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सतगुरु के मुख से निकला हर शब्द वरदान : सुखदेव
Thu, 21 Aug 2025 11:43 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 21 Aug 2025 11:43 PM IST
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21जेएनडी01-रोहतक रोड पर आयोजित सत्संग में भाग लेते हुए श्रद्धालु। स्रोत : संगठन
जींद। महान शक्ति संगठन कला धाम के तत्वावधान में नई अनाज मंडी के पास ऋषि सुखदेव महाराज के सानिध्य में महा अखंड जाप व प्रवचन समारोह का आयोजन किया गया। ऋषि सुखदेव महाराज ने कहा कि सतगुरु के मुख से निकला हर शब्द वरदान होता है जो सुनकर उस पर चल पड़े वहीं विद्वान होता है।
उन्होंने कहा कि सत्संग, सेवा, सिमरन, दान करने और पूर्ण सतगुरु की ओर से बताए ज्ञान अमृत रूपी वचनों पर अमल करने से ही इंसान का कल्याण निश्चित है। यह मानव जीवन प्रभु भगवान ने अपने स्वार्थ के लिए नहीं दिया बल्कि सभी मनुष्यों की भलाई और परोपकार के लिए ही दिया है। जहां स्वार्थ और लालच इंसान को अज्ञान रूपी नश्वर संसार और नरक की ओर ले जाते हैं वहीं सत्य, ज्ञान और शुद्ध विचार इंसान को सत्य स्वरूप प्रभु भगवान की ओर ले जाते हैं और उनके सच्चे प्रेम और वास्तविक आनंद की प्राप्ति कराते हैं।
ऋषि सुखदेव महाराज ने कहा कि भगवान तो भक्त के पवित्र हृदय में ही वास करते हैं। भगवान से मिलन करने और उनकी अपार कृपा प्राप्त करने के लिए इंसान को जरूरतमंद जीवों की भलाई के कार्य कर परोपकार करते रहना चाहिए। शुभ कार्य करते हुए कभी भी मन में अहंकार नहीं लाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि सत्संग, सेवा, सिमरन, दान करने और पूर्ण सतगुरु की ओर से बताए ज्ञान अमृत रूपी वचनों पर अमल करने से ही इंसान का कल्याण निश्चित है। यह मानव जीवन प्रभु भगवान ने अपने स्वार्थ के लिए नहीं दिया बल्कि सभी मनुष्यों की भलाई और परोपकार के लिए ही दिया है। जहां स्वार्थ और लालच इंसान को अज्ञान रूपी नश्वर संसार और नरक की ओर ले जाते हैं वहीं सत्य, ज्ञान और शुद्ध विचार इंसान को सत्य स्वरूप प्रभु भगवान की ओर ले जाते हैं और उनके सच्चे प्रेम और वास्तविक आनंद की प्राप्ति कराते हैं।
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ऋषि सुखदेव महाराज ने कहा कि भगवान तो भक्त के पवित्र हृदय में ही वास करते हैं। भगवान से मिलन करने और उनकी अपार कृपा प्राप्त करने के लिए इंसान को जरूरतमंद जीवों की भलाई के कार्य कर परोपकार करते रहना चाहिए। शुभ कार्य करते हुए कभी भी मन में अहंकार नहीं लाना चाहिए।
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