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Jind News: भगवान भक्तों की हर संकट में रक्षा करते हैं
Wed, 11 Mar 2026 11:59 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 11 Mar 2026 11:59 PM IST
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11जेएनडी26: कथा श्रवण करती हुई महिलाएं। स्रोत ग्रामीण।
- फोटो : सड़क हादसे में घायल मुन्ना।
नरवाना। गांव दबलैन स्थित डेरा बाबा फकीरां वाला में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान महायज्ञ के पांचवें दिन श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण किया। बुधवार को कथावाचक बाल योगी रंजना नंद दास महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा किए गए गोवर्धन पूजा के प्रसंग का वर्णन किया। कहा कि भगवान भक्तों की हर संकट में रक्षा करते हैं।
उन्होंने बताया कि द्वापर युग में ब्रजवासी इंद्र देव की पूजा किया करते थे लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें समझाया कि हमें प्रकृति और गोवर्धन पर्वत की पूजा करनी चाहिए, क्योंकि वही हमें अन्न, जल और जीवन प्रदान करता है। कथावाचक ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की बात मानकर जब बृजवासियों ने गोवर्धन पर्वत की पूजा शुरू कर दी, तो इंद्र देव क्रोधित हो गए और उन्होंने ब्रज में भीषण वर्षा कर दी।
चारों ओर जलभराव हो गया और ब्रजवासी संकट में पड़ गए। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर सभी बृजवासियों और गौधन को आश्रय दिया। कथावाचक ने कहा कि यह प्रसंग हमें यह शिक्षा देता है कि भगवान भक्तों की हर संकट में रक्षा करते हैं।
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उन्होंने बताया कि द्वापर युग में ब्रजवासी इंद्र देव की पूजा किया करते थे लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें समझाया कि हमें प्रकृति और गोवर्धन पर्वत की पूजा करनी चाहिए, क्योंकि वही हमें अन्न, जल और जीवन प्रदान करता है। कथावाचक ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की बात मानकर जब बृजवासियों ने गोवर्धन पर्वत की पूजा शुरू कर दी, तो इंद्र देव क्रोधित हो गए और उन्होंने ब्रज में भीषण वर्षा कर दी।
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चारों ओर जलभराव हो गया और ब्रजवासी संकट में पड़ गए। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर सभी बृजवासियों और गौधन को आश्रय दिया। कथावाचक ने कहा कि यह प्रसंग हमें यह शिक्षा देता है कि भगवान भक्तों की हर संकट में रक्षा करते हैं।
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