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अग्निपथ योजना वापस ले सरकार, पुराने नियमों पर शुरू की जाए भर्ती
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जुलाना । जींद रोहतक मार्ग पर बने लंगर घर में अग्निपथ योजना को वापस लेकर, पुराने नियमों पर शुरू की जाए भर्ती के विरोध में रविवार को किसान छात्र एकता संगठन के बैनर तले बेरोजगार युवा महापंचायत का आयोजन अमित पड़ाना की अध्यक्षता में हुआ। पंचायत में उन युवाओं ने भाग लिया, जिनकी सेना की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, लेकिन अब योजना के कारण उनको सेना में भर्ती होने से वंचित होना पड़ा। पंचायत में युवाओं ने सरकार द्वारा लाई गई योजना पर रोष प्रकट किया।
युवाओं ने कहा कि सरकार बिना किसी तैयारी के योजना लाकर जनता पर थोप रही है। ऐसे में देश की जनता को अनेकों परेशानियों से होकर गुजरना पड़ता है। युवाओं की मांग है कि कोरोना काल में सेना की भर्ती बहाल नहीं होती तो युवाओं की मास्टर डिग्री भी रद्द हो, क्योंकि समानता का अधिकार सभी को है। सेना की भर्ती पुराने तरीके से बहाल हो। हमारे देश में चुनाव किसी भी महामारी के दौरान हो सकते हैं तो सेना की भर्ती क्यों नही। दो साल से युवाओं के सेना में जाने के सपनों पर सरकार ने कोरोना का बहाना बनाकर इसको खत्म किया है।
प्रियंका खरकरामजी ने कहा कि युवा महंगे पीजी और कोचिंग सेंटर में रहकर तैयारी करते हैं, लेकिन सरकार एक दिन में ही फैसला लेकर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती है। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, पहले उन्हें पुराने पैटर्न पर सेना में भर्ती किया जाए। कोरोना काल के दौरान जिन युवाओं की आयू सीमा पूरी हो गई है, उसे आगे और छूट दी जाए और पुरानी प्रक्रिया के तहत सेना में भर्ती की जाए।
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युवाओं ने कहा कि सरकार बिना किसी तैयारी के योजना लाकर जनता पर थोप रही है। ऐसे में देश की जनता को अनेकों परेशानियों से होकर गुजरना पड़ता है। युवाओं की मांग है कि कोरोना काल में सेना की भर्ती बहाल नहीं होती तो युवाओं की मास्टर डिग्री भी रद्द हो, क्योंकि समानता का अधिकार सभी को है। सेना की भर्ती पुराने तरीके से बहाल हो। हमारे देश में चुनाव किसी भी महामारी के दौरान हो सकते हैं तो सेना की भर्ती क्यों नही। दो साल से युवाओं के सेना में जाने के सपनों पर सरकार ने कोरोना का बहाना बनाकर इसको खत्म किया है।
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प्रियंका खरकरामजी ने कहा कि युवा महंगे पीजी और कोचिंग सेंटर में रहकर तैयारी करते हैं, लेकिन सरकार एक दिन में ही फैसला लेकर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती है। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, पहले उन्हें पुराने पैटर्न पर सेना में भर्ती किया जाए। कोरोना काल के दौरान जिन युवाओं की आयू सीमा पूरी हो गई है, उसे आगे और छूट दी जाए और पुरानी प्रक्रिया के तहत सेना में भर्ती की जाए।
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