फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Extreme heat... mercury reached 44 degrees, hot wind blew at the speed of 16 km scorching people

Jind News: प्रचंड गर्मी...पारा 44 डिग्री, 16 किमी की रफ्तार से चली गर्म हवा ने झुलसाया

Tue, 10 Jun 2025 12:19 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 10 Jun 2025 12:19 AM IST
विज्ञापन
Extreme heat... mercury reached 44 degrees, hot wind blew at the speed of 16 km scorching people
09जेएनडी16: दोपहर के समय सुनसान दिखाई दे रहा एलआईसी रोड। संवाद
जींद। गर्म हवा ने सोमवार को दूसरे दिन भी आमजन को बेहाल रखा। शनिवार को तापमान जहां 38 डिग्री था, वहीं रविवार को यह बढ़कर 43 और सोमवार को 44 डिग्री पर पहुंच गया। न्यूनतम तापमान 30 डिग्री रहा। हवा की गति 16 किलोमीटर प्रति घंटा व मौसम में आद्रता 23 प्रतिशत बनी रही।
विज्ञापन

मौसम विभाग के अनुसार आगामी 15-16 जून को मौसम में बदलाव आएगा। फिलहाल चार दिनों तक शुष्क व गर्म हवा चलने के साथ ही भीषण गर्मी पड़ सकती है। इस समय दोपहर को सड़कों पर बहुत कम लोग दिखाई दे रहे हैं। बाजारों में रौनक गायब है। गर्मी के चलते ठंडे पेय पदार्थों की भी मांग बढ़ गई है।
विज्ञापन

सोमवार को दिन का आगाज तेज धूप के साथ हुआ। लोग दिनभर पसीने से तर बतर रहे। भीषण गर्मी के चलते लोग बहुत कम घरों से बाहर दिखाई दिए। पूरा दिन गर्म हवा की गति तेज होने के कारण इसका असर जनजीवन पर साफ देखने को मिला। गर्म हवा आदमी को बीमार करने का कारण बन रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ेगा। इससे हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ेगा। ऐसे में बच्चों, महिलाओं, वृद्धों और कामकाज के सिलसिले में बाहर घूमने वाले लोगों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। चिकित्सकों ने धीरे-धीरे बढ़ रही गर्मी से खुद की संभाल रखने की बात कही है। वहीं, इस समय किसान धान फसल की तैयारी में जुटे हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गर्म मौसम को देखते हुए पनीरी की सिंचाई शाम को करें और खेतों को धान रोपाई के लिए तैयार कर लें।
बॉक्स
गर्मी के साथ ही डीहाइड्रेशन, फूड पॉइजनिंग की बढ़ती है समस्या
गर्मी बढ़ने के साथ ही डीहाइड्रेशन, फूड पॉइजनिंग, शरीर में ऐंठन, बच्चों में ज्यादा पसीना, चिड़चिड़ापन, लाल त्वचा और थकावट जैसी समस्याएं बनने लगती हैं। गर्मी के मौसम में दूषित भोजन या पानी के सेवन के कारण फूड पॉइजनिंग हो सकती है। दिन में बढ़े तापमान के कारण भोजन पर बैक्टीरिया, वायरस, विषाक्त पदार्थ तेजी से पनपने लगते हैं, जो शरीर में प्रवेश करने के बाद पेट दर्द, दस्त या उल्टी जैसी समस्याओं का कारण बनते हैं। वहीं पानी की कमी से डिहाइड्रेशन की समस्या पनपती है। गर्मियों के दौरान हम पसीने के रूप में शरीर से बहुत सारा पानी खो देते हैं। अगर इसी अनुपात में अगर पानी न पिया जाए तो शरीर में इसकी कमी हो सकता है।
-डॉ. विनिता, फिजिशियन
बाॅक्स
इस तरह से करें बचाव
पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। समय-समय पर ओआरएस का घोल पीते रहें। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। बाहर का खाना खाने से बचें। ज्यादा गरम भोजन न करें। तरल पेय पदार्थों का खूब सेवन करें। धूप में घर से बाहर निकलते समय टोपी, साफा आदि से सिर ढंककर निकलें। महिलाएं गर्भावस्था में बार-बार थोड़ा-थोड़ा खाएं और पानी ज्यादा पिएं। हीट स्ट्रोक से बचने के लिए दोपहर को नंगे सिर बाहर जाने से बचें।

बाॅक्स
ऐसे फल और सब्जियों को खाएं, जिसमें पानी अधिक हो
गर्मी बढ़ने के साथ ही विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। सूर्य किरणों से बचने को सनस्क्रीन लगाएं। हमें अपने खाने में ऐसे फल और सब्जियों को शामिल करना चाहिए, जिनमें पानी की मात्रा ज्यादा हो। कैफीन वाले और मादक पेय से दूरी बनाए रखनी चाहिए। धूप के दौरान कपड़ों का चुनाव सही करना चाहिए और ढीले व हल्के रंग के कपड़े पहनें।
-डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस, नागरिक अस्पताल जींद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed