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शहर के बाजार में सुरक्षा के लिए प्रशासन द्वारा लगाई गई तीसरी आंख बंद, बेखौफ चोर

Sun, 26 Dec 2021 12:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 26 Dec 2021 12:09 AM IST
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For security in the city market, the third eye closed by the administration, the fearless thief
बाजार में बंद सीसीटीवी कैमरा। - फोटो : Jind
शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन द्वारा करीब पांच लाख रुपये से लगाए 16 कैमरों की जिम्मेदारी लेने से सभी विभाग अपने हाथ पीछे खींच रहे हैं। हालांकि यह कैमरे नगर परिषद ने करीब एक वर्ष पहले लगाए थे जो कि करीब नौ महीने से कैमरे बंद है और किसी भी विभाग ने इनको ठीक करवाने की जहमत नहीं उठाई। प्रशासन भी कैमरों की तरह ही आंख बंद किए बैठा है।
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एक वर्ष पहले शहर के बाजारों में चोरी व अन्य आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए प्रशासन ने व्यापारियों की मांग पर करीब पांच लाख रुपये से 16 सीसीटीवी कैमरे लगाए थे ताकि शहर के मुख्य बाजार में किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधियों को रोका जाए और वह गतिविधियां कैमरे की नजर में कैद हो जाएं। कैमरे लगने के बाद व्यापारियों को भी देर सवेर दुकानों में चोरी व अन्य आपराधिक गतिविधियों के रुकने की उम्मीद हुई लेकिन अब पिछले नौ माह से यह सभी कैमरे पूर्ण रुप से बंद हैं जिसके समाधान की मांग को लेकर व्यापारियों ने कई बार अधिकारियों को भी शिकायत दी लेकिन प्रशासन का इन कैमरों को ठीक करवाने की तरफ कोई ध्यान नहीं है। जिसके चलते अब फिर व्यापारियों को बाजार में आपराधिक घटनाओं का डर बना हुआ है।
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कई बार हो चुकी बाजार में चोरी की वारदात
शहर के मुख्य बाजार में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने का खामियाजा कई बार दुकानदारों को भुगतना पड़ है। शहर के मुख्य बाजार में छह से सात बार चोरी की वारदात को अंजाम दिया जा चुका है जिसके बाद भी प्रशासन ने अब तक इन कैमरों के सुधार के लिए कदम नहीं उठाए।
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-सुनील वशिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता।
चोरी का रहता है डर
बाजार में सायं को दुकान बंद करते ही सुबह तक चोरी की वारदात का डर रहता है जबकि वह प्रशासन को इन कैमरों को ठीक करवाने के लिए कई बार अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है। प्रशासन इन कैमरों को ठीक करवाने के नाम पर खुद ही आंख बंद किए बैठे हैं।
-अरुण कुमार।
प्रशासन को कई बार गुहार लगाकर लगवाए थे कैमरे
प्रशासनिक अधिकारियों को बाजार की सुरक्षा के लिए लंबे समय तक गुहार लगाकर बाजार में कैमरे लगवाए थे, लेकिन अब इनकी संभाल करने वाला कोई नहीं है। जिसके चलते अब बाजार की हालात ज्यों की त्यों है।
-मनोज असीजा।
शीघ्र करवाए जाएं कैमरे ठीक
बाजार में खराब पड़े सभी कैमरों को प्रशासन से शीघ्र ठीक करवाने की उनकी मांग है, ताकि आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले लोगों को इन कैमरों की सहायता से शीघ्र पकड़ा जा सके। अन्यथा बाजार में व्यापारियों को डर बना रहेगा।
-ऋषभ जैन।
कैमरे अपराधियों को पकड़ने में करते हैं पुलिस की सहायता
शहर में सरकारी विभाग के हैं या फिर किसी निजी व्यक्ति के जहां पर भी कैमरे लगे हैं। वह सभी ही सुचारु होने चाहिए। इन कैमरों के माध्यम से पुलिस आपराधिक वारदात को अंजाम देने वालों को आसानी से पहचान सकती है। बाजार में लगे कैमरे किसी भी विभाग के हों उनको जल्द ठीक करवाने के लिए विभागों से बात की जाएगी और शीघ्र ही ठीक करवाया जाएगा ताकि आपराधिक वारदातों को सुलझाने में इनका सहयोग लिया जा सके।

-जितेंद्र खटकड़ डीएसपी हेडक्वार्टर।
नगर परिषद का काम सिर्फ कैमरे लगाना
पहले यह व्यवस्था थी कि कैमरे नगर परिषद लगाएगा और इसके बाद इसकी देखरेख पुलिस द्वारा की जाएगी। कैमरे इंस्टाल कर पुलिस को सुपुर्द कर दिए जाते हैं। अब इंस्टाल करने का काम भी सरकार ने पुलिस को ही दे दिया है। ऐसे में रखरखाव का काम नगर परिषद का नहीं है।
-राजेंद्र प्रसाद, कार्यकारी, अधिकारी, नगर परिषद, जींद।
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