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नरवाना में सबसे अधिक 58 एमएम व जींद में सबसे कम दो एमएम हुई बारिश
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जींद /नरवाना। पश्चिमी विक्षोभ के चलते मंगलवार को भी जिले में कहीं पर अच्छी बारिश हुई तो कहीं पर हलकी बूंदाबांदी हुई। आसमान में बादल छाये रहने के चलते न्यूनतम तापमान में मामूली सी वृद्घि तो अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। मौसम दिनभर सुहावना बना रहा, बादल छाये रहने के साथ बूंदाबांदी के आसार भी बने रहे। मंगलवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री व न्यूनतम तापमान 25 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम में आर्द्रता 53 प्रतिशत व हवा की गति 11 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।
नरवाना में सबसे ज्यादा 58 एमएम बारिश दर्ज की गई। अलेवा में 11 एमएम, उचाना में चार एमएम, जींद में दो एमएम बारिश दर्ज की गई। अन्य स्थानों पर हलकी बूंदाबांदी हुई। नरवाना में बारिश के चलते कई स्थानों पर जलभराव के हालात पैदा हो गए, जिसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बूंदाबांदी के साथ हुआ दिन का आगाज हुआ और पूरा दिन मौसम बना रहा। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता ने गर्मी से भी राहत दी है। बूंदाबांदी तथा बारिश से फसलों को काफी लाभ हुआ है। किसान खेतों को धान रोपाई करने के लिए जुटे हुए हैं।
पांडू पिंडारा कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेश ने बताया कि 22 जून तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इसके चलते आकाश में बादल छाए रहेंगे, बूंदाबांदी के आसार भी बने रहेंगे।
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नरवाना में सबसे ज्यादा 58 एमएम बारिश दर्ज की गई। अलेवा में 11 एमएम, उचाना में चार एमएम, जींद में दो एमएम बारिश दर्ज की गई। अन्य स्थानों पर हलकी बूंदाबांदी हुई। नरवाना में बारिश के चलते कई स्थानों पर जलभराव के हालात पैदा हो गए, जिसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बूंदाबांदी के साथ हुआ दिन का आगाज हुआ और पूरा दिन मौसम बना रहा। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता ने गर्मी से भी राहत दी है। बूंदाबांदी तथा बारिश से फसलों को काफी लाभ हुआ है। किसान खेतों को धान रोपाई करने के लिए जुटे हुए हैं।
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पांडू पिंडारा कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेश ने बताया कि 22 जून तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इसके चलते आकाश में बादल छाए रहेंगे, बूंदाबांदी के आसार भी बने रहेंगे।
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