जींद। सर्वजातीय कंडेला खाप और भारतीय किसान मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष टेकराम कंडेला ने कहा कि तीन फरवरी एक ऐतिहासिक है। चार साल पहले दिल्ली में बड़ा किसान आंदोलन हुआ था। केंद्र सरकार ने गाजीपुर बॉर्डर पर जब किसान आंदोलन को तोड़ने की कोशिश की थी तो तीन फरवरी 2021 को सर्वजातीय खाप पंचायत व किसान संगठनों की सबसे पहले बड़ी महापंचायत कंडेला में बुलाई गई थी। इसमें बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। इसी दिन को अब किसान मजदूर जागृति दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस बार बैठक में निर्णय लिया गया है कि यह दिवस इस बार राष्ट्रीय मुख्यालय कंडेला में ही मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से किसानों व सामाजिक मुद्दों पर कार्य करते आ रहे हैं। सहकारी समितियां किसानों से जो ब्याज वसूल रही हैं, इन्हें बंद किया जाए। घरों व खेतों में बिजली के बिल अनाप-श्नाप थमा दिए जाते हैं, जिसे किसान भरने में असमर्थ हैं। मनरेगा स्कीम को किसानों के साथ जोड़ा जाए। जींद राजनीति का केंद्र बिंदु है, यहां से सरकारें बनती व गिरती हैं। जिला जींद में युवा सबसे ज्यादा बेरोजगार हैं, इसलिए सरकार यहां एक बड़ा औद्योगिक कारखाना लगाए, ताकि कम से कम 15 हजार युवाओं को रोजगार मिल सके। हरियाणा सरकार ग्राम पंचायत के लिए एक विशेष पैकेज की घोषणा करे, जिसमें जिले का विकास हो। इस अवर पर प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभेराम कंडेला, कंडेला खाप के महासचिव रामदिया नंबरदार, किसान यूनियन प्रधान भेदू कंडेला, रामकिशन, सत्तू, कालू मौजूद थे।

01जेएनडी03: कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करते हुए टेकराम कंडेला।