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8:24 बजे होगा चांद का दीदार
ब्यूरो/अमर उजाला जींद
Updated Thu, 29 Oct 2015 11:34 PM IST
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पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिनें शुक्रवार को करवा चौथ का व्रत रखेंगी। रात 8:24 बजे चांद का दीदार होगा। करवा व्रत के चलते वीरवार को बाजारों में काफी रौनक रही और महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। वहीं, ब्यूटी पार्लर से लेकर मेंहदी लगाने वालों के पास काफी भीड़ रही।
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हिंदू परम्परा के अनुसार करवा चौथ के दिन व्रत रखने से पति की आयु लंबी होती है। इस दिन महिलाएं आसमान में तारे रहते ही भोजन करती हैं और इसके बाद दिन भर निर्जल रहती हैं। दोपहर के समय करवा चौथ व्रत कथा की जाती है।
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कार्तिम मास के शुक्ल पक्ष की चौथी तिथि को यह व्रत किया जाता है। इस दिन महिलाएं चंद्रमा, भगवान शिव, माता पार्वती के साथ-साथ भगवान कार्तिकेय की भी पूजा करती हैं। शाम के समय चंद्रोदय के समय पति को देखकर ही व्रत खोलती हैं।
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महाभारत काल से है परंपरा
पंडित दीपक भारद्वाज के अनुसार शास्त्रों में महाभारत काल से इस व्रत का उल्लेख मिलता है। शास्त्रों के अनुसार एक बार अर्जुन नीलगिरी पर्वत पर तप करने के लिए चले गए। वे काफी दिन तक जब नहीं लौटे तो, द्रौपदी को उनकी चिंता हुई। उन्होंने भगवान कृष्ण को याद किया।
भगवान कृष्ण के आने पर द्रौपदी ने बताया कि वह अर्जुन को लेकर चिंतित हैं। इस पर भगवान कृष्ण ने उन्हें करवा व्रत की कथा सुनवाई और कहा कि यह व्रत करने वाली महिला के पति की आयु लंबी होगी। तभी से करवा चौथ का व्रत किया जा रहा है।
सास-बहू के रिश्तों के लिए भी महत्वपूर्ण
शास्त्री दीपक भारद्वाज के अनुसार, करवा का व्रत सास-बहू के रिश्तों के लिए भी महत्वपूर्ण होता है। शास्त्रों के अनुसार शादी के बाद पहले करवा व्रत में सास की भूमिका अहम होती है। इससे सास और बहू के रिश्ते अच्छे होते हैं। सुयोग्य वर प्राप्ति के लिए अविवाहित युवतियां भी व्रत कर सकती हैं।
पुरुष भी करते हैं व्रत
हालांकि, शास्त्रों में करवा व्रत केवल महिलाओं द्वारा करने का ही उल्लेख है, लेकिन पुरुष भी करवा व्रत करने लगे हैं। बदले परिवेश में अपने जीवन साथी के प्रति अधिक समर्पण जताने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
करवा व्रत का हिंदू समाज में बहुत ही महत्व है। इस बार चंद्रोदय शाम 8:24 बजे होगा। दिन में शारीरिक स्थिति के अनुसार महिला पानी का सेवन कर सकती हैं। दिन में कथा करने का विशेष महत्व है।
-शास्त्री दीपक भारद्वाज
गर्भवती महिलाएं बचें
गर्भवती महिलाओं को व्रत करने से बचना चाहिए। केवल उसके शरीर को नहीं, बच्चे को भी पोषण की जरूरत होती है। आजकल बुखार का सीजन चल रहा है। ऐसी स्थिति में भूखा-प्यासा रहने से दिक्कत हो सकती है।
डॉ. मंजू सिंगला, महिला रोग विशेषज्ञ, सिविल अस्पताल जींद।