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रिटायर्ड एएसआई रणबीर सिंह को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर किया विरोध प्रदर्शन

Tue, 15 Sep 2020 12:48 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2020 12:48 AM IST
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femily protest against police
एएसआई को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करत? - फोटो : Jind
शीतलपुरी कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त एएसआई रणबीर सिंह (65) को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले आरोपियों की दो माह बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज परिजनों ने सोमवार को रानी तालाब से लेकर लघु सचिवालय तक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर रिश्वत लेकर मामले को दबाने का आरोप लगाया है।
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सोमवार को कोथ कलां गांव और शीतलपुरी कॉलोनी के लोगों ने रानी तालाब से लघु सचिवालय तक पुलिस प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद डीसी डॉ. आदित्य दहिया को मामले की शिकायत देकर न्याय दिलाने की मांग की गई। मृतक के बेटे सुखविंद्र सिंह ने बताया कि उसके पिता ने 19 जुलाई को भिवानी रोड पुल के पास ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली थी। उनके पास से एक सुसाइड नोट मिला था, जिसमें उन्होंने तीन नंबरदार, पूर्व सरपंच और एक वकील पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था। सुसाइड नोट में लिखा था कि गांव कोथ कलां के संदीप, देवेंद व सतपाल नंबरदार, एडवोकेट रविंद्र श्योराण और पूर्व सरपंच सरजीत ने मिलीभगत करके और उस पर दबाव बनाकर झूठे केस में फंसाने का षड्यंत्र रचा था। इससे आहत होकर मैं आत्महत्या कर रहा हूं। सुसाइड नोट में आगे लिखा था कि वह अपनी जमीन की रजिस्ट्री बेटे के नाम करवाना चाहता था। एक दिन एडवोकेट रविंद्र ने उससे कहा कि पंच और नंबरदार को वह अपने-आप बुला लेगा। इन लोगों ने साजिश के तहत उसको फंसाकर उसे पूरे गांव में बदनाम करके मरने के लिए मजबूर किया। यह सब मिलीभगत से किया गया है। उसकी मौत के लिए यही सभी जिम्मेदार हैं, इसलिए वह इन लोगों की वजह से आत्महत्या कर रहा है। मृतक के बेटे ने आरोप लगाया कि जीआरपी ने दो महीने के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। लोगों ने डीसी को ज्ञापन सौंपा भी सौंपा। डीसी ने कहा कि मामले की जांच करवाई जाएगी।
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जीआरपी दस लाख रुपये दिलवाकर समझौते का बना रहा है दबाव
उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी की बजाय जीआरपी उन पर समझौता करने का दबाव डाल रही है। समझौते के रूप में 10 लाख रुपये दिलवाने की बात कह रही है। इस मामले में कार्रवाई को लेकर उन्होंने सात अगस्त को जीआरपी के एसएचओ,डीएसपी, एसपी, गृहमंत्री, सीएम विंडो में भी शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि आगे उसके तथा परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है तो उसकी जिम्मेदारी आरोपियों की होगी। उन्होंने प्रशासन से भी गुहार लगाई है कि उसकी तथा उसके परिवार की सुरक्षा की जाए।
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