाया। मंत्री ने कहा कि मैदान को जल्द ठीक करवाया जाएगा और अगली बैठक तक इसे दुरुस्त कराने का प्रयास किया जाएगा।

खीमा खेड़ी के कराटे खिलाड़ी ने बताई सुविधाओं की कमी
गांव खीमा खेड़ी के कराटे खिलाड़ी कपिल ने प्रशिक्षण के लिए सुविधाएं नहीं मिलने की समस्या बताई। मंत्री ने कोच और जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी रोहतास हुड्डा को निर्देश दिए कि अगले महीने तक खिलाड़ी को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने खिलाड़ी से लिखित रूप में सुझाव देने को भी कहा।

अलवा स्टेडियम के कोच ने कहा- ग्राउंड लेवल पर सुविधाएं नहीं, मंत्री बोले-जल्द मिलेगा सामान
अलेवा स्टेडियम के कोच ने ग्राउंड लेवल पर खेल सुविधाओं और उपकरणों की कमी का मुद्दा उठाया। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में करीब 2000 खेल नर्सरियां हैं और बड़ी संख्या में प्रशिक्षित कोच खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। सरकार ने खेल सुविधाओं के लिए पीडब्ल्यूडी को करीब 150 करोड़ रुपये दिए हैं। जल्द ही आवश्यक खेल सामान उपलब्ध करवाया जाएगा।
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