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Jind News: हाइड्रोजन प्लांट की ड्राइंग बनाने के लिए दी पंद्रह दिन की मोहलत
Fri, 15 Sep 2023 11:50 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 15 Sep 2023 11:50 PM IST
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15जेएनडी22-जंक्शन पर नक्शे के माध्यम से जानकारी लेते डीआरएम सुखविंद्र सिंह। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। स्थानीय जंक्शन रेलवे स्टेशन के पास खाली पड़ी जमीन पर करीब चार महीने पहले शुरू हुए हाइड्रोजन प्लांट के निर्माण की अभी अंतिम (फाइनल) डिजाइन तैयार नहीं हो पाई है। इससे पहले बनाई गई तीन ड्राइंग कुछ न कुछ कमी मिलने से रद्द कर दी गई थी। अब निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए दो कंपनियां अलाॅट की गई हैं। शुक्रवार को डीआरएम सुखविंद्र सिंह ने निर्माणाधीन हाइड्रोजन प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने हाइड्रोजन प्लांट की फाइनल ड्राइंग तैयार करने के लिए 15 दिन की मोहलत दी ताकि वह मंजूरी के लिए भेजी जा सके।
डीआरएम ने प्लांट के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। कार्यदायी कंपनी ने निर्माण पूरा करने के लए छह महीने का अतिरिक्त समय मांगा।हाइड्रोजन प्लांट का निर्माण कार्य लगभग चार माह पहले शुरू हुआ था। प्लांट की साइट पर अभी तक चारदीवारी का कार्य के साथ-साथ गैस स्टोरेज के लिए टैंक ही बना है। वहीं कमरों का निर्माण जारी है। बिजली के लिए पोल खड़े कर दिए गए हैं। शुक्रवार को डीआरएम ने अमृत स्टेशन योजना के तहत चल रहे नई कार्य का निरीक्षण किया। दिसंबर के अंत तक हाइड्रोजन प्लांट तैयार करने की डेडलाइन है। प्लांट तैयार होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन करेंगे। यह देश का पहला हाइड्रोजन प्लांट बना रहा है। इसके लिए जींद जंक्शन पर वाशिंग लाइन के साथ ही करीब दो हजार गज जगह में हाइड्रोजन प्लांट का निर्माण कार्य चल रहा है। इस परियोजना पर 110 करोड़ रुपये खर्च होंगे। हाइड्रोजन प्लांट का निर्माण पूरा होने के बाद यहां से होने वाले गैस से ट्रेनें चलाई जाएंगी। पहली ट्रेन जींद-सोनीपत के बीच चलेगी। एक ओर की दूरी 90 किलोमीटर है और एक ट्रेन इंजन में 360 किलोग्राम हाइड्रोजन भरी जाएगी। इसी से ट्रेन एक चक्कर पूरा करेगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले माह 25 तारीख को भी एडीआरएम राजेश कुमार ने भी निरीक्षण के दौरान प्लांट की फाइनल डिजाइन तैयार न होने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा था कि तीन महीने में वह प्लांट की फाइनल डिजाइन तैयार नहीं कर पाए तो डेडलाइन दिसंबर 2023 तक कैसे प्लांट का निर्माण पूरा हो पाएगा।
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एनआरएमयू ने सौंपा ज्ञापन
नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन शाखा ने कर्मचारियों की समस्या संबंधित डीआरएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि दिल्ली मंडल के सभी रनिंग रूम में भोजन की व्यवस्था कराई जाए। जब तक रेल संचालन धर्मपुर तक शुरू नहीं होता है तब तक क्लास ऑनलाइन करवाई जाए या कालका से धर्मपुर एंड बैक स्पेशल बस चलवाई जाए। रनिंग रूम जींद काफी पुराना है। हर कमरे में तीन या छह बेड लगाए गए हैं। इसलिए 35 कमरे या 70 बेड का नया रनिंग रूम ट्रैफिक साइड बनवाया जाए। दिल्ली मंडल में ट्रैकमैन कर्मचारियों को अभी तक रक्षक यंत्र व सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए हैं, जिस कारण दिन प्रतिदिन ट्रैकमैन कर्मचारियों के साथ हादसे हो रहे हैं। जल्द से जल्द उपकरण दिल्ली मंडल में भी दिलवाया जाए। प्लेटफार्म नंबर एक से रनिंग रूम तक फूट ओवरब्रिज बनवाया जाए।
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जींद। स्थानीय जंक्शन रेलवे स्टेशन के पास खाली पड़ी जमीन पर करीब चार महीने पहले शुरू हुए हाइड्रोजन प्लांट के निर्माण की अभी अंतिम (फाइनल) डिजाइन तैयार नहीं हो पाई है। इससे पहले बनाई गई तीन ड्राइंग कुछ न कुछ कमी मिलने से रद्द कर दी गई थी। अब निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए दो कंपनियां अलाॅट की गई हैं। शुक्रवार को डीआरएम सुखविंद्र सिंह ने निर्माणाधीन हाइड्रोजन प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने हाइड्रोजन प्लांट की फाइनल ड्राइंग तैयार करने के लिए 15 दिन की मोहलत दी ताकि वह मंजूरी के लिए भेजी जा सके।
डीआरएम ने प्लांट के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। कार्यदायी कंपनी ने निर्माण पूरा करने के लए छह महीने का अतिरिक्त समय मांगा।हाइड्रोजन प्लांट का निर्माण कार्य लगभग चार माह पहले शुरू हुआ था। प्लांट की साइट पर अभी तक चारदीवारी का कार्य के साथ-साथ गैस स्टोरेज के लिए टैंक ही बना है। वहीं कमरों का निर्माण जारी है। बिजली के लिए पोल खड़े कर दिए गए हैं। शुक्रवार को डीआरएम ने अमृत स्टेशन योजना के तहत चल रहे नई कार्य का निरीक्षण किया। दिसंबर के अंत तक हाइड्रोजन प्लांट तैयार करने की डेडलाइन है। प्लांट तैयार होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन करेंगे। यह देश का पहला हाइड्रोजन प्लांट बना रहा है। इसके लिए जींद जंक्शन पर वाशिंग लाइन के साथ ही करीब दो हजार गज जगह में हाइड्रोजन प्लांट का निर्माण कार्य चल रहा है। इस परियोजना पर 110 करोड़ रुपये खर्च होंगे। हाइड्रोजन प्लांट का निर्माण पूरा होने के बाद यहां से होने वाले गैस से ट्रेनें चलाई जाएंगी। पहली ट्रेन जींद-सोनीपत के बीच चलेगी। एक ओर की दूरी 90 किलोमीटर है और एक ट्रेन इंजन में 360 किलोग्राम हाइड्रोजन भरी जाएगी। इसी से ट्रेन एक चक्कर पूरा करेगी।
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उल्लेखनीय है कि पिछले माह 25 तारीख को भी एडीआरएम राजेश कुमार ने भी निरीक्षण के दौरान प्लांट की फाइनल डिजाइन तैयार न होने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा था कि तीन महीने में वह प्लांट की फाइनल डिजाइन तैयार नहीं कर पाए तो डेडलाइन दिसंबर 2023 तक कैसे प्लांट का निर्माण पूरा हो पाएगा।
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एनआरएमयू ने सौंपा ज्ञापन
नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन शाखा ने कर्मचारियों की समस्या संबंधित डीआरएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि दिल्ली मंडल के सभी रनिंग रूम में भोजन की व्यवस्था कराई जाए। जब तक रेल संचालन धर्मपुर तक शुरू नहीं होता है तब तक क्लास ऑनलाइन करवाई जाए या कालका से धर्मपुर एंड बैक स्पेशल बस चलवाई जाए। रनिंग रूम जींद काफी पुराना है। हर कमरे में तीन या छह बेड लगाए गए हैं। इसलिए 35 कमरे या 70 बेड का नया रनिंग रूम ट्रैफिक साइड बनवाया जाए। दिल्ली मंडल में ट्रैकमैन कर्मचारियों को अभी तक रक्षक यंत्र व सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए हैं, जिस कारण दिन प्रतिदिन ट्रैकमैन कर्मचारियों के साथ हादसे हो रहे हैं। जल्द से जल्द उपकरण दिल्ली मंडल में भी दिलवाया जाए। प्लेटफार्म नंबर एक से रनिंग रूम तक फूट ओवरब्रिज बनवाया जाए।