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Jind News: बिजली निगम ने उपभोक्ता को भेजा 30 करोड़ का बिल
Thu, 19 Jun 2025 01:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 19 Jun 2025 01:11 AM IST
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18जेएनडी32-विजयपाल मघान, जिसको 30 करोड़ का बिजली बिल भेजा गया है। संवाद
जींद। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने एक उपभोक्ता को 30 करोड़ एक लाख 85 हजार 505 रुपये का बिजली बिल भेज दिया। इससे उपभोक्ता के पैरों तले की जमीन खिसक गई। उपभोक्ता ने निगम पर लापरवाही और जानबूझकर परेशान करने के आरोप लगाए हैं। निर्जन गांव निवासी विजयपाल मघान ने बताया कि सफीदों रोड पर उसका पेपर बोर्ड मिल है।
मिल का महीने का औसत बिल डेढ़ से दो लाख रुपये के करीब आता है। विजयपाल ने बिजली निगम के अधिकारियों से संपर्क किया तो उन्होंने यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया कि बिल हिसार से जनरेट होता है और इसमें वह कुछ नहीं कर सकते।
विजयपाल मघान ने कहा कि उसके बेटे एडवोकेट शिवम मघान ने 21 मई को एक आरटीआई लगाई थी, जिसमें उन्होंने अपने बिजली कनेक्शन को लेकर सवाल किए थे कि यह कनेक्शन कब इंस्टॉल हुआ था और इसकी कितनी सिक्योरिटी जमा की गई थी।
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आरटीआई के माध्यम से यह भी पूछा गया था कि जो सिक्योरिटी जमा की गई थी, उस पर ब्याज का क्या नियम है और निगम ने कब-कब ब्याज दिया है। मिल प्रबंधन को लगता है कि इस आईटीआई का जवाब देने की बजाय निगम ने उन्हें परेशान करने के लिए 30 करोड़ रुपये का बिजली बिल भेज दिया।
वहीं इस मामले में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के एसई मदनलाल ने कहा कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है, लेकिन अब वह इसका पता करवाएंगे और देखेंगे कि ऐसा क्यों हुआ है।
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मिल का महीने का औसत बिल डेढ़ से दो लाख रुपये के करीब आता है। विजयपाल ने बिजली निगम के अधिकारियों से संपर्क किया तो उन्होंने यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया कि बिल हिसार से जनरेट होता है और इसमें वह कुछ नहीं कर सकते।
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विजयपाल मघान ने कहा कि उसके बेटे एडवोकेट शिवम मघान ने 21 मई को एक आरटीआई लगाई थी, जिसमें उन्होंने अपने बिजली कनेक्शन को लेकर सवाल किए थे कि यह कनेक्शन कब इंस्टॉल हुआ था और इसकी कितनी सिक्योरिटी जमा की गई थी।
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आरटीआई के माध्यम से यह भी पूछा गया था कि जो सिक्योरिटी जमा की गई थी, उस पर ब्याज का क्या नियम है और निगम ने कब-कब ब्याज दिया है। मिल प्रबंधन को लगता है कि इस आईटीआई का जवाब देने की बजाय निगम ने उन्हें परेशान करने के लिए 30 करोड़ रुपये का बिजली बिल भेज दिया।
वहीं इस मामले में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के एसई मदनलाल ने कहा कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है, लेकिन अब वह इसका पता करवाएंगे और देखेंगे कि ऐसा क्यों हुआ है।