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Jind News: अस्पताल में सौ रुपये देकर लगते हैं 4 इंजेक्शन, बाहर से 400 में एक इंजेक्शन

Fri, 29 Mar 2024 01:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Fri, 29 Mar 2024 01:34 AM IST
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Four injections are given in the hospital for Rs 100, one injection for Rs 400 from outside.
जींद। दो दिन से नागरिक अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन खत्म है। वीरवार को दिनभर इंजेक्शन लगवाने के लिए आने वाले मरीज वापस लौटते नजर आए। प्रतिदिन नागरिक अस्पताल में करीब 80 ऐसे लोग आते हैं, जो कुत्ते, बंदर या किसी अन्य जानवर के काटने के बाद एआरवी लगवाने आते हैं।
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एक दिन पहले ही स्वास्थ्य महानिदेशक डाॅ. रणदीप सिंह पूनिया ने नागरिक अस्पताल का दौरा कर व्यवस्थाओं को बनाने व मरीजों को बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए थे लेकिन अस्पताल में एआरवी ही नहीं हैं। नागरिक अस्पताल में 100 रुपये की रसीद कटवाने के बाद चार इंजेक्शन लगते हैं जबकि बाहर से एक इंजेक्शन के ही 400 रुपये लग जाते हैं। ऐसे में लोगों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। यह इंजेक्शन ऐसा है, जो समय पर लगवाना जरूरी है, नहीं तो इसके परिणाम घातक हो सकते हैं।
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एंटी रेबीज वैक्सीन उस स्थिति में लगाई जाती है जब किसी व्यक्ति को कुत्ते, बंदर या अन्य पशु ने काट लिया हो। मरीज को 72 घंटे के अंदर वैक्सीन लगवाना आवश्यक होता है। वैक्सीन नहीं लगवाने की स्थिति में रेबीज रोग होने का खतरा हो जाता है। ऐसे में वैक्सीन लगवाना अति आवश्यक होता है।
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मनुष्य में रेबीज के लक्षण

1. बेचैनी।

2. खाना-पानी निगलने में दिक्कत होना।

3. सांस लेनें में तकलीफ।

यह है रैबिज उपचार

कुत्ते, बंदर के काटने पर तुरंत चिकित्सक से उपचार करवा एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाएं। काटे हुए स्थान को कम से कम 10 से 15 मिनट तक साबुन से साफ करें। जितना जल्दी हो सके वैक्सीन या एआरवी के टीके लगवाएं। पालतू कुत्तों को इंजेक्शन लगवाएं। कुत्ते या बंदर आदि के काटने पर इलाज में लापरवाही न बरतें।

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प्रतिदिन 80 लोग आते हैं इंजेक्शन लगवाने के लिए

नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 100 मरीज कुत्ते, बंदर काटे के इंजेक्शन लगवाने के लिए आते हैं। वीरवार को भी प्रतिदिन की तरह लोग कुत्ते काटे का उपचार करवाने के लिए आए लेकिन इंजेक्शन रूम में जाकर पता चला कि इंजेक्शन ही खत्म हो गए हैं।

मेडिकल स्टोर पर 400 रुपये का इंजेक्शन

नागरिक अस्पताल में एआरवी खत्म हो जाने की वजह से मरीजों को बाहर मेडिकल स्टोर से यह इंजेक्शन खरीदना पड़ा। मरीजों ने बताया कि मेडिकल स्टोर पर यह इंजेक्शन 400 रुपये तक का मिल रहा है। रोहतक रोड निवासी आर्यन ने बताया कि वह रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए आया था लेकिन अस्पताल आने पर पता चला कि इंजेक्शन ही खत्म हो गए हैं। उसे चौथा इंजेक्शन लगना था। जिस पर मजबूरन उसे बाहर से 400 रुपये में इंजेक्शन लेना पड़ा। जब कर्मियों से अगले दिन इंजेक्शन आने की बात पूछी गई तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। जब स्टॉक खत्म होने वाला था तो पहले ही स्वास्थ्य प्रशासन द्वारा क्यों बंदोबस्त नही किया गया।


सौ रुपये की पर्ची कटवा कर लगवा सकते हैं एआरवी
नागरिक अस्पताल में एक मरीज को तीन निश्चित अंतराल में एआरवी लगते हैं। इसके लिए सौ रुपये की पर्ची कटती है। इसके बाद मरीज पर्ची दिखाकर इंजेक्शन लगवा सकता है। अगर प्रतिदिन 80 मरीज भी इंजेक्शन लगवाने आए तो प्रतिमाह यह आंकड़ा 1800 तक पहुंचता है। बीपीएल लोगों को फ्री में और सामान्य वर्ग के लोगों को 100 रुपये में अस्पताल में एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया जाता है। अस्पताल में टीके नहीं होने के कारण मरीजों को मेडिकल स्टोर से 400 से ज्यादा रुपये में खरीद इंजेक्शन लगवाने को मजबूर होना पड़ा।

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एंटी रेबीज इंजेक्शन के लिए डिमांड भेजी गई है। जल्द ही इंजेक्शन उपलब्ध हो जाएगा। आज ही इंजेक्शन खत्म हुए हैं। लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।

-डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन
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