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Jind News: नागरिक अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के पांच पद खाली, इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर
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सफीदों। नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को इलाज के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में चिकित्सकों के कई पद खाली हैं। इस कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और गंभीर मरीजों को इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के 11 पद स्वीकृत हैं लेकिन इनमें से पांच पद खाली हैं। वर्तमान में केवल छह मेडिकल ऑफिसर ही सेवाएं दे रहे हैं। डॉक्टरों की कमी के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। प्रतिदिन औसतन 300 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें बड़ी संख्या ईएसआई लाभार्थियों और उनके परिवार के सदस्यों की होती है।
जयपाल, राजीव, रिंकू और बिट्टू का कहना है कि वे हर महीने अपने वेतन से ईएसआई का अंशदान जमा करते हैं लेकिन जरूरत के समय उन्हें अपेक्षित चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पातीं। विशेषज्ञ डॉक्टरों के अभाव में पहले उन्हें डिस्पेंसरी, फिर नागरिक अस्पताल और अंत में दूसरे चिकित्सा संस्थानों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई बार घंटों इंतजार के बाद यह पता चलता है कि संबंधित बीमारी के उपचार के लिए अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध ही नहीं है।
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मरीजों के अनुसार, इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचने के बावजूद आवश्यक सुविधा या डॉक्टर नहीं मिलने पर उन्हें रोहतक और खानपुर कलां सहित अन्य बड़े अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया जाता है। इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों खर्च होता है, वहीं गंभीर मरीजों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों ने सरकार से अस्पताल में रिक्त पदों को जल्द भरने और विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति करने की मांग की है।
मुख्यालय को भेजा गया रिक्त पद भरने का प्रस्ताव
एसएमओ डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि नागरिक अस्पताल के एसएमओ डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के 11 स्वीकृत पदों में से पांच पद खाली हैं। रिक्त पदों को भरने के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण कुछ मरीजों को उच्च संस्थानों में रेफर करना पड़ता है। अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप सभी मरीजों का उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।
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अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के 11 पद स्वीकृत हैं लेकिन इनमें से पांच पद खाली हैं। वर्तमान में केवल छह मेडिकल ऑफिसर ही सेवाएं दे रहे हैं। डॉक्टरों की कमी के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। प्रतिदिन औसतन 300 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें बड़ी संख्या ईएसआई लाभार्थियों और उनके परिवार के सदस्यों की होती है।
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जयपाल, राजीव, रिंकू और बिट्टू का कहना है कि वे हर महीने अपने वेतन से ईएसआई का अंशदान जमा करते हैं लेकिन जरूरत के समय उन्हें अपेक्षित चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पातीं। विशेषज्ञ डॉक्टरों के अभाव में पहले उन्हें डिस्पेंसरी, फिर नागरिक अस्पताल और अंत में दूसरे चिकित्सा संस्थानों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई बार घंटों इंतजार के बाद यह पता चलता है कि संबंधित बीमारी के उपचार के लिए अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध ही नहीं है।
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मरीजों के अनुसार, इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचने के बावजूद आवश्यक सुविधा या डॉक्टर नहीं मिलने पर उन्हें रोहतक और खानपुर कलां सहित अन्य बड़े अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया जाता है। इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों खर्च होता है, वहीं गंभीर मरीजों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों ने सरकार से अस्पताल में रिक्त पदों को जल्द भरने और विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति करने की मांग की है।
मुख्यालय को भेजा गया रिक्त पद भरने का प्रस्ताव
एसएमओ डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि नागरिक अस्पताल के एसएमओ डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के 11 स्वीकृत पदों में से पांच पद खाली हैं। रिक्त पदों को भरने के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण कुछ मरीजों को उच्च संस्थानों में रेफर करना पड़ता है। अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप सभी मरीजों का उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।