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Jind News: हसनपुर आरोही मॉडल स्कूल हॉस्टल में बिजली-पानी का संकट, अभिभावक परेशान
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27जेएनडी20: हसनपुर स्कूल हास्टल में पहुंचे पीने के पानी के कैंपर। स्रोत छात्राएं।
जींद। हसनपुर गांव स्थित आरोही मॉडल स्कूल के गर्ल्स हॉस्टल में रह रही छात्राएं मूलभूत सुविधाओं के अभाव में नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। हॉस्टल में पीने के पानी की भारी किल्लत है, जिसके चलते अभिभावकों को बाहर से पानी के कैंपरों का प्रबंध करना पड़ रहा है।
छात्राओं को यहां पर न तो पर्याप्त बिजली मिल रही है और न ही स्वच्छ जल। हॉस्टल में लगा सबमर्सिबल खारा और प्रदूषित पानी उगल रहा है। इससे छात्राओं को एलर्जी जैसी त्वचा संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के बावजूद रात के समय बिजली आपूर्ति ठप रहने से छात्राओं को पूरी रात जागकर बितानी पड़ती है।
प्रशासन की ओर से लगाया गया पांच किलोवाट का सोलर पैनल भी भार झेलने में अक्षम साबित हो रहा है। मजबूरन छात्राएं इस पानी का उपयोग कर रही हैं। इससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। दूसरी ओर, स्कूल की प्राचार्य ममता शर्मा का कहना है कि बिजली की समस्या सोलर पैनल की सीमित क्षमता के कारण है।
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उन्होंने दावा किया कि पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध है और अभिभावकों द्वारा लाए गए कैंपरों का भुगतान वार्डन द्वारा किया गया है। हालांकि, धरातल पर सुविधाओं की कमी के कारण छात्राओं की पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
वर्जन
मामला संज्ञान में नहीं है। वे जल्द हॉस्टल का निरीक्षण कर कमियों को दूर करेंगे और लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। -अनिल बाला चहल, खंड शिक्षा अधिकारी
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छात्राओं को यहां पर न तो पर्याप्त बिजली मिल रही है और न ही स्वच्छ जल। हॉस्टल में लगा सबमर्सिबल खारा और प्रदूषित पानी उगल रहा है। इससे छात्राओं को एलर्जी जैसी त्वचा संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के बावजूद रात के समय बिजली आपूर्ति ठप रहने से छात्राओं को पूरी रात जागकर बितानी पड़ती है।
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प्रशासन की ओर से लगाया गया पांच किलोवाट का सोलर पैनल भी भार झेलने में अक्षम साबित हो रहा है। मजबूरन छात्राएं इस पानी का उपयोग कर रही हैं। इससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। दूसरी ओर, स्कूल की प्राचार्य ममता शर्मा का कहना है कि बिजली की समस्या सोलर पैनल की सीमित क्षमता के कारण है।
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उन्होंने दावा किया कि पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध है और अभिभावकों द्वारा लाए गए कैंपरों का भुगतान वार्डन द्वारा किया गया है। हालांकि, धरातल पर सुविधाओं की कमी के कारण छात्राओं की पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
वर्जन
मामला संज्ञान में नहीं है। वे जल्द हॉस्टल का निरीक्षण कर कमियों को दूर करेंगे और लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। -अनिल बाला चहल, खंड शिक्षा अधिकारी