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Jind News: स्वास्थ्य मंत्रालय ने सिविल अस्पताल को पत्र भेज पूछा- यहां कितने वेंटिलेटर, कितने ऑक्सीजन प्लांट

Mon, 18 Dec 2023 11:55 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Mon, 18 Dec 2023 11:55 PM IST
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Health Ministry sent a letter to Civil Hospital asking - how many ventilators, how many oxygen plants here?
जींद। मौसम में बदलाव के साथ ही कोविड 19 के खतरे से निपटने को लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा सरकारी अस्पतालों को पत्र भेजकर अहम जानकारियां मांगी गई हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि अगर कोविड-19 फिर से फैलता है तो समय रहते इस पर काबू पाया जा सके और कोविड-19 से प्रभावित होने वाले लोगों को उपचार की सुविधाएं सरकारी स्तर पर ही उपलब्ध हो सकें।
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इसके लिए परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा पत्र के माध्यम से अस्पताल प्रबंधन से पूछा गया है कि अस्पताल में बेड की संख्या कितनी है, कितने वेंटिलेटर हैं, ऑक्सीजन प्लांट कितने हैं, आईसीयू कहा हैं। इसके अलावा चिकित्सक, स्टाफ नर्स और दवाईयों का रिकार्ड भी मांगा गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन सभी जानकारियों का डाटा एकत्रित कर स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर अपलोड किया गया है।
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जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल 200 बैड का है। अगर कोरोना फैलता है तो यहां पुरानी बिल्डिंग में स्पेशल आइसोलेशन वार्ड बना हुआ है। प्रत्येक वार्ड में आठ से 10 बेड की व्यवस्था है। अस्पताल के 200 बेड पर ही ऑक्सीजन की सुविधा है। इसके अलावा अगर ऑक्सीजन व्यवस्था करनी पड़े तो पर्याप्त सुविधा है। कोरोना को लेकर सैंपलिंग बंद थी। अब फिर से सैंपलिंग को बढ़ाया जाएगा। नागरिक अस्पताल में ओपीडी व दवा खिड़की पर ज्यादा भीड़ रहती है। यहां शारीरिक दूरी को लेकर आउटसोर्स स्टाफ की डयूटी लगाई जाएगी।
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छह माह से खराब है ऑक्सीजन प्लांट

नागरिक अस्पताल में पीएम केयर के तहत लगा ऑक्सीजन प्लांट लगभग छह माह से खराब है। इसके साथ ही यहां आईसीयू की सुविधा भी अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। चिकित्सक की पोस्ट 55 हैं, जबकि 32 ही कार्यरत हैं। इसके अलावा स्टाफ नर्स की भी कमी है। नागरिक अस्पताल को फिजिशियन, रेडियोग्राफर, स्किन, ईको व हृदय स्पेशलिस्ट की जरूरत है।



दो से तीन दिन में बुखार ठीक न हो तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं

अगर दो से तीन दिन में बुखार ठीक न हो रहा हो या खांसी भी रुक नहीं रही हो तो सेल्फ मेडिसिन न लें। तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। बुखार, सर्दी, खांसी होने पर अपने मन से एंटीबायोटिक्स न लें। ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, अस्थमा, हार्ट पेशेंट, किडनी फेलियर समेत अन्य बीमारी से ग्रसित मरीजों को इंफेक्शन से बचने के लिए ज्यादा ध्यान रखना चाहिए।


--डॉ. राजेश भोला डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल जींद।

बाक्स

स्पेशल व आइसोलेशन वार्ड अस्पताल में मौजूद : सीएमओ

सीएमओ डॉ. मंजू कादियान ने कहा कि कोरोना को लेकर जींद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है। अगर कोरोना के केस आते हैं तो स्पेशल वार्ड व आइसोलेशन वार्ड बने हुए हैं। इसके अलावा सैंपलिंग को भी बढ़ाया जाएगा। कोरोना संक्रमण को लेकर एहतियात बरती जा रही है।
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