{"_id":"67b39a777aa9a06bcb0f5ebf","slug":"heat-during-the-day-and-cold-at-night-are-making-people-sick-jind-news-c-199-1-sroh1009-130214-2025-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: दिन में गर्मी और रात में सर्दी लोगों को कर रही बीमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: दिन में गर्मी और रात में सर्दी लोगों को कर रही बीमार
Tue, 18 Feb 2025 01:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 18 Feb 2025 01:52 AM IST
विज्ञापन
17 जेएनडी45: नागरिक अस्पताल में पर्ची के लिए लगी मरीजों की लंबी लाइन। संवाद
जींद। दिन में गर्मी व रात को सर्दी बढ़ने से अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके कारण सोमवार को नागरिक अस्पताल की ओपीडी 2148 तक पहुंची जो चिकित्सकों की संख्या को देखते हुए बेहद ज्यादा है। इसमें 300 मरीज वायरल के रहे। इनमें बुखार, सर्दी, खांसी, शरीर में जकड़ने को लेकर उपचार के लिए पहुंचे। इसके साथ ही सर्दी खांसी से निमोनिया के मरीजों की ओपीडी बढ़ गई है।
ओपीडी के अलावा एमरजेंसी में भी सांस की तकलीफ को लेकर मरीज पहुंच रहे हें। इंफेक्शन अधिक होने के कारण सर्दी, जुखाम, खांसी के मरीजों को ठीक होने में ही एक सप्ताह का समय लग रहा है। नागरिक अस्पताल में इन दिनों प्रतिदिन 1600 के लगभग मरीज औसतन पहुंच रहे हैं। सोमवार को यह संख्या 2200 तक पहुंच जाती है। इनमें से लगभग 250 मरीज ऐसे हैं। वायरल है या फिर सर्दी, खांसी, जुखाम है। वहीं पिछले एक सप्ताह से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में उतार चढाव बना हुआ है। अधिकतम तापमान 26 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 13 डिग्री रह रहा है। इसके चलते इस समय सर्दी, जुखाम, बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल की बात की जाए तो यहां प्रतिदिन 200 से 250 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं। जिन्हें या तो बुखार है या फिर सर्दी या खांसी है।
बाक्स
यह हैं वायरल बुखार के लक्षण
वायरल बुखार के मुख्य लक्षण गले में खराश और कंपकपी, खांसी, जुखाम, तेज बुखार, थकान, जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों व बदन में दर्द, सिर और गले में दर्द, आंखें लाल होना है। ऐसे में तुरंत प्रभाव से चिकित्सक की सलाह लेकर दवा लेनी चाहिए। बच्चों तथा वृद्धों के स्वास्थ्य व स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
विज्ञापन
बाक्स
दिन के समय अधिक व रात के समय न्यूनतम तापमान कम रहता है, जो वायरल फीवर का कारण बना है। इस मौसम में लोगों को खांसी, जुखाम, बदन दर्द, गला दर्द जैसी कई समस्याएं होती हैं। इसमें होने वाला वायरल फीवर हमारे इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है। इसकी वजह से शरीर में इंफेक्शन बहुत तेजी से बढ़ता है। वायरल के संक्रमण बहुत तेजी से एक इंसान से दूसरे इंसान तक पहुंच जाता है। ऐसे में हमें विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। वायरल होने पर तुरंत चिकित्सक से उपचार करवाना चाहिए और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
-- डॉ. विनिता फिजिशियन नागरिक अस्पताल जींद।
विज्ञापन
ओपीडी के अलावा एमरजेंसी में भी सांस की तकलीफ को लेकर मरीज पहुंच रहे हें। इंफेक्शन अधिक होने के कारण सर्दी, जुखाम, खांसी के मरीजों को ठीक होने में ही एक सप्ताह का समय लग रहा है। नागरिक अस्पताल में इन दिनों प्रतिदिन 1600 के लगभग मरीज औसतन पहुंच रहे हैं। सोमवार को यह संख्या 2200 तक पहुंच जाती है। इनमें से लगभग 250 मरीज ऐसे हैं। वायरल है या फिर सर्दी, खांसी, जुखाम है। वहीं पिछले एक सप्ताह से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में उतार चढाव बना हुआ है। अधिकतम तापमान 26 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 13 डिग्री रह रहा है। इसके चलते इस समय सर्दी, जुखाम, बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल की बात की जाए तो यहां प्रतिदिन 200 से 250 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं। जिन्हें या तो बुखार है या फिर सर्दी या खांसी है।
विज्ञापन
बाक्स
यह हैं वायरल बुखार के लक्षण
वायरल बुखार के मुख्य लक्षण गले में खराश और कंपकपी, खांसी, जुखाम, तेज बुखार, थकान, जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों व बदन में दर्द, सिर और गले में दर्द, आंखें लाल होना है। ऐसे में तुरंत प्रभाव से चिकित्सक की सलाह लेकर दवा लेनी चाहिए। बच्चों तथा वृद्धों के स्वास्थ्य व स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
विज्ञापन
बाक्स
दिन के समय अधिक व रात के समय न्यूनतम तापमान कम रहता है, जो वायरल फीवर का कारण बना है। इस मौसम में लोगों को खांसी, जुखाम, बदन दर्द, गला दर्द जैसी कई समस्याएं होती हैं। इसमें होने वाला वायरल फीवर हमारे इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है। इसकी वजह से शरीर में इंफेक्शन बहुत तेजी से बढ़ता है। वायरल के संक्रमण बहुत तेजी से एक इंसान से दूसरे इंसान तक पहुंच जाता है। ऐसे में हमें विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। वायरल होने पर तुरंत चिकित्सक से उपचार करवाना चाहिए और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।