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Jind News: जियो फेंसिंग के विरोध में स्वास्थ्यकर्मियों ने रखा उपवास
Fri, 29 Aug 2025 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 29 Aug 2025 12:04 AM IST
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28जेएनडी07: सीएमओ कार्यालय के बाहर उपवास पर बैठे स्वास्थ्यकर्मी व अधिकारी। संवाद
जींद। नागरिक अस्पताल में वीरवार को जियो फेंसिंग लोकेशन आधारित उपस्थिति के विरोध में चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों ने सिविल सर्जन कार्यालय के सामने धरना देकर उपवास रखा। स्वास्थ्य एसोसिएशन ने सिविल सर्जन के माध्यम से राज्य के महामहिम राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डाॅ. विजेंद्र ढांडा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत तमाम अधिकारी व कर्मचारी जब पहले ही बायोमेट्रिक आधारित अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं तो जियो फेंसिंग लोकेशन आधारित उपस्थिति के तहत दर्ज कराने को कोई औचित्य नहीं रहता।
उन्होंने इन आदेशों को अव्यवहारिक और गैर कानूनी व भारतीय संविधान में वर्णित निजता के अधिकारों का हनन और माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों का भी उल्लंघन है। सभी विधायकों को ज्ञापन देने के बावजूद भी सरकार की ओर से जियो फेंसिंग लोकेशन आधारित उपस्थिति दर्ज करने के आदेशों को वापस नहीं लेने पर रोष स्वरूप सिविल सर्जन कार्यालय के सम्मुख सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपवास किया गया है।
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कर्मचारी नेताओं ने बताया कि यदि फिर भी सरकार कीी ओर से जियो फेंसिंग लोकेशन आधारित उपस्थिति दर्ज करने के आदेशों को वापस नहीं लिया गया तो राज्य कमेटी की ओर से सात सितंबर को दोबारा बैठक करके आगामी आंदोलन का ऐलान करेगी।
स्वास्थ्य विभाग अधिकारी कर्मचारी तालमेल कमेटी के नेता राममेहर वर्मा ने कहा कि प्रदेश के चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी लोकतांत्रिक तरीके से लगातार शांतिपूर्वक आंदोलन करते हुए 8 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग अधिकारी कर्मचारी तालमेल कमेटी की ओर से राज्य की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव को ज्ञापन सौंपा था।
इसमें स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने भरोसा दिया था कि अधिकारियों से इस संबंध में बातचीत करके समस्या का समाधान निकाला जाएगा और जियो फेंसिंग लोकेशन आधारित उपस्थिति के लिए किसी भी अधिकारी कर्मचारी को बाध्य नहीं किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री के की ओर से दिए गए भरोसे के बावजूद कुछ अधिकारी लगातार जियो फेंसिंग लोकेशन आधारित उपस्थिति दर्ज करने के गैर कानूनी आदेशों को वापस लेने की बजाय अनाप-श्नाप पत्र जारी कर सरकार और स्वास्थ्य कर्मचारियों में टकराव पैदा करके स्वास्थ्य विभाग व सरकार को बदनाम करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।
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एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डाॅ. विजेंद्र ढांडा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत तमाम अधिकारी व कर्मचारी जब पहले ही बायोमेट्रिक आधारित अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं तो जियो फेंसिंग लोकेशन आधारित उपस्थिति के तहत दर्ज कराने को कोई औचित्य नहीं रहता।
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उन्होंने इन आदेशों को अव्यवहारिक और गैर कानूनी व भारतीय संविधान में वर्णित निजता के अधिकारों का हनन और माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों का भी उल्लंघन है। सभी विधायकों को ज्ञापन देने के बावजूद भी सरकार की ओर से जियो फेंसिंग लोकेशन आधारित उपस्थिति दर्ज करने के आदेशों को वापस नहीं लेने पर रोष स्वरूप सिविल सर्जन कार्यालय के सम्मुख सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपवास किया गया है।
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कर्मचारी नेताओं ने बताया कि यदि फिर भी सरकार कीी ओर से जियो फेंसिंग लोकेशन आधारित उपस्थिति दर्ज करने के आदेशों को वापस नहीं लिया गया तो राज्य कमेटी की ओर से सात सितंबर को दोबारा बैठक करके आगामी आंदोलन का ऐलान करेगी।
स्वास्थ्य विभाग अधिकारी कर्मचारी तालमेल कमेटी के नेता राममेहर वर्मा ने कहा कि प्रदेश के चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी लोकतांत्रिक तरीके से लगातार शांतिपूर्वक आंदोलन करते हुए 8 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग अधिकारी कर्मचारी तालमेल कमेटी की ओर से राज्य की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव को ज्ञापन सौंपा था।
इसमें स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने भरोसा दिया था कि अधिकारियों से इस संबंध में बातचीत करके समस्या का समाधान निकाला जाएगा और जियो फेंसिंग लोकेशन आधारित उपस्थिति के लिए किसी भी अधिकारी कर्मचारी को बाध्य नहीं किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री के की ओर से दिए गए भरोसे के बावजूद कुछ अधिकारी लगातार जियो फेंसिंग लोकेशन आधारित उपस्थिति दर्ज करने के गैर कानूनी आदेशों को वापस लेने की बजाय अनाप-श्नाप पत्र जारी कर सरकार और स्वास्थ्य कर्मचारियों में टकराव पैदा करके स्वास्थ्य विभाग व सरकार को बदनाम करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।