{"_id":"6a6647008efaac393b024816","slug":"freedom-from-superstition-and-orthodoxy-will-come-only-through-scientific-thinking-pramod-kumar-jind-news-c-199-1-sroh1006-157369-2026-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"वैज्ञानिक सोच से ही अंधविश्वास और रूढ़िवाद से मिलेगी मुक्ति : प्रमोद कुमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वैज्ञानिक सोच से ही अंधविश्वास और रूढ़िवाद से मिलेगी मुक्ति : प्रमोद कुमार
Sun, 26 Jul 2026 11:12 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 26 Jul 2026 11:12 PM IST
विज्ञापन
फोटो 26जेएनडी04-लॉर्ड शिवा मॉडल स्कूल में आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला में संबोधित करते हुए वक
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। हरियाणा ज्ञान-विज्ञान समिति ने रविवार को लॉर्ड शिवा मॉडल स्कूल में जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की। यह कार्यशाला वैज्ञानिक मानसिकता क्या, क्यों और कैसे विषय पर केंद्रित थी। इसमें करीब 40 अध्यापकों, छात्रों और संगठनकर्ताओं ने वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने पर विचार-विमर्श किया।
कार्यशाला दो सत्रों में हुई। प्रथम सत्र की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष जगवंती ने की, जबकि संचालन रामफल दहिया ने किया। विजेंद्र और अनिल कुंडू ने बताया कि वैज्ञानिक मानसिकता का उद्देश्य सत्य और तथ्यों के निकट पहुंचना है। उन्होंने कहा कि यह दृष्टिकोण व्यक्ति को बिना प्रमाण कोई बात स्वीकार करने से रोकता है। विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं, बल्कि दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51 के तहत वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना प्रत्येक नागरिक का मौलिक कर्तव्य है। द्वितीय सत्र में प्रमोद कुमार और गुलाब सिंह ने वैज्ञानिक सोच के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह समाज को अधिक प्रगतिशील, लोकतांत्रिक और मानवीय बनाती है। इसके माध्यम से अंधविश्वास, पाखंड, जातिवाद और सांप्रदायिकता जैसी बुराइयों से मुक्ति मिल सकती है।
विज्ञापन
राज्य सचिव सुरेश कुमार और राज्य संयोजक संदीप ने वैज्ञानिक मानसिकता को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। जिला अध्यक्ष सोहन दास ने कार्यशाला की मूल भावना को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की बात कही। इस अवसर पर कर्मजीत ढुल, चमन लाल, मंगत राम शास्त्री, राजबाला, माया देवी, सतनारायण, मा. गौरव शर्मा, बालकिशन, अनिल कुमार, अंकित जेस्ट, कुलदीप सिंह, जगदीश, राजेंद्र,आईजे दुबे, चांदीराम, धर्मबीर, कर्मपाल शास्त्री, शमशेर गांगोली, वेदप्रकाश, विवेक सुरजाखेड़ा मौजूद रहे।
विज्ञापन
जींद। हरियाणा ज्ञान-विज्ञान समिति ने रविवार को लॉर्ड शिवा मॉडल स्कूल में जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की। यह कार्यशाला वैज्ञानिक मानसिकता क्या, क्यों और कैसे विषय पर केंद्रित थी। इसमें करीब 40 अध्यापकों, छात्रों और संगठनकर्ताओं ने वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने पर विचार-विमर्श किया।
कार्यशाला दो सत्रों में हुई। प्रथम सत्र की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष जगवंती ने की, जबकि संचालन रामफल दहिया ने किया। विजेंद्र और अनिल कुंडू ने बताया कि वैज्ञानिक मानसिकता का उद्देश्य सत्य और तथ्यों के निकट पहुंचना है। उन्होंने कहा कि यह दृष्टिकोण व्यक्ति को बिना प्रमाण कोई बात स्वीकार करने से रोकता है। विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं, बल्कि दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
विज्ञापन
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51 के तहत वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना प्रत्येक नागरिक का मौलिक कर्तव्य है। द्वितीय सत्र में प्रमोद कुमार और गुलाब सिंह ने वैज्ञानिक सोच के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह समाज को अधिक प्रगतिशील, लोकतांत्रिक और मानवीय बनाती है। इसके माध्यम से अंधविश्वास, पाखंड, जातिवाद और सांप्रदायिकता जैसी बुराइयों से मुक्ति मिल सकती है।
विज्ञापन
राज्य सचिव सुरेश कुमार और राज्य संयोजक संदीप ने वैज्ञानिक मानसिकता को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। जिला अध्यक्ष सोहन दास ने कार्यशाला की मूल भावना को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की बात कही। इस अवसर पर कर्मजीत ढुल, चमन लाल, मंगत राम शास्त्री, राजबाला, माया देवी, सतनारायण, मा. गौरव शर्मा, बालकिशन, अनिल कुमार, अंकित जेस्ट, कुलदीप सिंह, जगदीश, राजेंद्र,आईजे दुबे, चांदीराम, धर्मबीर, कर्मपाल शास्त्री, शमशेर गांगोली, वेदप्रकाश, विवेक सुरजाखेड़ा मौजूद रहे।