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पीड़ित परिजनों को एक करोड़ और सरकारी नौकरी दी जाए : ऋषिपाल हैबतपुर
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02जेएनडी26: सफीदों में प्रदर्शन करते विभिन्न संगठनों के सदस्य। स्रोत संगठन
जींद। सफीदों की अवैध पटाखा और गुलाल फैक्टी में हुए भीषण विस्फोट में 12 महिला श्रमिकों की मौत को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ऋषिपाल हैबतपुर के नेतृत्व में विभिन्न जन संगठनों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा।
ऋषिपाल हैबतपुर ने हादसे को साधारण दुर्घटना मानने से इन्कार करते हुए इसे प्रशासनिक विफलता और बंधुआ मजदूरी का गंभीर मामला बताया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं से असुरक्षित और बंद वातावरण में जोखिमपूर्ण कार्य कराया जा रहा था जो मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
मृतकों के आश्रितों को एक करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। घायलों का आजीवन मुफ्त इलाज और पुनर्वास पैकेज दिया जाए। हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में उच्च स्तरीय जांच, श्रम विभाग, पुलिस और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की जाए।
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उन्होंने कहा कि यदि जल्द पीड़ित परिवारों को न्याय और उचित आर्थिक सहायता नहीं मिला तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। इस मौके पर जेपी रूहील, ईशाक भट्टी, कामरेड कपूर सिंह और विभिन्न किसान यूनियनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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ऋषिपाल हैबतपुर ने हादसे को साधारण दुर्घटना मानने से इन्कार करते हुए इसे प्रशासनिक विफलता और बंधुआ मजदूरी का गंभीर मामला बताया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं से असुरक्षित और बंद वातावरण में जोखिमपूर्ण कार्य कराया जा रहा था जो मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
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मृतकों के आश्रितों को एक करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। घायलों का आजीवन मुफ्त इलाज और पुनर्वास पैकेज दिया जाए। हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में उच्च स्तरीय जांच, श्रम विभाग, पुलिस और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की जाए।
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उन्होंने कहा कि यदि जल्द पीड़ित परिवारों को न्याय और उचित आर्थिक सहायता नहीं मिला तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। इस मौके पर जेपी रूहील, ईशाक भट्टी, कामरेड कपूर सिंह और विभिन्न किसान यूनियनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।