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Jind News: स्वास्थ्य सुविधाओं की टूट रही सांस

Sun, 09 Feb 2025 11:24 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 09 Feb 2025 11:24 PM IST
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health facilities failing
09जेएनडी18: नागरिक अस्पताल की लैब का फोटो। संवाद
जींद। बजट के अभाव में जिला नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की सांस टूट रही हैं। अस्पताल के यह हालात सीएमओ व पीएमओ नहीं होने के कारण बने हैं। अधिकारी नहीं होने के कारण अस्पताल को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बजट नहीं मिल पा रहा। इसके कारण अस्पताल के संसाधन लगातार ठप होते जा रहे हैं।
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फिलहाल नागरिक अस्पताल की लैब में बजट के अभाव में सीबीसी पार्ट 5 मशीन पूरी तरह से बंद पड़ी है। इसके स्थान पर सीबीसी पार्ट 3 से काम चलाया जा रहा है। इस मशीन के लिए रीजेंट नहीं होने के कारण बंद हैं। रीजेंट खरीदने के लिए अस्पताल प्रशासन के पास बजट नहीं है। सीएमओ व पीएमओ के अस्पताल में नहीं होने से भी बजट उपलब्ध नहीं हो पा रहा। इसके अतिरिक्त अस्पताल में बायोकेमिस्ट्री फुली ऑटोमैटिक एनालाइजर मशीन भी बंद है। इसके कारण डायलिसिस के मरीजों की जांच नहीं हो रही। इन दिनों बायोकेमिस्ट्री की जांच का काम बंद हो गया है। मरीजों की लिवर, किडनी व डायबिटीज की जांच नहीं हो पा रही हैं। यह जांच मरीजों को बाहर की लैब से करवानी पड़ रही है।
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अस्पताल में औसतन ओपीडी 1500 के लगभग मानी जाती है। इनमें से सीसीसी पार्ट 5 की जांच के लिए 100 से ज्यादा मरीजों को जरूरत होती है। इसके अतिरिक्त दर्जनभर मरीजों को भी प्रतिदिन डायलिसिस की जांच करवानी होती है। अब मरीजों को इस जांच के लिए जेब से खर्च करना पड़ रहा है। बाहर से रिपोर्ट करवाने में समय व पैसे दोनों की बर्बादी है। जरूरतमंद मरीजों को इसके लिए परेशानी होती है।
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बाक्स
बजट के अभाव में ऑक्सीजन प्लांट भी बंद
नागरिक अस्पताल में एक सुविधा नहीं बल्कि बजट के अभाव में कई सुविधाओं की कमी हो रही है। कोरोना काल में लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट भी बजट के अभाव में बंद पड़ा है। इसके अतिरिक्त नागरिक अस्पताल में कई तरह की दवा भी पिछले लंबे समय से खत्म हैं।
बाक्स
नागरिक अस्पताल के सिर पर कर्ज का भार
नागरिक अस्पताल पर लगभग पांच से छह करोड़ रुपये का कर्ज है। इस कर्ज को चुकाने के लिए अस्पताल को बजट नहीं मिल रहा। इस कारण न तो जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य विभाग दवाई खरीद पा रहा और न ही बंद पड़े उपकरणों को शुरू करने के लिए जरूरत का सामान खरीद पा रहा। इस कारण अस्पताल की हालात दयनीय होती जा रही है।

वर्जन
सीबीसी पार्ट 5 मशीन का रीजेंट खत्म होने के कारण मशीन बंद है। इसके विपरित सीबीसी पार्ट 3 से जांच की जा रही है। मरीजों को परेशानी नहीं आने दी जा रही। बजट का अभाव होने के कारण दिक्कत बनी है। बजट आने के बाद सभी व्यवस्थाओं को सुचारू किया जाएगा।
-डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल जींद
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