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गुरुद्वारों का बेहतर तरीके से किया जाएगा प्रबंधन : भूपेंद्र सिंह
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पत्रकारों से बातचीत करते भूपेंद्र सिंह असंध व अन्य पदाधिकारी। संवाद
- फोटो : Jind
जींद। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एडहॉक) के सीनियर उपप्रधान भूपेंद्र सिंह असंध ने कहा कि इस समय जो कमेटी बनी है, वह पूर्ण रूप से कानूनी तरीके से बनी है। जगदीश झिंडा उनके बड़े भाई की तरह हैं और वह उन्हें भी कमेटी के साथ चलने के लिए कहेंगे। अगले छह माह में कमेटी गुरुद्वारों का प्रबंधन बेहतरीन तरीके से करेगी। कमेटी का हर एक सदस्य गुुरु घर के लिए कुछ भी करने को तैयार है। ये बातें उन्होेंने यहां गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर में रविवार को पत्रकारों से बातचीत में कहीं।
उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर के पास 800 एकड़ जमीन है लेकिन गुरुद्वारा की बिल्डिंग ऐसी नहीं बनी है, जैसी बननी चाहिए थी। इससे पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गुरुद्वारा को देखती थी, जिसने कभी गुरुद्वारा के लिए कुछ खास नहीं किया। वह प्रयास करेंगे कि गुरुद्वारा की बिल्डिंग फिर से भव्य तरीके से बनाई जाए। इस कार्य में हर किसी को सहयोग लिया जाएगा। हरियाणा के गुरुद्वारों का बजट अब हरियाणा के गुरुद्वारों पर ही खर्च किया जाएगा। प्रदेश के जितने भी गुरुद्वारों को जो भी जरूरत होगी, उसे कमेटी द्वारा पूरा किया जाने का प्रयास किया जाएगा। हरियाणा सरकार ने बड़ी सूझबूझ से काम लिया और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की कमेटी बनवाई है।
कहा कि इस कमेटी में जितने भी सदस्य शामिल किए गए हैं, सभी अमृतधारी हैं। कमेटी के महासचिव सरदार गुरविंद्र सिंह धमीजा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार ही सरकार ने हरियाणा में गुरुद्वारों की प्रबंधन कमेटी बनवाई है। अभी कमेटी के चुनाव को लेकर रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस प्रक्रिया में 18 माह का समय लगना है। ऐसे में इन 18 माह में हरियाणा के गुरुद्वारों को बिना कमेटी के खाली नहीं छोड़ा जा सकता है। जगदीश झिंडा समेत सभी ने 1996 से हरियाणा के गुुरुद्वारों के लिए अलग कमेटी के लिए संघर्ष किया। अब उन्हीं के दिखाए मार्ग पर चल कर हरियाणा के गुरुद्वारों के लिए बेहतरीन कार्य किया जाएगा। इस मौके पर विनर सिंह, परमिंद्र कौर भी मौजूद रहीं।
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उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर के पास 800 एकड़ जमीन है लेकिन गुरुद्वारा की बिल्डिंग ऐसी नहीं बनी है, जैसी बननी चाहिए थी। इससे पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गुरुद्वारा को देखती थी, जिसने कभी गुरुद्वारा के लिए कुछ खास नहीं किया। वह प्रयास करेंगे कि गुरुद्वारा की बिल्डिंग फिर से भव्य तरीके से बनाई जाए। इस कार्य में हर किसी को सहयोग लिया जाएगा। हरियाणा के गुरुद्वारों का बजट अब हरियाणा के गुरुद्वारों पर ही खर्च किया जाएगा। प्रदेश के जितने भी गुरुद्वारों को जो भी जरूरत होगी, उसे कमेटी द्वारा पूरा किया जाने का प्रयास किया जाएगा। हरियाणा सरकार ने बड़ी सूझबूझ से काम लिया और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की कमेटी बनवाई है।
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कहा कि इस कमेटी में जितने भी सदस्य शामिल किए गए हैं, सभी अमृतधारी हैं। कमेटी के महासचिव सरदार गुरविंद्र सिंह धमीजा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार ही सरकार ने हरियाणा में गुरुद्वारों की प्रबंधन कमेटी बनवाई है। अभी कमेटी के चुनाव को लेकर रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस प्रक्रिया में 18 माह का समय लगना है। ऐसे में इन 18 माह में हरियाणा के गुरुद्वारों को बिना कमेटी के खाली नहीं छोड़ा जा सकता है। जगदीश झिंडा समेत सभी ने 1996 से हरियाणा के गुुरुद्वारों के लिए अलग कमेटी के लिए संघर्ष किया। अब उन्हीं के दिखाए मार्ग पर चल कर हरियाणा के गुरुद्वारों के लिए बेहतरीन कार्य किया जाएगा। इस मौके पर विनर सिंह, परमिंद्र कौर भी मौजूद रहीं।
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