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Jind News: फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किया फ्लैग मार्च
Sun, 27 Oct 2024 12:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 27 Oct 2024 12:05 AM IST
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सफीदों। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की तरफ से डॉ. सुशील कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को गांव सिल्लाखेड़ी, रोझला और कारखाना में खाद की उपलब्धता व फसल अवशेष प्रबंधन के लिए फ्लैग मार्च किया गया। इसके अलावा उचाना में भी कृषि विभाग ने पराली न जलाने के लिए जागरूक किया।
उपमंडल अधिकारी डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि किसी भी किसान को डीएपी खाद को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। बाजार में खाद की कोई कमी नहीं है। किसानों को बीजाई के समयानुसार खाद उपलब्ध करवा दी जाएगी। बशर्ते कोई भी किसान समय से पहले व जरूरत से ज्यादा खाद का संग्रह न करे। इस मौके पर उन्होंने खाद विक्रेताओं को निर्देश दिए कि कोई भी खाद विक्रेता खाद के साथ टैगिंग न करें। उन्होंने नैनो डीएपी का महत्व बताया।
उन्होंने कहा कि धान के अवशेष जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति घटती है, क्योंकि आग लगाने से मिट्टी में प्राकृतिक रूप से उपलब्ध जीवाश्म, नाइट्रोजन, फास्फोरस व अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इसके साथ फसलों में किसानों के सहायक मित्र कीट भी जलकर नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि पराली जलाने से पर्यावरण भी प्रदूषित होता है। इसका स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव असर पड़ता है। इस दौरान अंकित लांबा, बिजेंद्र, दयानंद, रामसिंह, सतपाल, राजबीर मौजूद रहे।
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उपमंडल अधिकारी डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि किसी भी किसान को डीएपी खाद को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। बाजार में खाद की कोई कमी नहीं है। किसानों को बीजाई के समयानुसार खाद उपलब्ध करवा दी जाएगी। बशर्ते कोई भी किसान समय से पहले व जरूरत से ज्यादा खाद का संग्रह न करे। इस मौके पर उन्होंने खाद विक्रेताओं को निर्देश दिए कि कोई भी खाद विक्रेता खाद के साथ टैगिंग न करें। उन्होंने नैनो डीएपी का महत्व बताया।
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उन्होंने कहा कि धान के अवशेष जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति घटती है, क्योंकि आग लगाने से मिट्टी में प्राकृतिक रूप से उपलब्ध जीवाश्म, नाइट्रोजन, फास्फोरस व अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इसके साथ फसलों में किसानों के सहायक मित्र कीट भी जलकर नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि पराली जलाने से पर्यावरण भी प्रदूषित होता है। इसका स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव असर पड़ता है। इस दौरान अंकित लांबा, बिजेंद्र, दयानंद, रामसिंह, सतपाल, राजबीर मौजूद रहे।
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