{"_id":"684f1f342c36f4f588002320","slug":"honoring-martyrs-is-a-fundamental-part-of-indian-culture-sharma-jind-news-c-199-1-jnd1002-136372-2025-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहीदों का सम्मान करना भारतीय संस्कृति का मूल हिस्सा : शर्मा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहीदों का सम्मान करना भारतीय संस्कृति का मूल हिस्सा : शर्मा
विज्ञापन
15जेएनडी27-कालवा गांव में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा। स्रोत ग्र
- फोटो : mathura
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। राज्यसभा सदस्य कार्तिकेय शर्मा ने कालवा गांव के ययाति तीर्थ पर शहीदों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि शहीदों का सम्मान करना सरकार के साथ भारतीय संस्कृति का मूल हिस्सा है। उन्होंने अपनी सांसद निधि से गोशाला के लिए कमरा निर्माण करवाने की घोषणा भी की।
उन्होंने कहा कि शहीद के परिवार के लिए भी हमारे मन में श्रद्धा होनी चाहिए। यही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। शहीद देश की रक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर करते हैं। ऐसे में हमारा फर्ज है कि हम शहीदों की शहादत को याद रखें।
सरकार तो अपना काम कर देती है, लेकिन एक सामाजिक व्यक्ति होने के नाते हमारा भी दायित्व बनता है कि देश पर अपनी जान न्योछावर करने वाले शहीदों के प्रति हम संवेदनशील रहें। उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं में देश सेवा करने का जज्बा बहुत है।
विज्ञापन
इस कारण फौज में हरियाणा के युवाओं की संख्या औसतन बहुत अधिक है। यही नहीं देश की आंतरिक सुरक्षा में भी हरियाणा के युवा पूरे जुनून के साथ आगे रहते हैं। उन्होंने अहमदाबाद में हुई जहाज दुर्घटना में मृतकों की आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि जहां अधर्म की बात आती है, वहां भगवान परशुराम को याद किया जाता है। उनसे प्रेरणा लेते हुए जिस तरह से भगवान परशुराम ने पापियों का नाश किया, उसी तरह से हमारी सेना ने भी पापियों का नाश करने का काम किया।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने बड़े और बुजुर्गों के लिए समय अवश्य निकालें ताकि उनका अनादर नहीं हो। हर बच्चा न तो डॉक्टर और न इंजीनियर बन सकता है और न ही हर बच्चे को सरकारी नौकरी मिल सकती है। हम अपना प्रयास जारी रखेंगे।
ऐसे हालात पैदा कर सकें कि युवाओं को नौकरियों में अवसर मिल सके। उन्होंने कहा पिछले माह घोषणा की थी कि हर धर्मशाला के अंदर एक कमरा मुहैया करवाया जाएगा तो वहां कोचिंग क्लासेज की शुरुआत की जाएगी।
विज्ञापन
जींद। राज्यसभा सदस्य कार्तिकेय शर्मा ने कालवा गांव के ययाति तीर्थ पर शहीदों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि शहीदों का सम्मान करना सरकार के साथ भारतीय संस्कृति का मूल हिस्सा है। उन्होंने अपनी सांसद निधि से गोशाला के लिए कमरा निर्माण करवाने की घोषणा भी की।
उन्होंने कहा कि शहीद के परिवार के लिए भी हमारे मन में श्रद्धा होनी चाहिए। यही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। शहीद देश की रक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर करते हैं। ऐसे में हमारा फर्ज है कि हम शहीदों की शहादत को याद रखें।
विज्ञापन
सरकार तो अपना काम कर देती है, लेकिन एक सामाजिक व्यक्ति होने के नाते हमारा भी दायित्व बनता है कि देश पर अपनी जान न्योछावर करने वाले शहीदों के प्रति हम संवेदनशील रहें। उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं में देश सेवा करने का जज्बा बहुत है।
विज्ञापन
इस कारण फौज में हरियाणा के युवाओं की संख्या औसतन बहुत अधिक है। यही नहीं देश की आंतरिक सुरक्षा में भी हरियाणा के युवा पूरे जुनून के साथ आगे रहते हैं। उन्होंने अहमदाबाद में हुई जहाज दुर्घटना में मृतकों की आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि जहां अधर्म की बात आती है, वहां भगवान परशुराम को याद किया जाता है। उनसे प्रेरणा लेते हुए जिस तरह से भगवान परशुराम ने पापियों का नाश किया, उसी तरह से हमारी सेना ने भी पापियों का नाश करने का काम किया।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने बड़े और बुजुर्गों के लिए समय अवश्य निकालें ताकि उनका अनादर नहीं हो। हर बच्चा न तो डॉक्टर और न इंजीनियर बन सकता है और न ही हर बच्चे को सरकारी नौकरी मिल सकती है। हम अपना प्रयास जारी रखेंगे।
ऐसे हालात पैदा कर सकें कि युवाओं को नौकरियों में अवसर मिल सके। उन्होंने कहा पिछले माह घोषणा की थी कि हर धर्मशाला के अंदर एक कमरा मुहैया करवाया जाएगा तो वहां कोचिंग क्लासेज की शुरुआत की जाएगी।

15जेएनडी27-कालवा गांव में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा। स्रोत ग्र- फोटो : mathura