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पहले सीनियर रहे, बाद में हो गए जूनियर, अब जाएगी नौकरी
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प्रदेश के विभिन्न नागरिक अस्पतालों में पहले सिविल सर्जन, पीएमओ, एसएमओ के रूप में काम कर रहे डॉक्टरों को रिटायरमेंट के बाद प्रदेश सरकार ने कंसलटेंट डॉक्टर (मेडिकल ऑफिसर) के रूप में नियुक्त किया था। अब स्वास्थ्य विभाग ने इन चिकित्सकों को 30 सितंबर को हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रदेश से ऐसे 116 कंसलटेंट डॉक्टरों को हटाया जाएगा। इनमें सबसे ज्यादा पंचकूला में 20 चिकित्सक हैं। अब सरकार दोबारा से इन डॉक्टरों से आवेदन मांगेंगी। इनमें केवल उन्हीं डॉक्टरों को दोबारा रखा जाएगा, जो काम कर रहे हैं। खाली बैठकर टाइम पास करके घर जाने वाले डॉक्टरों को अब घर भेज दिया जाएगा।
विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं से 58 वर्ष की आयु के बाद सिविल सर्जन, पीएमओ, एसएमओ से रिटायर हुए चिकित्सकों को पिछले वर्ष सरकार ने नागरिक अस्पतालों में कंसलटेंट के रूप में नियुक्ति दी थी। इन चिकित्सकों का पद मेडिकल ऑफिसर रखा गया। पहले इन्होंने अधिकारी के रूप में काम किया, अब यह जूनियर के रूप में काम कर रहे थे। ऐसे में इनकी वरिष्ठता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन भी इनसे काम नहीं लेता था। इसलिए यह चिकित्सक सारा दिन अस्पताल में इधर-उधर घूमकर या खाली बैठकर चले जाते थे। इनमें से बहुत कम ही चिकित्सक ओपीडी में बैठते थे। स्वास्थ्य विभाग को इस प्रकार की शिकायतें मिलने के बाद इन चिकित्सकों की अब 30 सितंबर को छुट्टी करने के आदेश जारी किए गए हैं।
सबसे ज्यादा पंचकूला में 20 चिकित्सक
पंचकूला में इस प्रकार के 20 कंसलटेंट चिकित्सक तैनात हैं। इसके अलावा अंबाला में 12, भिवानी से तीन, चरखी दादरी, फतेहाबाद में एक-एक, फरीदाबाद से चार, गुरुग्राम में पांच, हिसार में चार, जींद में 3, झज्जर में पांच, करनाल में आठ, कैथल में पांच, कुरुक्षेत्र में नौ, नूंह में पांच, पानीपत में तीन, पलवल में तीन, रोहतक में सात, सोनीपत में पांच, सिरसा में दो तथा यमुनानगर में पांच चिकित्सक तैनात हैं।
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15 अक्तूबर तक दोबारा मांगे जाएंगे आवेदन
इन कंसलटेंट चिकित्सकों से 15 अक्तूबर तक दोबारा आवेदन मांगे जाएंगे। इनमें से काम करने वाले तथा अच्छे व्यवहार वाले चिकित्सकों को ही दोबारा रखा जाएगा। इसके अलावा इनसे काम लेना भी सुनिश्चित किया जाएगा।
एसीएस (अतिरिक्त मुख्य सचिव) राजीव अरोड़ा के आदेश आए हैं। जींद में तीन कंसलटेंट चिकित्सक तैनात हैं। 30 सितंबर को इनको हटा दिया जाएगा। इनसे दोबारा आवेदन मांगे जाएंगे। डॉ. गोपाल गोयल, एसएमओ
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विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं से 58 वर्ष की आयु के बाद सिविल सर्जन, पीएमओ, एसएमओ से रिटायर हुए चिकित्सकों को पिछले वर्ष सरकार ने नागरिक अस्पतालों में कंसलटेंट के रूप में नियुक्ति दी थी। इन चिकित्सकों का पद मेडिकल ऑफिसर रखा गया। पहले इन्होंने अधिकारी के रूप में काम किया, अब यह जूनियर के रूप में काम कर रहे थे। ऐसे में इनकी वरिष्ठता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन भी इनसे काम नहीं लेता था। इसलिए यह चिकित्सक सारा दिन अस्पताल में इधर-उधर घूमकर या खाली बैठकर चले जाते थे। इनमें से बहुत कम ही चिकित्सक ओपीडी में बैठते थे। स्वास्थ्य विभाग को इस प्रकार की शिकायतें मिलने के बाद इन चिकित्सकों की अब 30 सितंबर को छुट्टी करने के आदेश जारी किए गए हैं।
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सबसे ज्यादा पंचकूला में 20 चिकित्सक
पंचकूला में इस प्रकार के 20 कंसलटेंट चिकित्सक तैनात हैं। इसके अलावा अंबाला में 12, भिवानी से तीन, चरखी दादरी, फतेहाबाद में एक-एक, फरीदाबाद से चार, गुरुग्राम में पांच, हिसार में चार, जींद में 3, झज्जर में पांच, करनाल में आठ, कैथल में पांच, कुरुक्षेत्र में नौ, नूंह में पांच, पानीपत में तीन, पलवल में तीन, रोहतक में सात, सोनीपत में पांच, सिरसा में दो तथा यमुनानगर में पांच चिकित्सक तैनात हैं।
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15 अक्तूबर तक दोबारा मांगे जाएंगे आवेदन
इन कंसलटेंट चिकित्सकों से 15 अक्तूबर तक दोबारा आवेदन मांगे जाएंगे। इनमें से काम करने वाले तथा अच्छे व्यवहार वाले चिकित्सकों को ही दोबारा रखा जाएगा। इसके अलावा इनसे काम लेना भी सुनिश्चित किया जाएगा।
एसीएस (अतिरिक्त मुख्य सचिव) राजीव अरोड़ा के आदेश आए हैं। जींद में तीन कंसलटेंट चिकित्सक तैनात हैं। 30 सितंबर को इनको हटा दिया जाएगा। इनसे दोबारा आवेदन मांगे जाएंगे। डॉ. गोपाल गोयल, एसएमओ