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स्वास्थ्य मंत्री ने आणविक प्रयोगशाला का वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किया उद्घाटन
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वीडियो कांफ्रेंसिंग से आणविक प्रयोगशाला का उद्घाटन करते स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और चरखीदादर?
- फोटो : Jind
रोहतक, करनाल और अग्रोहा में 100-100 बेड के नए कोविड अस्पताल बनाने की प्रक्रिया चल रही है तो भिवानी, पानीपत, चरखी दादरी तथा यमुनानगर में आणविक प्रयोगशालाएं स्थापित करवाई जाएंगी। यह बात स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को नागरिक अस्पताल उचाना में स्थापित की गई आणविक प्रयोगशाला का वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन करने के बाद कही। आणविक प्रयोगशाला के उद्घाटन के दौरान चरखी दादरी से उचाना के विधायक एवं उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भी लाइव जुड़े।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस की रोकथाम में जुटे डॉक्टर व अन्य स्टाफ शानदार काम कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। विज ने कहा कि आज रिवाइज होम आईसोलेशन प्रोटोकॉल एप को भी लॉन्च कर दिया गया है। यह एक ऐसा एप है, जिसके माध्यम से मरीज अस्पताल में बेड खाली है या नहीं इसका पता लगा सकता है। इसके लिए वह अपना बेड भी बुक कर सकता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी व उपायुक्त के डेस्क बोर्ड पर यह रिपोर्ट आ जाएगी कि किस अस्पताल के किस बेड पर मरीज की स्थिति कितनी गंभीर है। एप के लॉन्च होने से अस्पतालों में मरीजों की देखभाल जहां अच्छी तरह से होगी, वहीं उच्च अधिकारी भी स्थिति से अवगत होते रहेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने काह कि 15 दिन में भिवानी, पानीपत, चरखी दादरी तथा यमुनानगर जिलों में कोरोना वायरस जांच लैब स्थापित हो जाएंगी। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए करनाल, रोहतक और अग्रोहा में 100-100 बेड के जो कोविड अस्पताल स्थापित होंगे उनमें से दो का काम पूरा हो चुका है। तीसरे अस्पताल का कार्य जल्द ही पूरा करवा लिया जाएगा।
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प्रयोगशाला के उद्घाटन के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के एसीएस राजीव अरोड़ा, निदेशक अशोक मीणा, डॉ. सूरजभान कंबोज, एमडी एनएचएम प्रभात, सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह, प्रयोगशाला इंचार्ज डॉ. जेके मान भी मौजूद रहे।
सरकार से की गई स्टाफ की मांग
डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने कहा कि प्रयोगशाला में आठ तकनीशियन, तीन चिकित्सक व दो कंप्यूटर ऑपरेटरों की ड्यूटी लगाई गई है। इस समय 188 सैंपलों की जांच होती है। धीरे-धीरे जांच संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए और स्टाफ की जरूरत पडे़गी। सरकार से स्टाफ की जल्द नियुक्ति की मांग की गई। प्रयोगशाला को स्थापित करने में एक करोड़ पांच लाख रुपये की लागत आई है।
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स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस की रोकथाम में जुटे डॉक्टर व अन्य स्टाफ शानदार काम कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। विज ने कहा कि आज रिवाइज होम आईसोलेशन प्रोटोकॉल एप को भी लॉन्च कर दिया गया है। यह एक ऐसा एप है, जिसके माध्यम से मरीज अस्पताल में बेड खाली है या नहीं इसका पता लगा सकता है। इसके लिए वह अपना बेड भी बुक कर सकता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी व उपायुक्त के डेस्क बोर्ड पर यह रिपोर्ट आ जाएगी कि किस अस्पताल के किस बेड पर मरीज की स्थिति कितनी गंभीर है। एप के लॉन्च होने से अस्पतालों में मरीजों की देखभाल जहां अच्छी तरह से होगी, वहीं उच्च अधिकारी भी स्थिति से अवगत होते रहेंगे।
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स्वास्थ्य मंत्री ने काह कि 15 दिन में भिवानी, पानीपत, चरखी दादरी तथा यमुनानगर जिलों में कोरोना वायरस जांच लैब स्थापित हो जाएंगी। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए करनाल, रोहतक और अग्रोहा में 100-100 बेड के जो कोविड अस्पताल स्थापित होंगे उनमें से दो का काम पूरा हो चुका है। तीसरे अस्पताल का कार्य जल्द ही पूरा करवा लिया जाएगा।
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प्रयोगशाला के उद्घाटन के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के एसीएस राजीव अरोड़ा, निदेशक अशोक मीणा, डॉ. सूरजभान कंबोज, एमडी एनएचएम प्रभात, सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह, प्रयोगशाला इंचार्ज डॉ. जेके मान भी मौजूद रहे।
सरकार से की गई स्टाफ की मांग
डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने कहा कि प्रयोगशाला में आठ तकनीशियन, तीन चिकित्सक व दो कंप्यूटर ऑपरेटरों की ड्यूटी लगाई गई है। इस समय 188 सैंपलों की जांच होती है। धीरे-धीरे जांच संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए और स्टाफ की जरूरत पडे़गी। सरकार से स्टाफ की जल्द नियुक्ति की मांग की गई। प्रयोगशाला को स्थापित करने में एक करोड़ पांच लाख रुपये की लागत आई है।