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Jind News: डीएपी के लिए मारामारी के चलते थाने में बांटनी पड़ी खाद
Mon, 11 Nov 2024 12:47 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 11 Nov 2024 12:47 AM IST
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10जेएनडी13-जुलाना थाने के बाहर लगी किसानों की लंबी कतारें। संवाद
जींद/जुलाना। जिले में 70 प्रतिशत एरिया में गेहूं की बिजाई का कार्य बाकी है, क्योंकि डीएपी के लिए जिले में मारामारी चल रही है। हालात ऐसे हो गए हैं रविवार को जुलाना थाने में डीएपी का वितरण किया गया, लेकिन खाद खत्म होने पर कुछ किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
गेहूं की बिजाई के क्षेत्रफल को देखते हुए जिले में लगभग 26 हजार मीट्रिक टन डीएपी खाद की आवश्यकता है। अभी तक 15,600 एमटी से भी अधिक खाद किसानों को उपलब्ध करवाई जा चुकी है। ऐसे में 11 हजार मीट्रिक टन डीएपी की और जरूरत है। रविवार को डीएपी के 1600 बैग सफीदों तथा एक हजार बैग पिल्लूखेड़ा खंड के किसानों व 1200 बैग अन्य निजी दुकानों, बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध करवाए गए।
रविवार को जुलाना में डीएपी के 1986 बैग आए, लेकिन अधिक किसानों के आने की वजह से कई को खाली हाथ लौटना पड़ा। डीएपी के लिए जुलाना में मारामारी इस कदर रही कि इसे जुलाना थाना में बंटवाना पड़ा। किसान और महिलाएं रात को ही सरकारी खरीद केंद्रों पर खाद लेने के लिए पहुंच जाते हैं, लेकिन पूरा-पूरा दिन इंतजार करने के बाद भी कई को खाली हाथ लौटना पड़ता है। जिले में सिर्फ 30 प्रतिशत क्षेत्र में गेहूं की बिजाई हो पाई है। खाद नहीं मिलने के कारण गेहूं की बिजाई का कार्य रुका हुआ है।
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धान कटाई के साथ ही गेहूं की अगेती बिजाई शुरू
इस समय धान की कटाई का सीजन चल रहा है। अभ भी काफी मात्रा में धान की कटाई बाकी है। वहीं जिन किसानों ने धान की कटाई कर ली है वह अब गेहूं की अगेती बिजाई पर लग गए हैं। गेहूं बिजाई की आवश्यकता को लेकर डीएपी की मांग बढ़ गई है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार गेहूं की बिजाई का कार्य 30 नवंबर तक चलेगा। ऐसे में किसानों को आवश्यकता अनुसार खाद उपलब्ध करवाए जाने की बात कही जा रही है। किसानों से आह्वान किया जा रहा है कि वह डीएपी का स्टॉक न करें।
किसानों को नियंत्रित करने के लिए करनी पड़ी मशक्कत
रविवार को हैफेड के कर्मचारी जुलाना में डीएपी खाद की गाड़ी लेकर पहुंचे तो थाने के बाहर किसानों की लंबी कतार लग गई। पुलिस को भी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। किसानों को जरूरत के अनुसार खाद नहीं मिल पा रही है। खाद की सप्लाई कम और उसे लेने वालों की संख्या अधिक होने की वजह से यह दिक्कत आ रही है। रविवार को जुलाना में डीएपी के 1986 बैग आए, मगर उसे लेने के लिए किसान इतनी ज्यादा संख्या में पहुंच गए कि कई को खाली हाथ लौटना पड़ा। किसानों की मांग है कि गेहूं की बिजाई को देखते हुए जल्द से जल्द खाद मुहैया करवाई जाए।
हैफेड खरीद केंद्र के मैनेजर राजू ने बताया कि जुलाना में डीएपी के 1986 बैग आए थे, मगर किसानों के हंगामे को देखते हुए उसे थाने में बंटवाया गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही यह निर्णय लिया गया है। ज्यादा बैग होने के कारण कैश ज्यादा हो जाता है। सुरक्षा के लिहाज से ही थाने में खाद बांटा गया है।
डीएपी खाद की कोई कमी नहीं है। विभिन्न एजेंसियां लगातार खाद की आपूर्ति कर रही हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों व अन्य संबंधित एजेंसियों को पहले ही दिशा निर्देश जारी किए गए हैं कि डीएपी खाद को लेकर कोई कालाबाजारी न होने दें। जिला प्रशासन भी इस बात को लेकर काफी गंभीर है। उन्होंने आढ़तियों और एजेंसियों को भी हिदायत दी हैं कि खाद का स्टॉक न करें। -मोहम्मद इमरान रजा, डीसी, जींद।
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गेहूं की बिजाई के क्षेत्रफल को देखते हुए जिले में लगभग 26 हजार मीट्रिक टन डीएपी खाद की आवश्यकता है। अभी तक 15,600 एमटी से भी अधिक खाद किसानों को उपलब्ध करवाई जा चुकी है। ऐसे में 11 हजार मीट्रिक टन डीएपी की और जरूरत है। रविवार को डीएपी के 1600 बैग सफीदों तथा एक हजार बैग पिल्लूखेड़ा खंड के किसानों व 1200 बैग अन्य निजी दुकानों, बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध करवाए गए।
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रविवार को जुलाना में डीएपी के 1986 बैग आए, लेकिन अधिक किसानों के आने की वजह से कई को खाली हाथ लौटना पड़ा। डीएपी के लिए जुलाना में मारामारी इस कदर रही कि इसे जुलाना थाना में बंटवाना पड़ा। किसान और महिलाएं रात को ही सरकारी खरीद केंद्रों पर खाद लेने के लिए पहुंच जाते हैं, लेकिन पूरा-पूरा दिन इंतजार करने के बाद भी कई को खाली हाथ लौटना पड़ता है। जिले में सिर्फ 30 प्रतिशत क्षेत्र में गेहूं की बिजाई हो पाई है। खाद नहीं मिलने के कारण गेहूं की बिजाई का कार्य रुका हुआ है।
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धान कटाई के साथ ही गेहूं की अगेती बिजाई शुरू
इस समय धान की कटाई का सीजन चल रहा है। अभ भी काफी मात्रा में धान की कटाई बाकी है। वहीं जिन किसानों ने धान की कटाई कर ली है वह अब गेहूं की अगेती बिजाई पर लग गए हैं। गेहूं बिजाई की आवश्यकता को लेकर डीएपी की मांग बढ़ गई है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार गेहूं की बिजाई का कार्य 30 नवंबर तक चलेगा। ऐसे में किसानों को आवश्यकता अनुसार खाद उपलब्ध करवाए जाने की बात कही जा रही है। किसानों से आह्वान किया जा रहा है कि वह डीएपी का स्टॉक न करें।
किसानों को नियंत्रित करने के लिए करनी पड़ी मशक्कत
रविवार को हैफेड के कर्मचारी जुलाना में डीएपी खाद की गाड़ी लेकर पहुंचे तो थाने के बाहर किसानों की लंबी कतार लग गई। पुलिस को भी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। किसानों को जरूरत के अनुसार खाद नहीं मिल पा रही है। खाद की सप्लाई कम और उसे लेने वालों की संख्या अधिक होने की वजह से यह दिक्कत आ रही है। रविवार को जुलाना में डीएपी के 1986 बैग आए, मगर उसे लेने के लिए किसान इतनी ज्यादा संख्या में पहुंच गए कि कई को खाली हाथ लौटना पड़ा। किसानों की मांग है कि गेहूं की बिजाई को देखते हुए जल्द से जल्द खाद मुहैया करवाई जाए।
हैफेड खरीद केंद्र के मैनेजर राजू ने बताया कि जुलाना में डीएपी के 1986 बैग आए थे, मगर किसानों के हंगामे को देखते हुए उसे थाने में बंटवाया गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही यह निर्णय लिया गया है। ज्यादा बैग होने के कारण कैश ज्यादा हो जाता है। सुरक्षा के लिहाज से ही थाने में खाद बांटा गया है।
डीएपी खाद की कोई कमी नहीं है। विभिन्न एजेंसियां लगातार खाद की आपूर्ति कर रही हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों व अन्य संबंधित एजेंसियों को पहले ही दिशा निर्देश जारी किए गए हैं कि डीएपी खाद को लेकर कोई कालाबाजारी न होने दें। जिला प्रशासन भी इस बात को लेकर काफी गंभीर है। उन्होंने आढ़तियों और एजेंसियों को भी हिदायत दी हैं कि खाद का स्टॉक न करें। -मोहम्मद इमरान रजा, डीसी, जींद।

10जेएनडी13-जुलाना थाने के बाहर लगी किसानों की लंबी कतारें। संवाद

10जेएनडी13-जुलाना थाने के बाहर लगी किसानों की लंबी कतारें। संवाद