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Jind News: प्रसव पीड़ित के साथ एंबुलेंस में बैठाया बुखार पीड़ित
Sat, 05 Oct 2024 12:51 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 05 Oct 2024 12:51 AM IST
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04जेएनडी04: जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का फोटो। संवाद
जुलाना। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुलाना रेफरल बन गया है। यहां पर आने वाली गर्भवती महिलाओं को रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया जाता है। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को सामने आया। बुढ़ाखेड़ा लाठर गांव की रहने वाली गर्भवती महिला को जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लगाया गया तो उसे केवल पीवी कर रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया, मगर रास्ते में उसकी नार्मल डिलिवरी हो गई। परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
बुढ़ाखेड़ा लाठर के रहने वाले व्यक्ति ने बताया कि उनकी बेटी मायके आई हुई थी। शुक्रवार को सुबह उसे प्रसव पीड़ा होने पर डिलिवरी के लिए जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए। चिकित्सकों ने रक्त का लेवल कम बताकर उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। जिस एंबुलेंस में उसे लेकर जा रहे थे उसी में अस्पताल प्रशासन ने एक अन्य मरीज और उसके दो साथियों को बैठा दिया। जब एंबुलेंस लाखनमाजरा के पास पहुंची तो रास्ते में ही बेटी को डिलिवरी हो गई। बेटी को संभालने के लिए एंबुलेंस में कोई भी महिला मेडिकल स्टाफ और ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) नहीं था। इससे बेटी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। महिला के परिजनों ने अस्पताल और एंबुलेंस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
गर्भवती के साथ एंबुलेंस में स्टाफ न होना बड़ी लापरवाही : विजेंद्र
लड़की के पिता ने कहा कि एंबुलेंस में स्टाफ न होने से उसकी बेटी की जिंदगी खतरे में पड़ गई थी। जब कम खून का हवाला दिया गया तो रास्ते में नॉर्मल डिलिवरी कैसे हो गई। वह इसकी शिकायत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से करेंगे।
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गर्भवती के साथ किसी अन्य मरीज को नहीं ले जाया जा सकता है। अगर ऐसा हुआ है तो वह इसकी जांच करेंगे। अभी तक उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। अगर आएगी तो वह जांच करेंगे। -डाॅ. रवि राणा, इंचार्ज, एंबुलेंस, जींद।
आज सुबह एक गर्भवती महिला अस्पताल आई थी। खून की कमी होने के कारण उसे रोहतक पीजीआई रेफर किया गया था। उसके साथ एक बुखार का मरीज भी भेजा गया था, क्योंकि उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। फिर भी अगर कोई लापरवाही है तो वह मामले की जांच करेंगे। -डाॅ. संजीव शर्मा, एसएमओ, जुलाना।
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बुढ़ाखेड़ा लाठर के रहने वाले व्यक्ति ने बताया कि उनकी बेटी मायके आई हुई थी। शुक्रवार को सुबह उसे प्रसव पीड़ा होने पर डिलिवरी के लिए जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए। चिकित्सकों ने रक्त का लेवल कम बताकर उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। जिस एंबुलेंस में उसे लेकर जा रहे थे उसी में अस्पताल प्रशासन ने एक अन्य मरीज और उसके दो साथियों को बैठा दिया। जब एंबुलेंस लाखनमाजरा के पास पहुंची तो रास्ते में ही बेटी को डिलिवरी हो गई। बेटी को संभालने के लिए एंबुलेंस में कोई भी महिला मेडिकल स्टाफ और ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) नहीं था। इससे बेटी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। महिला के परिजनों ने अस्पताल और एंबुलेंस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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गर्भवती के साथ एंबुलेंस में स्टाफ न होना बड़ी लापरवाही : विजेंद्र
लड़की के पिता ने कहा कि एंबुलेंस में स्टाफ न होने से उसकी बेटी की जिंदगी खतरे में पड़ गई थी। जब कम खून का हवाला दिया गया तो रास्ते में नॉर्मल डिलिवरी कैसे हो गई। वह इसकी शिकायत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से करेंगे।
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गर्भवती के साथ किसी अन्य मरीज को नहीं ले जाया जा सकता है। अगर ऐसा हुआ है तो वह इसकी जांच करेंगे। अभी तक उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। अगर आएगी तो वह जांच करेंगे। -डाॅ. रवि राणा, इंचार्ज, एंबुलेंस, जींद।
आज सुबह एक गर्भवती महिला अस्पताल आई थी। खून की कमी होने के कारण उसे रोहतक पीजीआई रेफर किया गया था। उसके साथ एक बुखार का मरीज भी भेजा गया था, क्योंकि उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। फिर भी अगर कोई लापरवाही है तो वह मामले की जांच करेंगे। -डाॅ. संजीव शर्मा, एसएमओ, जुलाना।

04जेएनडी04: जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का फोटो। संवाद