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जीवन की चुनौतियों का डटकर करें सामना : मीना
Tue, 19 Mar 2024 11:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 19 Mar 2024 11:51 PM IST
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19जेएनडी22:अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं को जागरूक करती प्राध्यापिका। संवाद।
जींद। हिंदू कन्या महाविद्यालय में मंगलवार को अमर उजाला ने अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें छात्राओं को जीवन में आने वाली चुनौतियों का डटकर मुकाबला करने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर कॉलेज प्राचार्य डॉ. पूनम मोर ने छात्राओं को साहस के साथ आगे बढ़ने के लिए जागरूक किया।
शारीरिक शिक्षा विभाग की प्राध्यापिका मीना मलिक व कराटे में गोल्ड मेडलिस्ट प्राध्यापिका नितिशा काजल ने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ आत्मरक्षा के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है। महिला को बहुत सारे अधिकार मिले हैं, लेकिन उन अधिकारों का इस्तेमाल आप तब कर सकते हैं जब आप में हिम्मत होगी। इसके अलावा उन्होंने छात्राओं को कॅरिअर और महिला सशक्तीकरण को लेकर जागरूक किया।
प्राध्यापिकाओं ने अमर उजाला का भी महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवाओं में जाने के लिए अखबार पढ़ने की आदत बनानी चाहिए। दूसरी किताबें भी पढ़ें, जिससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। जीवन में सफल होने के लिए कड़ी मेहनत करें। महिलाओं का काम सिर्फ घर चलाना ही नहीं है, अपने आपको इतना सक्षम बनाएं कि निर्णय स्वयं ले सकें। जीवन में कामयाब होने के लिए अनुशासन और फोकस रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं की सुरक्षा जागरूकता पर ही निर्भर करती है। क्योंकि जितना महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगी उतना सुरक्षित रहेंगी। उन्हें पता होना चाहिए कि अगर उनके साथ कुछ गलत हो रहा है तो वह किससे और किस जगह शिकायत दर्ज कर सकती हैं।
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उन्होंने छात्राओं और अध्यापिकाओं को अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। वह ऑटो से लेकर प्लेन तक चला रही हैं। जरूरत बस अपने अंदर आत्मविश्वास पैदा करने की है। आत्मविश्वास ही जीत दिलाता है। सशक्तीकरण का अर्थ शक्तिशाली बनाने से है। इस कड़ी में अपराजिता मुहिम मील का पत्थर साबित होगी। छात्राओं ने भी सवाल पूछकर शंकाओं को दूर किया। मीना मलिक ने कहा कि महिलाओं को किसी से डरना नहीं है। हर मोड़ पर निडरता से डटकर खड़ी हों। अगर किसी महिला या युवती के साथ बस या सार्वजनिक जगह पर, स्कूल या कॉलेज में कुछ गलत होता है तो ऐसे में उन्हें डरना नहीं चाहिए, बल्कि डटकर विरोध करना है। बिना शर्म के डायल 112 पर सूचना देकर पुलिस में शिकायत दर्ज करवानी चाहिए।
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शारीरिक शिक्षा विभाग की प्राध्यापिका मीना मलिक व कराटे में गोल्ड मेडलिस्ट प्राध्यापिका नितिशा काजल ने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ आत्मरक्षा के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है। महिला को बहुत सारे अधिकार मिले हैं, लेकिन उन अधिकारों का इस्तेमाल आप तब कर सकते हैं जब आप में हिम्मत होगी। इसके अलावा उन्होंने छात्राओं को कॅरिअर और महिला सशक्तीकरण को लेकर जागरूक किया।
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प्राध्यापिकाओं ने अमर उजाला का भी महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवाओं में जाने के लिए अखबार पढ़ने की आदत बनानी चाहिए। दूसरी किताबें भी पढ़ें, जिससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। जीवन में सफल होने के लिए कड़ी मेहनत करें। महिलाओं का काम सिर्फ घर चलाना ही नहीं है, अपने आपको इतना सक्षम बनाएं कि निर्णय स्वयं ले सकें। जीवन में कामयाब होने के लिए अनुशासन और फोकस रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं की सुरक्षा जागरूकता पर ही निर्भर करती है। क्योंकि जितना महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगी उतना सुरक्षित रहेंगी। उन्हें पता होना चाहिए कि अगर उनके साथ कुछ गलत हो रहा है तो वह किससे और किस जगह शिकायत दर्ज कर सकती हैं।
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उन्होंने छात्राओं और अध्यापिकाओं को अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। वह ऑटो से लेकर प्लेन तक चला रही हैं। जरूरत बस अपने अंदर आत्मविश्वास पैदा करने की है। आत्मविश्वास ही जीत दिलाता है। सशक्तीकरण का अर्थ शक्तिशाली बनाने से है। इस कड़ी में अपराजिता मुहिम मील का पत्थर साबित होगी। छात्राओं ने भी सवाल पूछकर शंकाओं को दूर किया। मीना मलिक ने कहा कि महिलाओं को किसी से डरना नहीं है। हर मोड़ पर निडरता से डटकर खड़ी हों। अगर किसी महिला या युवती के साथ बस या सार्वजनिक जगह पर, स्कूल या कॉलेज में कुछ गलत होता है तो ऐसे में उन्हें डरना नहीं चाहिए, बल्कि डटकर विरोध करना है। बिना शर्म के डायल 112 पर सूचना देकर पुलिस में शिकायत दर्ज करवानी चाहिए।

19जेएनडी22:अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं को जागरूक करती प्राध्यापिका। संवाद।