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गुरु अर्जन देव सिख धर्म के इतिहास में धैर्य, सहनशीलता और सत्य की जीत का बने प्रतीक : बलिहार सिंह
Thu, 29 May 2025 01:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 29 May 2025 01:32 AM IST
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28जेएनडी32-श्री गुरुद्वारा टिकाना बाबा बंदा सिंह बहादुर में पाठ सुनते हुए साध संगत। संवाद
नरवाना। पंजाबी चौक स्थित श्री गुरुद्वारा टिकाना बाबा बंदा सिंह बहादुर में बुधवार को सुखमनी साहिब का पाठ प्रेम मंडली के सभी सदस्यों की ओर से रखवाया गया। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान चरणजीत सिंह छाबड़ा ने बताया कि 30 मई तक गुरुद्वारा में शहीदों के सरताज पंचम पातशाह गुरु अर्जन देव की पावन स्मृति में सुखमनी साहिब का पाठ लगातार करवाया जाएगा।
ग्रंथी बलिहार सिंह ने कहा कि गुरु अर्जन देव को मुगल सम्राट जहांगीर के आदेश पर लाहौर में गर्म तवे पर बैठाया गया और गर्म रेत डाली गई। इस अमानवीय यातना को उन्होंने एक शब्द भी शिकायत किए बिना सहन किया। यह बलिदान सिख धर्म के इतिहास में धैर्य, सहनशीलता और सत्य की जीत का प्रतीक बन गया। उन्होंने कहा कि रोज पाठ का समय दोपहर बाद साढ़े तीन बजे से लेकर शाम बजे तक है। सभी साध संगत से अपील है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में गुरुद्वारा पहुंचकर गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करें।
इस अवसर पर कैशियर अंटू दुरेजा, सचिव मांगेराम बत्रा, अशोक दूरेजा, कुक्की सचदेवा और तिलक सचदेवा भी मौजूद रहे।
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ग्रंथी बलिहार सिंह ने कहा कि गुरु अर्जन देव को मुगल सम्राट जहांगीर के आदेश पर लाहौर में गर्म तवे पर बैठाया गया और गर्म रेत डाली गई। इस अमानवीय यातना को उन्होंने एक शब्द भी शिकायत किए बिना सहन किया। यह बलिदान सिख धर्म के इतिहास में धैर्य, सहनशीलता और सत्य की जीत का प्रतीक बन गया। उन्होंने कहा कि रोज पाठ का समय दोपहर बाद साढ़े तीन बजे से लेकर शाम बजे तक है। सभी साध संगत से अपील है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में गुरुद्वारा पहुंचकर गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करें।
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इस अवसर पर कैशियर अंटू दुरेजा, सचिव मांगेराम बत्रा, अशोक दूरेजा, कुक्की सचदेवा और तिलक सचदेवा भी मौजूद रहे।