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Jind News: सरकार का सस्ता चावल बेच रही गाड़ी को जांच के बाद छोड़ा
Fri, 26 Apr 2024 04:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 26 Apr 2024 04:14 AM IST
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25जेएनडी07: जुलाना के मेन बाजार में घुम रही चावल की गाड़ी। संवाद
जुलाना। आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने की सूचना मिलने के बाद जुलाना पुलिस मौके पर पहुंची और एक गाड़ी को पकड़ लिया, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया। आदर्श आचार संहिता को लेकर संशय बना रहा।
रोहतक के एक मिल की गाड़ी जुलाना कस्बे में 29 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से चावल बेच रही थी। पिकअप गाड़ी के ऊपर लाउडस्पीकर लगाया गया था, जिसमें प्रचार किया जा रहा था कि भारत सरकार द्वारा दिया जा रहा है सस्ते दामों पर चावल। 10 किलोग्राम का बैग केवल 290 रुपये में दिया जा रहा है। सस्ते भाव के चावल के प्रचार को सुनकर दुकानदारों में चावल लेने की होड़ मच गई। एक-एक दुकानदार 10-10 बैग उठाए नजर आया। दुकानदारों ने बताया कि कुछ देर बाद चावल को ब्लैक में भी बेचा जाने लगा। दुकानदारों ने बताया कि बैग 290 की जगह 350 में दिया जाने लगा। गाड़ी के दोनों तरफ उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय का लोगो लगाकर बैनर भी लगाया गया था। गाड़ी पर जो लाउडस्पीकर लगाया गया था उसकी स्वीकृति भी नहीं थी। बार-बार अनाउसमेंट भी कि जा रहा था कि भारत सरकार सस्ते दाम में चावल दे रही है। कोई भी आमजन इसे खरीद सकता है। चावल सस्ता होने के कारण उसे खरीदने के लिए लोग टूट पड़े। चावल को आमजन की जगह दुकानदार खरीदते नजर आए। ऐसे में चावल की गुणवत्ता और आदर्श आचार संहिता पर लगातार संशय बना रहा।
नैफेड के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि भारत सरकार का उपक्रम है, जिसके तहत चावल को 29 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेचा जा रहा है। गाड़ी के कागजात की जांच के बाद छोड़ दी गई। चालक ने सभी दस्तावेज दिखाए, जोकि दुरुस्त मिले। -नवीन मोर, थाना प्रभारी, जुलाना।
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जांच के बाद चावल की गाड़ी का चालान क्यों नहीं किया गया यह तो पुलिस ही बता सकती है, लेकिन लाउडस्पीकर लगाया गया था और उसकी स्वीकृति नहीं थी तो यह जांच का विषय है। मामले की गहनता से जांच की जाएगी। -मोहम्मद इमरान रजा, डीसी, जींद।
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रोहतक के एक मिल की गाड़ी जुलाना कस्बे में 29 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से चावल बेच रही थी। पिकअप गाड़ी के ऊपर लाउडस्पीकर लगाया गया था, जिसमें प्रचार किया जा रहा था कि भारत सरकार द्वारा दिया जा रहा है सस्ते दामों पर चावल। 10 किलोग्राम का बैग केवल 290 रुपये में दिया जा रहा है। सस्ते भाव के चावल के प्रचार को सुनकर दुकानदारों में चावल लेने की होड़ मच गई। एक-एक दुकानदार 10-10 बैग उठाए नजर आया। दुकानदारों ने बताया कि कुछ देर बाद चावल को ब्लैक में भी बेचा जाने लगा। दुकानदारों ने बताया कि बैग 290 की जगह 350 में दिया जाने लगा। गाड़ी के दोनों तरफ उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय का लोगो लगाकर बैनर भी लगाया गया था। गाड़ी पर जो लाउडस्पीकर लगाया गया था उसकी स्वीकृति भी नहीं थी। बार-बार अनाउसमेंट भी कि जा रहा था कि भारत सरकार सस्ते दाम में चावल दे रही है। कोई भी आमजन इसे खरीद सकता है। चावल सस्ता होने के कारण उसे खरीदने के लिए लोग टूट पड़े। चावल को आमजन की जगह दुकानदार खरीदते नजर आए। ऐसे में चावल की गुणवत्ता और आदर्श आचार संहिता पर लगातार संशय बना रहा।
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नैफेड के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि भारत सरकार का उपक्रम है, जिसके तहत चावल को 29 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेचा जा रहा है। गाड़ी के कागजात की जांच के बाद छोड़ दी गई। चालक ने सभी दस्तावेज दिखाए, जोकि दुरुस्त मिले। -नवीन मोर, थाना प्रभारी, जुलाना।
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जांच के बाद चावल की गाड़ी का चालान क्यों नहीं किया गया यह तो पुलिस ही बता सकती है, लेकिन लाउडस्पीकर लगाया गया था और उसकी स्वीकृति नहीं थी तो यह जांच का विषय है। मामले की गहनता से जांच की जाएगी। -मोहम्मद इमरान रजा, डीसी, जींद।

25जेएनडी07: जुलाना के मेन बाजार में घुम रही चावल की गाड़ी। संवाद