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Jind News: डीएपी की जगह किसान को मिली पुलिस की लाठी
Sun, 27 Oct 2024 01:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 27 Oct 2024 01:23 AM IST
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26जेएनडी10: किसान जिसकी नाक पर चोट लगी। संवाद
उचाना। डीएपी के लिए जिले के किसानों को आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उचाना में शनिवार को डीएपी लेने आए किसानों को पुलिस की लाठी खानी पड़ी। इसमें एक किसान की नाक पर चोट लगी तो कई को धक्का-मुक्की में चोटें आईं। रबी फसलों की बिजाई के लिए डीएपी लेने के लिए किसान सुबह चार बजे से ही पुरानी मंडी स्थित हैफेड कार्यालय के बाहर जुटने शुरू हो जाते हैं, जबकि खाद वितरण का कार्य लगभग नौ बजे शुरू होता है।
मंडी में किसानों को खाद के लिए कई-कई घंटे तक लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ रहा है। शनिवार को भी सुबह से लाइन में लगे किसानों को आधार कार्ड पर पांच-पांच बैग डीएपी खाद दी गई। खाद लेने के लिए महिलाएं भी लाइन में डटी रहीं। खाद पहले लेने के लिए किसानों के बीच धक्का-मुक्की होने पर पुलिस ने लाइन बनाने के लिए लाठी भाजी तो एक किसान की नाक पर चोट लग गई। इससे उसकी नाक से खून निकलने लगा।
हालांकि पुलिस लाठी चलाने की बात से इनकार कर रही है। उचाना चौकी प्रभारी चंद्रपाल ने कहा कि भीड़ अधिक होने की वजह से किसानों के बीच आपस में धक्का-मुक्की हुई थी। गिरने से किसान को चोट लगी है। मंडी में पुलिस की मौजूदगी में डीएपी बंटवाई गई है। मंडी में डीएपी के 1400 बैग आए थे, मगर कई किसानों को खाद नहीं मिल पाई। उनको खाली हाथ लौटना पड़ा है।
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किसान संदीप, दलशेर ने कहा कि धान की कटाई हो चुकी है। अब गेहूं की बिजाई के लिए डीएपी की आवश्यकता है। गत रविवार को भी वह लाइन में लगे थे। तब खाद खत्म हो गई थी। शनिवार को फिर वह सुबह ही आकर लाइन में लग गए थे। अगेती गेहूं की बिजाई के लिए डीएपी की जरूरत है, लेकिन लंबी-बंली लाइन में धक्के खाने के बाद भी खाद नहीं मिल रही है। बिजाई से पहले उनके सामने खाद बड़ी समस्या बनी हुई है। सरकार को डीएपी के इंतजाम करने चाहिए।
खाद बिक्री केंद्र पर 1400 बैग डीएपी आई थी। प्रत्येक किसान को 5-5 बैग खाद दी गई है। अब दोबारा खाद आने पर किसानों को जरूरत के अनुसार खाद दी जाएगी। -सतीश, सेल्समैन, हैफेड।
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मंडी में किसानों को खाद के लिए कई-कई घंटे तक लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ रहा है। शनिवार को भी सुबह से लाइन में लगे किसानों को आधार कार्ड पर पांच-पांच बैग डीएपी खाद दी गई। खाद लेने के लिए महिलाएं भी लाइन में डटी रहीं। खाद पहले लेने के लिए किसानों के बीच धक्का-मुक्की होने पर पुलिस ने लाइन बनाने के लिए लाठी भाजी तो एक किसान की नाक पर चोट लग गई। इससे उसकी नाक से खून निकलने लगा।
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हालांकि पुलिस लाठी चलाने की बात से इनकार कर रही है। उचाना चौकी प्रभारी चंद्रपाल ने कहा कि भीड़ अधिक होने की वजह से किसानों के बीच आपस में धक्का-मुक्की हुई थी। गिरने से किसान को चोट लगी है। मंडी में पुलिस की मौजूदगी में डीएपी बंटवाई गई है। मंडी में डीएपी के 1400 बैग आए थे, मगर कई किसानों को खाद नहीं मिल पाई। उनको खाली हाथ लौटना पड़ा है।
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किसान संदीप, दलशेर ने कहा कि धान की कटाई हो चुकी है। अब गेहूं की बिजाई के लिए डीएपी की आवश्यकता है। गत रविवार को भी वह लाइन में लगे थे। तब खाद खत्म हो गई थी। शनिवार को फिर वह सुबह ही आकर लाइन में लग गए थे। अगेती गेहूं की बिजाई के लिए डीएपी की जरूरत है, लेकिन लंबी-बंली लाइन में धक्के खाने के बाद भी खाद नहीं मिल रही है। बिजाई से पहले उनके सामने खाद बड़ी समस्या बनी हुई है। सरकार को डीएपी के इंतजाम करने चाहिए।
खाद बिक्री केंद्र पर 1400 बैग डीएपी आई थी। प्रत्येक किसान को 5-5 बैग खाद दी गई है। अब दोबारा खाद आने पर किसानों को जरूरत के अनुसार खाद दी जाएगी। -सतीश, सेल्समैन, हैफेड।

26जेएनडी10: किसान जिसकी नाक पर चोट लगी। संवाद

26जेएनडी10: किसान जिसकी नाक पर चोट लगी। संवाद