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Jind: ग्लैंडर पीड़ित चार घोड़ों को उतारा मौत के घाट, सुरक्षा नियमों के तहत पूरी की गई प्रक्रिया
Tue, 17 Jan 2023 10:21 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 17 Jan 2023 10:21 PM IST
सार
दूसरे पशुओं और मनुष्य में बीमारी फैलने का डर था। ग्लैंडर से संक्रमित होने पर मौत ही विकल्प होता है। एक महीना पहले शहर की एक कॉलोनी में बीमार घोड़ों से सैंपल लिए गए थे।
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बीड़ में ग्लैंडर से संक्रमित घोड़ों को मारकर दफनाते हुए पशुपालन विभाग की टीम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हरियाणा के जींद में पशुपालन विभाग की टीम ने ग्लैंडर से संक्रमित चार घोड़ों को मंगलवार को सुरक्षा नियमों के तहत इंजेक्शन देकर मार दिया। इसके बाद शहर से दूर ले जाकर चारों घोड़ों को दफनाया गया। ग्लैंडर का इलाज नहीं होने के कारण यह प्रक्रिया अपनाई गई ताकि यह गंभीर बीमारी दूसरे घोड़े या मनुष्य को संक्रमित न कर सके। ग्लैंडर से संक्रमित होने पर मौत ही विकल्प होता है।
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एक महीना पहले शहर की एक कॉलोनी में बीमार घोड़ों से सैंपल लिए गए थे। जांच के दौरान घोड़े ग्लैंडर से संक्रमित मिले थे। इसके बाद पशुपालन विभाग की टीम ने इन घोड़ों को अलग रखा हुआ था। इनके पालकों के भी सैंपल लिए थे ताकि यह पता चल सके कि घोड़ों से इनका संक्रमण पालकों में आया है या नहीं।
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हालांकि घोड़ों के मालिकों के सैंपल निगेटिव मिले थे। इसके बाद पशुपालन विभाग ने इन घोड़ों को मारने के लिए टीम का गठन किया। इस टीम ने मंगलवार को सुरक्षा नियमों के तहत किट पहनकर इंजेक्शन लगाया जिससे घोड़ों की मौत हो गई। इसके बाद इनको दफनाने की प्रक्रिया अपनाई गई।
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ग्लैंडर से ग्रस्त चार घोड़ों को पूरे सुरक्षा नियमों के तहत इंजेक्शन लगाकर मौत के घाट उतारा गया ताकि इस बीमारी को दूसरे पशुओं या मनुष्य में प्रवेश करने से रोका जा सके। टीम ने पीपीई किट पहनकर इन घोड़ों को पहले नशे का इंजेक्शन दिया तो बाद में दूसरा इंजेक्शन देकर मौत के घाट उतारा। इसमें सुरक्षा नियमों का पूरा ध्यान रखा गया। -रविंद्र हुड्डा उप निदेशक पशुपालन विभाग जींद।