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Jind News: सरकारी अस्पतालों के चिकित्सक 15 जुलाई को 11 बजे तक ओपीडी रखेंगे बंद
Sat, 13 Jul 2024 04:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 13 Jul 2024 04:36 AM IST
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12जेएनडी08: मांगों को लेकर सीएमओ डॉ. गोपाल गोयल को ज्ञापन सौंपते हुए एचसीएमएस एसोसिएशन पदाधिकार
जींद। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (एचसीएमएस) के आह्वान पर जिलेभर के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सक 15 जुलाई को 11 बजे तक हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान ओपीडी नहीं की जाएगी। हालांकि इस दौरान जनसेवा को देखते हुए इमरजेंसी व पोस्टमार्टम सेवाओं को बहाल रखा जाएगा। इसी को लेकर शुक्रवार को लेकर एसोसिएशन सदस्यों ने प्रधान डॉ. बिजेंद्र ढांडा के नेतृत्व में सीएमओ डॉ. गोपाल गोयल को ज्ञापन सौंपा।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के आह्वान पर चिकित्सक एचसीएमएस प्रधान डॉ. बिजेंद्र ढांडा के नेतृत्व में एकत्रित हुए। उन्होंने कहा कि सरकार और एचसीएमएस एसोसिएशन के बीच आपसी सहमति के बाद डाक्टरों ने छह माह पहले अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था। आजतक मानी गई मांगें पूरी नहीं हो पाई हैं। स्पेशलिस्ट कॉडर, एसएमओ की सीधी भर्ती रोकने और केंद्रीय सरकारी डाक्टरों के समान एसीपी भत्तों की मांग पूरी नहीं होने पर डाक्टरों में नाराजगी बढ़ी है।
डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि मेडिकल आफिसर के 3900 पदों में से 1100, एसएमओ के 636 पदों में से 250 पद और निदेशक के आठ पदों में से पांच पद खाली हैं। राज्य के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञों की भारी कमी है लेकिन स्पेशलिस्ट कॉडर का प्रस्ताव वित्त विभाग में पिछले चार महीने से अटका हुआ है।
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पीजी बॉड की राशि में कमी का प्रस्ताव भी छह महीने से लंबित है। डॉक्टरों (एमओ) से (एसएमओ) के नियमित पदोन्नति की फाइल भी पिछले डेढ़ साल से देरी से चल रही है। जो डॉक्टर 2002 में एमओ के रूप में शामिल हुए थे, वे अभी भी पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह वास्तव में दुखद है कि डाक्टर (कक्षा 1 अधिकारी) बुनियादी मुद्दों जैसे नियमित पदोन्नति, एसीपी, प्रोबेशन क्लीयरेंस आदि के लिए संघर्ष कर रहे हैं और उनका शोषण हो रहा है। मांगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग तथा अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है लेकिन मांगों को पूरा करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। जिसके चलते मजबूरन चिकित्सकों को यह कदम उठाना पड़ रहा है। इस अवसर पर डॉ. संदीप लोहान, डॉ. मंजू भी मौजूद थी।
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हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के आह्वान पर चिकित्सक एचसीएमएस प्रधान डॉ. बिजेंद्र ढांडा के नेतृत्व में एकत्रित हुए। उन्होंने कहा कि सरकार और एचसीएमएस एसोसिएशन के बीच आपसी सहमति के बाद डाक्टरों ने छह माह पहले अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था। आजतक मानी गई मांगें पूरी नहीं हो पाई हैं। स्पेशलिस्ट कॉडर, एसएमओ की सीधी भर्ती रोकने और केंद्रीय सरकारी डाक्टरों के समान एसीपी भत्तों की मांग पूरी नहीं होने पर डाक्टरों में नाराजगी बढ़ी है।
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डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि मेडिकल आफिसर के 3900 पदों में से 1100, एसएमओ के 636 पदों में से 250 पद और निदेशक के आठ पदों में से पांच पद खाली हैं। राज्य के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञों की भारी कमी है लेकिन स्पेशलिस्ट कॉडर का प्रस्ताव वित्त विभाग में पिछले चार महीने से अटका हुआ है।
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पीजी बॉड की राशि में कमी का प्रस्ताव भी छह महीने से लंबित है। डॉक्टरों (एमओ) से (एसएमओ) के नियमित पदोन्नति की फाइल भी पिछले डेढ़ साल से देरी से चल रही है। जो डॉक्टर 2002 में एमओ के रूप में शामिल हुए थे, वे अभी भी पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह वास्तव में दुखद है कि डाक्टर (कक्षा 1 अधिकारी) बुनियादी मुद्दों जैसे नियमित पदोन्नति, एसीपी, प्रोबेशन क्लीयरेंस आदि के लिए संघर्ष कर रहे हैं और उनका शोषण हो रहा है। मांगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग तथा अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है लेकिन मांगों को पूरा करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। जिसके चलते मजबूरन चिकित्सकों को यह कदम उठाना पड़ रहा है। इस अवसर पर डॉ. संदीप लोहान, डॉ. मंजू भी मौजूद थी।