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कोहरे को देखते हुए ट्रेनों में लगवाई जा रही फॉग सेफ्टी डिवाइस

Sun, 19 Dec 2021 11:48 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 19 Dec 2021 11:48 PM IST
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Fog safety device being installed in trains in view of fog
जींद जंक्शन पर खड़ी ट्रेन। - फोटो : Jind
जींद। कोहरे में ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन के लिए रेल प्रबंधन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में ट्रेनों के इंजन में फॉग सेफ्टी डिवाइस लगाई जा रही है, ताकि लोको पायलट को मार्ग पर आने वाले सिग्नल की जानकारी आसानी से हासिल हो सके।
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रेल पटरियों की निगरानी में तैनात कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। कोहरे के हालात से निपटने के लिए परिचालन से जुड़े कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। वहीं चालक व परिचालक को निर्देश दिए गए हैं कि कोहरे को देखते हुए ट्रेनों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा रखी जाए। अगर जरूरत हो तो गति को 20 या 30 किलोमीटर प्रति घंटा भी किया जा सकता है। विभागीय अधिकारियों को सुरक्षित रेल परिचालन के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है।
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कोहरे के दौरान फॉग सेफ्टी डिवाइस सुरक्षित रेल परिचालन का सबसे बड़ा उपकरण है। इस उपकरण से लोको पायलट सिग्नल को लेकर सचेत रहता है। सिग्नल आने के एक किलोमीटर पहले इस उपकरण में लगा हुआ अलार्म बजने लगता है और डिवाइस पर लगी स्क्रीन पर भी इसकी जानकारी मिलती है। प्रमुख ट्रेनों में फॉग सेफ्टी डिवाइस लगाए जा रहे हैं। चालक व परिचालक डिवाइस की मदद से हालात पर नजर रखे हुए हैं।
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पटाखों का भी हो रहा इस्तेमाल
कोहरा ज्यादा होने की स्थिति में कुछ स्थानों पर डेटोनेटर यानी हल्के पटाखों का भी प्रयोग किया जाता है। सिग्नल से कुछ दूर पहले ही विशेष तरह के पटाखे ट्रैक पर रख दिए जाते हैं। इस पर इंजन गुजरने से आवाज होती है और लोको पायलट सतर्क हो जाता है। पहले इसका इस्तेमाल ज्यादा होता था, लेकिन अब इसकी जगह फॉग सेफ्टी डिवाइस का इस्तेमाल किया जा रहा है।

वर्जन
ठंड व कोहरे को देखते हुए रेलवे ट्रैक की निगरानी बढ़ा दी गई है। नियमित रूप से ट्रैक की जांच की जा रही है। इस काम में किसी तरह की कोताही नहीं हो इसके लिए अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने को कहा गया है। कम दृश्यता में नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें इस मौसम में ट्रेन परिचालन से संबंधित नियमों की पुस्तिका भी दी जा रही है।
- जयप्रकाश, स्टेशन अधीक्षक, जींद जंक्शन।
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