{"_id":"67b8ceeb16ceb8a0770ffe1a","slug":"farmer-leader-said-government-could-not-find-out-who-fired-the-bullets-and-got-them-fired-jind-news-c-199-1-sroh1006-130427-2025-02-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: किसान नेता बोले- गोली चलाने और चलवाने का पता नहीं कर पाई सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: किसान नेता बोले- गोली चलाने और चलवाने का पता नहीं कर पाई सरकार
विज्ञापन
नरवाना(जींद)। खनौरी बॉर्डर किसान मोर्चे पर शुक्रवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा में किसान शुभकरण को किसानों ने उसकी फोटो पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। खनौरी किसान मोर्चे पर 21 फरवरी 2024 को बठिंडा के बल्लो गांव के 23 वर्षीय किसान शुभकरण सिंह की सिर में गोली लगने से मौत हो गई थी।
किसान नेताओं का कहना था कि शुभकरण की मौत को एक साल हो गया है, लेकिन सरकार अभी तक गोली मारने और मरवाने का आदेश देने वालों का पता नहीं कर पाई है। उनकी मांग है कि शुभकरण पर गोली चलाने और चलवाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल, अभिमन्यु कोहाड़, सुरजीत सिंह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री कहते हैं कि भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। लोकतंत्र राज के अंदर यह नहीं होता कि मांगों को लेकर जो अपनी बात रखना चाहते हैं, उन पर गोलियां चलाई जाए। इससे भी बड़ी बात यह है कि उस नौजवान किसान को इस लोकतंत्र राज में अब तक इंसाफ भी नहीं मिला। हालांकि उन अधिकारियों पर कोई कार्रवाई करने की बजाय उनको अवाॅर्ड दिए जा रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि किसानों की सभी 23 फसलों की एमएसपी पर संपूर्ण खरीद कराने के लिए एमएसपी गारंटी कानून की लड़ाई पिछले एक साल से लड़ी जा रही है। शनिवार को केंद्र सरकार के साथ प्रस्तावित बैठक में किसानों का पक्ष मजबूती से रखा जाएगा। इसलिए इस आंदोलन में सभी को एकजुट होने की जरूरत है। इसमें केवल किसान संगठन ही नहीं बल्कि, हर वो बुद्धिजीवी जो किसानी करते है। कोई अपना रोजगार करते है या खेती नहीं करते। उन्हें भी एकजुट होने की जरूरत है।
विज्ञापन
किसान नेताओं का कहना था कि शुभकरण की मौत को एक साल हो गया है, लेकिन सरकार अभी तक गोली मारने और मरवाने का आदेश देने वालों का पता नहीं कर पाई है। उनकी मांग है कि शुभकरण पर गोली चलाने और चलवाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल, अभिमन्यु कोहाड़, सुरजीत सिंह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री कहते हैं कि भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। लोकतंत्र राज के अंदर यह नहीं होता कि मांगों को लेकर जो अपनी बात रखना चाहते हैं, उन पर गोलियां चलाई जाए। इससे भी बड़ी बात यह है कि उस नौजवान किसान को इस लोकतंत्र राज में अब तक इंसाफ भी नहीं मिला। हालांकि उन अधिकारियों पर कोई कार्रवाई करने की बजाय उनको अवाॅर्ड दिए जा रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि किसानों की सभी 23 फसलों की एमएसपी पर संपूर्ण खरीद कराने के लिए एमएसपी गारंटी कानून की लड़ाई पिछले एक साल से लड़ी जा रही है। शनिवार को केंद्र सरकार के साथ प्रस्तावित बैठक में किसानों का पक्ष मजबूती से रखा जाएगा। इसलिए इस आंदोलन में सभी को एकजुट होने की जरूरत है। इसमें केवल किसान संगठन ही नहीं बल्कि, हर वो बुद्धिजीवी जो किसानी करते है। कोई अपना रोजगार करते है या खेती नहीं करते। उन्हें भी एकजुट होने की जरूरत है।