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Jind News: 121 किसानों की दो साल फसल नहीं खरीदेगी सरकार
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13जेएनडी11: धान के अवशेष जलाकर जुताई करते हुए। संवाद
सुशील टुर्ण
जींद। जिले में धान के अवशेष जलाने वाले किसानों पर प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसके बावजूद भी किसान धान के अवशेष जलाने से पीछे नहीं हट रहे। जिला प्रशासन को अब तक जिले में धान के अवशेष जलाने की 121 स्थानों पर लोकेशन सेटेलाइट के माध्यम से मिली थी। जांच के दौरान 92 स्थानों पर धान के अवशेष जले मिले। इस मामले में अब तक 88 किसानों पर एफआईआर दर्ज हुई है।
किसानों को धान के अवशेष जलाने से रोकने के लिए प्रशासन ने तमाम प्रयास किए, लेकिन किसान लगातार अनदेखी कर रात के समय धान के अवशेषों में आग लगा रहे हैं। इसके कारण पिछले एक सप्ताह से लगातार एक्यूआई का स्तर बढ़ रहा है। बुधवार को जिले में 371 एक्यूआई रहा। बीते एक सप्ताह में सबसे ज्यादा एक्यूआई आंका गया। प्रशासन ने किसानों को धान के अवशेष जलाने से रोकने के लिए गांवों में विभाग के अधिकारियों को भेजकर जागरूकता शिविर भी लगवाए। इसके अतिरिक्त गांवों में सरपंचों के माध्यम से चौकीदारों से मुनियादी करवाई और अवशेष जलाने से होने वाले नुकसानों के बारे में जानकारी दी थी। इसके बावजूद भी किसान लगातार धान के अवशेष जला रहे हैं। प्रशासन धान के अवशेष जलाने वाले किसानों पर मौके पर ही जुर्माना भी लगा रहा है। एक किसान प्रति एकड़ ढ़ाई हजार रुपये जुर्माना लगाया जाता है। इसके बाद पुलिस को किसान की शिकायत देकर एफआईआर दर्ज हो रही है। अब तक धान के अवशेष जलाने पर दर्ज शिकायतों में 20 किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार किया, हालांकि इन किसानों को थाने में बुलाकर जमानत दी जा रही है।
बाक्स
मंगलवार को इन किसानों पर दर्ज हुए मामले
धान के अवशेष जलाने पर मंगलवार को कृषि विभाग के अधिकारियों की शिकायत पर बीबीपुर निवासी कुलदीप, नारायणगढ़ निवासी गौरव, जामनी निवासी अनिल व दनौदा कलां निवासी बीरभान के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। इसके अलावा पुलिस ने डाहोला निवासी संदीप, देशखेड़ा निवासी प्रभुराम व दनौदा निवासी सुरेश को गिरफ्तार किया है, हांलाकि इन किसानों को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।
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बाक्स
किसानों पर सख्त हो रहे नियम
सरकार की गाइडलाइन के अनुसार कठोर सजा दी जा रही है। इसमें किसान दो वर्ष तक मंडी में फसल का पंजीकरण करवाकर एमएसपी पर नहीं बेच सकता। जिस जमीन में आग लगाई गई। उसकी खेवट व किल्ला नंबर को दो वर्ष के लिए रेड किया गया है। इसके तहत जिले में अब तक 121 किसान दो वर्ष तक अपनी फसल नहीं बेच पाएंगे।
बाक्स
किसान धान के अवशेष को न जलाएं
जिले के किसानों को धान के अवशेष नहीं जलाने के लिए समय रहते जागरूक किया था। इसके बावजूद भी लगातार किसान धान के अवशेष जला रहे हैं। सरकार की गाइडलाइन के अनुसार किसानों पर कृषि विभाग कार्रवाई कर रहा है। अब तक 121 किसानों की जमीन को रेड मार्क किया गया है। किसानों को चाहिए कि वह धान के अवशेष न जलाएं।
-डॉ. गिरीश नागपाल, जिला उप निदेशक कृषि विभाग जींद।
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जींद। जिले में धान के अवशेष जलाने वाले किसानों पर प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसके बावजूद भी किसान धान के अवशेष जलाने से पीछे नहीं हट रहे। जिला प्रशासन को अब तक जिले में धान के अवशेष जलाने की 121 स्थानों पर लोकेशन सेटेलाइट के माध्यम से मिली थी। जांच के दौरान 92 स्थानों पर धान के अवशेष जले मिले। इस मामले में अब तक 88 किसानों पर एफआईआर दर्ज हुई है।
किसानों को धान के अवशेष जलाने से रोकने के लिए प्रशासन ने तमाम प्रयास किए, लेकिन किसान लगातार अनदेखी कर रात के समय धान के अवशेषों में आग लगा रहे हैं। इसके कारण पिछले एक सप्ताह से लगातार एक्यूआई का स्तर बढ़ रहा है। बुधवार को जिले में 371 एक्यूआई रहा। बीते एक सप्ताह में सबसे ज्यादा एक्यूआई आंका गया। प्रशासन ने किसानों को धान के अवशेष जलाने से रोकने के लिए गांवों में विभाग के अधिकारियों को भेजकर जागरूकता शिविर भी लगवाए। इसके अतिरिक्त गांवों में सरपंचों के माध्यम से चौकीदारों से मुनियादी करवाई और अवशेष जलाने से होने वाले नुकसानों के बारे में जानकारी दी थी। इसके बावजूद भी किसान लगातार धान के अवशेष जला रहे हैं। प्रशासन धान के अवशेष जलाने वाले किसानों पर मौके पर ही जुर्माना भी लगा रहा है। एक किसान प्रति एकड़ ढ़ाई हजार रुपये जुर्माना लगाया जाता है। इसके बाद पुलिस को किसान की शिकायत देकर एफआईआर दर्ज हो रही है। अब तक धान के अवशेष जलाने पर दर्ज शिकायतों में 20 किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार किया, हालांकि इन किसानों को थाने में बुलाकर जमानत दी जा रही है।
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मंगलवार को इन किसानों पर दर्ज हुए मामले
धान के अवशेष जलाने पर मंगलवार को कृषि विभाग के अधिकारियों की शिकायत पर बीबीपुर निवासी कुलदीप, नारायणगढ़ निवासी गौरव, जामनी निवासी अनिल व दनौदा कलां निवासी बीरभान के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। इसके अलावा पुलिस ने डाहोला निवासी संदीप, देशखेड़ा निवासी प्रभुराम व दनौदा निवासी सुरेश को गिरफ्तार किया है, हांलाकि इन किसानों को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।
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किसानों पर सख्त हो रहे नियम
सरकार की गाइडलाइन के अनुसार कठोर सजा दी जा रही है। इसमें किसान दो वर्ष तक मंडी में फसल का पंजीकरण करवाकर एमएसपी पर नहीं बेच सकता। जिस जमीन में आग लगाई गई। उसकी खेवट व किल्ला नंबर को दो वर्ष के लिए रेड किया गया है। इसके तहत जिले में अब तक 121 किसान दो वर्ष तक अपनी फसल नहीं बेच पाएंगे।
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किसान धान के अवशेष को न जलाएं
जिले के किसानों को धान के अवशेष नहीं जलाने के लिए समय रहते जागरूक किया था। इसके बावजूद भी लगातार किसान धान के अवशेष जला रहे हैं। सरकार की गाइडलाइन के अनुसार किसानों पर कृषि विभाग कार्रवाई कर रहा है। अब तक 121 किसानों की जमीन को रेड मार्क किया गया है। किसानों को चाहिए कि वह धान के अवशेष न जलाएं।
-डॉ. गिरीश नागपाल, जिला उप निदेशक कृषि विभाग जींद।