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आढ़तियों की जगह अनाज खरीदारों से जीएसटी भरवाना चाहिए : बजरंग गर्ग
Tue, 10 Oct 2023 12:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 10 Oct 2023 12:05 AM IST
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09जेएनडी07: व्यापार मंडल प्रांतीयध्यक्ष बजरंग गर्ग उचाना के व्यापारियों से रूबरू होते हुए। संवा
संवाद न्यूज एजेंसी
उचाना। अनाज की खरीद-बेच पर सरकार आढ़तियों से जीएसटी भरवाती है जबकि जीएसटी आढ़तियों की बजाए अनाज की खरीद करने वालों से लेना चाहिए। क्योंकि आढ़ती तो किसान का अनाज बिकवाने के नाम पर सिर्फ अपना कमीशन लेता है। ऐसे में आढ़तियों से जीएसटी भरवाने का कोई औचित्य नहीं है। ये बातें हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने सोमवार को व्यापारियों के साथ हुई बैठक में कहीं।
उन्होंने कहा कि अनाज मंडियों का निर्माण हरियाणा मार्केट बोर्ड की ओर से किया गया है। मंडी का आढ़ती मार्केट फीस, लाइसेंस फीस, जीएसटी आदि सभी टैक्स सरकार को दे रहा है। जब अनाज मंडी मार्केट कमेटी के अधीन है तो निकाय विभाग को अनाज मंडी के व्यापारियों से हाउस टैक्स लेने का अधिकार नहीं होना चाहिए। कहा कि अनाज की खरीद-बेच पर सरकार आढ़तियों से जीएसटी भरवाती है जबकि जीएसटी आढ़तियों की बजाएं सरकार को अनाज की खरीद करने वालों से लेना चाहिए। क्योंकि आढ़ती तो किसान का अनाज बिकवाने के नाम पर सिर्फ अपना कमीशन लेता है। ऐसे में आढ़तियों से जीएसटी भरवाने का कोई औचित्य नहीं बनता है। पीआर धान की एमएसपी 2203 रुपये है जिसका आढ़तियों को कमीशन 2.5 प्रतिशत के हिसाब से 55 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा बनता है। मगर सरकार आढ़तियों को नौ रुपये कम करके 46 रुपये कमीशन दे रही है जो सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि सरकार को हर अनाज की खरीद आढ़तियों के माध्यम से करके पहले की तरह 2.5 प्रतिशत पूरा कमीशन देना चाहिए। किसान का अनाज सरकारी एजेंसी खरीद करती है ऐसे में अनाज के उठान में देरी होने से कई बार अनाज सूख जाने के कारण घटती आ जाती है। सरकार को घटती का पैसा आढ़तियों से ना लेकर सरकारी खरीद एजेंसियों के अधिकारियों व अनाज उठान के ठेकेदारों से वसूलने चाहिए।
इस मौके पर व्यापार मंडल उचाना प्रधान भारत भूषण, सुरेश सिंगला, शहरी पूर्व प्रधान ओमप्रकाश गोयल, रामनिवास गोयल, डॉ. सुरेश गुप्ता, चिमनलाल, रोशन लाल, गीता विद्या मंदिर स्कूल के चेयरमैन लाला सतपाल गोयल, लाला खुजान चंद बंसल, राजेश दनौदा, पवन गोयल, अशोक मित्तल, कृष्ण सिंगला, रामकुमार गोयल मौजूद रहे।
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उचाना। अनाज की खरीद-बेच पर सरकार आढ़तियों से जीएसटी भरवाती है जबकि जीएसटी आढ़तियों की बजाए अनाज की खरीद करने वालों से लेना चाहिए। क्योंकि आढ़ती तो किसान का अनाज बिकवाने के नाम पर सिर्फ अपना कमीशन लेता है। ऐसे में आढ़तियों से जीएसटी भरवाने का कोई औचित्य नहीं है। ये बातें हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने सोमवार को व्यापारियों के साथ हुई बैठक में कहीं।
उन्होंने कहा कि अनाज मंडियों का निर्माण हरियाणा मार्केट बोर्ड की ओर से किया गया है। मंडी का आढ़ती मार्केट फीस, लाइसेंस फीस, जीएसटी आदि सभी टैक्स सरकार को दे रहा है। जब अनाज मंडी मार्केट कमेटी के अधीन है तो निकाय विभाग को अनाज मंडी के व्यापारियों से हाउस टैक्स लेने का अधिकार नहीं होना चाहिए। कहा कि अनाज की खरीद-बेच पर सरकार आढ़तियों से जीएसटी भरवाती है जबकि जीएसटी आढ़तियों की बजाएं सरकार को अनाज की खरीद करने वालों से लेना चाहिए। क्योंकि आढ़ती तो किसान का अनाज बिकवाने के नाम पर सिर्फ अपना कमीशन लेता है। ऐसे में आढ़तियों से जीएसटी भरवाने का कोई औचित्य नहीं बनता है। पीआर धान की एमएसपी 2203 रुपये है जिसका आढ़तियों को कमीशन 2.5 प्रतिशत के हिसाब से 55 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा बनता है। मगर सरकार आढ़तियों को नौ रुपये कम करके 46 रुपये कमीशन दे रही है जो सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि सरकार को हर अनाज की खरीद आढ़तियों के माध्यम से करके पहले की तरह 2.5 प्रतिशत पूरा कमीशन देना चाहिए। किसान का अनाज सरकारी एजेंसी खरीद करती है ऐसे में अनाज के उठान में देरी होने से कई बार अनाज सूख जाने के कारण घटती आ जाती है। सरकार को घटती का पैसा आढ़तियों से ना लेकर सरकारी खरीद एजेंसियों के अधिकारियों व अनाज उठान के ठेकेदारों से वसूलने चाहिए।
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इस मौके पर व्यापार मंडल उचाना प्रधान भारत भूषण, सुरेश सिंगला, शहरी पूर्व प्रधान ओमप्रकाश गोयल, रामनिवास गोयल, डॉ. सुरेश गुप्ता, चिमनलाल, रोशन लाल, गीता विद्या मंदिर स्कूल के चेयरमैन लाला सतपाल गोयल, लाला खुजान चंद बंसल, राजेश दनौदा, पवन गोयल, अशोक मित्तल, कृष्ण सिंगला, रामकुमार गोयल मौजूद रहे।
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