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धान की बोली नहीं होने पर किसानों ने फिर लगाया मंडी गेट पर ताला

Tue, 27 Oct 2020 11:57 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2020 11:57 PM IST
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Farmers again lock Mandi gate when paddy is not spoken
अनाज मंडी के गेट को बंद करके नारेबाजी करते किसान। - फोटो : Jind
नरवाना अनाज मंडी धान की बोली नहीं होने के कारण किसानों को परेशानी हो रही है। हालत यह हैं कि दस दिन में सात बार मंडी के गेट पर ताला लगाकर किसानों द्वारा प्रदर्शन किया जा चुका है। अधिकारी आश्वासन देते हैं, मगर समस्या अभी तक नहीं हल हो रही है। मंगलवार को फिर से किसानों ने बोली नहीं होने पर मंडी गेट को ताला लगाकर रोष जताया। हालांकि अब जिले से बाहर के मिलर को भी खरीद सौंपी गई है। इसमें फतेहाबाद और करनाल के मिलर शामिल हैं।
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सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा धान की खरीद के लिए बोली नहीं किए जाने से नाराज किसानों ने मंगलवार को एक बार फिर मेला ग्राउंड अनाज मंडी के गेट पर ताला लगा दिया। किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का आरोप है कि सरकारी खरीद एजेंसी धान नहीं खरीद रही हैं। इस कारण वह कई-कई दिनों से मंडी में डेरा डालने को मजबूर हैं और उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को फूड एंड सप्लाई विभाग की मंडी में खरीद थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों का कहना है कि उन्हें जो राइस मिल अलॉट की गई थी उनका कोटा पूरा हो चुका है, इसलिए अभी वह खरीद नहीं कर सकते। दूसरी ओर अनाज मंडी पूरी तरह धान की ढेरियों से अटी पड़ी हैं, लेकिन खरीद नहीं होने के कारण किसान सड़कों पर भी धान डालने को मजबूर हो रहे हैं। मंडी गेट पर ताला लगने की सूचना मिलने के बाद शहर थाना प्रभारी महेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि वह अधिकारियों से बातचीत कर समस्या का समाधान करवाएंगे। आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने मंडी गेट का ताला तो खोल दिया लेकिन अनाज मंडी में समस्या ज्यों की त्यों बरकरार थी।
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अब नहीं रहेगी समस्या
नरवाना में पिछले सालों के मुकाबले धान अधिक आया है। इसके चलते दिक्कत हो रही है। किसानों की दो मांगे हैं। एक तीनों एजेंसियां एक साथ खरीद करें। इसका नियम नहीं है, लेकिन किसानों को राहत देने के लिए व्यवस्था की है। दूसरी मांग है कि मिलर बढ़ाए जाएं। इसके लिए करनाल व फतेहाबाद मिलर को अनुमति दी गई है। अब समस्या नहीं रहेगी।
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डॉ. आदित्य दहिया, डीसी।
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