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किसानों ने पैक्स के कर्मचारियों को दो घंटे तक किया कमरे में बंद

Rohtak Bureauरोहतक ब्यूरो Updated Sat, 21 Dec 2019 11:45 PM IST
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पेगां गांव के पैक्स पर ताला लगाते संडील गांव के किसान।
पेगां गांव के पैक्स पर ताला लगाते संडील गांव के किसान। - फोटो : Jind
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संडील गांव के किसानों ने द पेगां प्राथमिक कृषि सहकारी समिति लिमिटेड (पैक्स) के कर्मचारियों पर खाद तथा नकदी के नाम पर करोड़ों रुपये डकारने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कर्मचारियों को कमरे में बंद कर पैक्स को ताला लगा दिया। सूचना मिलते ही अलेवा थाना प्रभारी संजय कुमार तथा सहकारी समिति जींद के जीएम जयप्रकाश वर्मा मौके पर पहुंचे। वर्मा ने माना कि इस मामले में गड़बड़ी जरूर हुई है। उन्होंने तीन अधिकारियों की कमेटी बनाकर मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। इसके बाद ही पैक्स पर लगे ताले को खोला जा सका। कर्मचारी लगभग दो घंटे तक अंदर ही रहे।
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जीएम जयप्रकाश वर्मा को दी शिकायत में संडील गांव के किसान बलजीत, चांदीराम, जगपाल, रामफल, तेजपाल, महिपाल, सुभाष, महासिंह, कर्मबीर, मांगेराम, रमेश, पवन समेत सैकड़ों किसानों ने बताया कि पेगां स्थित पैक्स कर्मचारियों द्वारा बिना खाद तथा नकदी दिए उनके पास बुक में खाद तथा नकदी चढ़ाकर करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया है, जबकि उन्होंने किसी प्रकार का खाद तथा नकदी ली है। इससे साफ है कि मामले में बड़े अधिकारियों की भूमिका नजर आ रही है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों ने खाता बदलने के एवज में किसानों के घर-घर पहुंचकर अंगूठे व हस्ताक्षर करवाए हुए हैं। इन्हीं हस्ताक्षरों के बलबूते से उन्होंने खातों से खाद तथा नकदी निकाल ली। ऐसे में किसान लाखों रुपये के डिफाल्टर बन गए हैं।
कैसे उठा मामले से पर्दा
संडील गांव के किसानों ने बताया कि ब्याज माफी योजना के तहत जब किसान खातों की जानकारी लेने के लिए पेगां पैक्स में पहुंचे तो उनके खातों को चालू देखकर दंग रह गए। जबकि उनके खाते कई-कई वर्षों से बंद पड़े थे। मामले को लेकर रिकार्ड को खंगाला गया तो किसानों के खातों से खाद तथा नकदी के नाम पर कर्मचारियों द्वारा नई पास बुक बनाकर स्वयं ही हस्ताक्षर तथा अंगूठे लगाकर खाद व नकदी निकाली हुई थी। इस कारण किसान डिफाल्टर हो गए।
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पैक्स के अधीन चार गांव के कुल 2456 किसान
पेगां गांव के अधीन चार गांव के कुल 2456 सदस्यों में 703 नियमित, 273 मृत तथा 1480 डिफाल्टर किसान हैं। इसमें संडील गांव की बात की जाए तो 116 नियमित तथा 512 डिफाल्टर की श्रेणी में आते हैं। किसानों का कहना है कि मामले की यदि निष्पक्ष जांच की जाए तो इसमें बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।
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फर्जी तरीके से कर्मचारियों को लगाया ड्यूटी पर
किसानों ने पैक्स में बिना किसी परमिशन के अधिकारियों द्वारा फर्जी तरीके से कर्मचारियों के भर्ती का आरोप लगाते हुए मामले की जांच करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि जब 2006 के बाद पैक्स में रजिस्ट्रार द्वारा पत्र के माध्यम से किसी प्रकार की भर्ती करने पर रोक लगा रखी है तो फिर कर्मचारियों को किस आधार पर पैक्सों के अंदर भर्ती किया गया। यह घालमेल के लिए ही किया जा रहा है।
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विकास अधिकारी को दिए जांच के आदेश : जीएम
सहकारी समिति जींद के जीएम जयप्रकाश वर्मा ने माना कि इसमें गड़बड़ी जरूर हुई है। इसके लिए तीन सदस्यों विकास अधिकारी सुभाष बिश्नोई, राज सिंह मलिक, राजकुमार शर्मा की एक कमेटी गठित की है। इस मामले में जो भी कर्मचारी या अधिकारी दोषी मिला, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारी भर्ती को लेकर भी मामला उनके संज्ञान में है। 2006 के बाद पैक्सो में किसी कर्मचारी के नहीं लगाने की हिदायत रजिस्ट्रार के पत्र में साफ तौर से लिखी है। वर्ष 2006 के बाद पेगां, अलेवा, शामलो तथा एक अन्य पैक्स में लगे कर्मचारियों की सेवाएं निरस्त के लिए विभाग के उच्च अधिकारियों को लिखा हुआ है।
फोटो कैप्शन
21जेएनडी 35 : पेगां पैक्स पर ताला लगाते संडील गांव के किसान।
21जेएनडी36 : किसानों से बातचीत करते जीएम जयप्रकाश वर्मा व अलेवा थाना प्रभारी संजय कुमार।
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